15 अगस्त 2026
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हरियाणा की कृषि पहलें देश के लिए मॉडल: शिवराज सिंह चौहान ने रेवाड़ी में 'हरियाणा एफपीओ मिशन-2026' लॉन्च किया

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हरियाणा की कृषि पहलें देश के लिए मॉडल: शिवराज सिंह चौहान ने रेवाड़ी में 'हरियाणा एफपीओ मिशन-2026' लॉन्च किया

सारांश

रेवाड़ी में 'खेत बचाओ अभियान' के समापन पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा को राष्ट्रीय कृषि मॉडल बताया। 24 फसलों पर एमएसपी और 'भावान्तर भरपाई योजना' जैसी पहलों की तारीफ करते हुए 'हरियाणा एफपीओ मिशन-2026' लॉन्च किया गया।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 30 जून 2026 को रेवाड़ी में हरियाणा की कृषि पहलों को देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ 'खेत बचाओ अभियान' के समापन समारोह में 'हरियाणा एफपीओ मिशन-2026' लॉन्च किया गया।
हरियाणा 24 फसलों पर एमएसपी देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल; 'भावान्तर भरपाई योजना' , 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' और 'मेरा पानी-मेरी विरासत' योजनाओं की विशेष सराहना।
हरियाणा देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का मात्र 1.3% होने के बावजूद केंद्रीय अनाज भंडार में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता राज्य है।
चौहान ने यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताते हुए किसानों से संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने का आग्रह किया।

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 30 जून 2026 को रेवाड़ी में कहा कि देश के अनेक राज्य हरियाणा की कृषि पहलों से प्रेरणा ले सकते हैं। उन्होंने टिकाऊ और लाभदायक खेती को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए हरियाणा को कृषि परिवर्तन का एक सशक्त केंद्र करार दिया।

कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम

केंद्रीय मंत्री चौहान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ 'खेत बचाओ अभियान' के समापन समारोह में शामिल होने के लिए रेवाड़ी पहुँचे। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने कृषि नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली एक कृषि-औद्योगिक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और 'हरियाणा एफपीओ मिशन-2026' को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। समारोह में मिट्टी की सेहत, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों और जन-भागीदारी से किसानों की आय बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया।

शिवराज सिंह चौहान के प्रमुख बयान

चौहान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज़ी से विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है, लेकिन यह लक्ष्य उन्नत खेती और समृद्ध किसानों के बिना अधूरा है। उन्होंने किसानों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया और कहा कि केंद्र सरकार खेती को अधिक लाभदायक, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने हरियाणा की योजनाओं की विशेष सराहना करते हुए कहा कि राज्य 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। 'भावान्तर भरपाई योजना', 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' और 'मेरा पानी-मेरी विरासत' जैसी योजनाओं ने किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी योगदान दिया है। चौहान ने कहा, "एक समय था जब भारत को विदेशों से अनाज आयात करना पड़ता था, लेकिन आज हरियाणा जैसे राज्यों के किसानों की कड़ी मेहनत की बदौलत देश अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बन गया है।"

केंद्रीय मंत्री ने किसानों को सचेत किया कि यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को क्षति पहुँचा रहा है, पोषक तत्वों का संतुलन बिगाड़ रहा है और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि उर्वरकों का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार और संतुलित मात्रा में किया जाए।

मुख्यमंत्री सैनी का वक्तव्य

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर कहा कि भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का मात्र 1.3 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद हरियाणा ने कृषि क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि हरियाणा केंद्रीय अनाज भंडार में योगदान देने वाला दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जो यहाँ के किसानों की अदम्य मेहनत और समर्पण का प्रमाण है।

सैनी ने हरियाणा को देश की खाद्य सुरक्षा का एक मज़बूत आधार बताते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि भविष्य में भी हरियाणा देश के 'फूड बाउल' के रूप में अपनी केंद्रीय भूमिका निभाता रहे।

आम जनता और किसानों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में मिट्टी की घटती उर्वरता और रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग को लेकर चिंता बढ़ रही है। 'हरियाणा एफपीओ मिशन-2026' के ज़रिये किसान उत्पादक संगठनों को मज़बूत कर छोटे और सीमांत किसानों को सामूहिक सौदेबाज़ी की ताकत देने का प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब है कि हरियाणा पहले से ही 1.4 अरब भारतीयों की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है और इस मिशन से राज्य के किसानों की आय और बाज़ार पहुँच दोनों बेहतर होने की उम्मीद है।

आगे की राह

केंद्रीय मंत्री चौहान ने भरोसा जताया कि वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीकों और किसानों की सक्रिय भागीदारी से भारत एक सशक्त वैश्विक कृषि शक्ति के रूप में उभरेगा। हरियाणा की योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने की संभावना अब नीति-निर्माताओं के एजेंडे पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या राज्य की सफलता — जो मुख्यतः गेहूँ-धान के एमएसपी-समर्थित चक्र पर टिकी है — देश के विविध कृषि-जलवायु क्षेत्रों में दोहराई जा सकती है। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग की चेतावनी स्वागतयोग्य है, लेकिन हरियाणा खुद इस समस्या से अछूता नहीं रहा है — भूजल संकट और मिट्टी की घटती उर्वरता यहाँ की पुरानी चुनौतियाँ हैं। 'हरियाणा एफपीओ मिशन-2026' की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि एफपीओ को बाज़ार से वास्तविक जुड़ाव मिले, न कि वे महज़ सरकारी सब्सिडी के वाहक बनकर रह जाएँ।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'हरियाणा एफपीओ मिशन-2026' क्या है?
यह हरियाणा सरकार की एक पहल है जिसे 30 जून 2026 को रेवाड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संयुक्त रूप से लॉन्च किया। इसका उद्देश्य किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सशक्त कर छोटे और सीमांत किसानों की बाज़ार पहुँच और आय बढ़ाना है।
'खेत बचाओ अभियान' का समापन समारोह किस बारे में था?
'खेत बचाओ अभियान' हरियाणा सरकार का एक कृषि संरक्षण अभियान है जिसका समापन समारोह 30 जून 2026 को रेवाड़ी में आयोजित हुआ। इसमें मिट्टी की सेहत, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।
हरियाणा कितनी फसलों पर एमएसपी देता है?
हरियाणा 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे राज्य की कृषि नीति की एक उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।
हरियाणा की कौन-सी कृषि योजनाओं की तारीफ की गई?
केंद्रीय मंत्री चौहान ने 'भावान्तर भरपाई योजना', 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' और 'मेरा पानी-मेरी विरासत' की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी योगदान दिया है।
अनाज उत्पादन में हरियाणा की क्या भूमिका है?
हरियाणा देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का मात्र 1.3 प्रतिशत होने के बावजूद केंद्रीय अनाज भंडार में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता राज्य है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे राज्य के किसानों की मेहनत और समर्पण का प्रमाण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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