हरियाणा की कृषि पहलें देश के लिए मॉडल: शिवराज सिंह चौहान ने रेवाड़ी में 'हरियाणा एफपीओ मिशन-2026' लॉन्च किया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 30 जून 2026 को रेवाड़ी में कहा कि देश के अनेक राज्य हरियाणा की कृषि पहलों से प्रेरणा ले सकते हैं। उन्होंने टिकाऊ और लाभदायक खेती को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए हरियाणा को कृषि परिवर्तन का एक सशक्त केंद्र करार दिया।
कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम
केंद्रीय मंत्री चौहान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ 'खेत बचाओ अभियान' के समापन समारोह में शामिल होने के लिए रेवाड़ी पहुँचे। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने कृषि नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली एक कृषि-औद्योगिक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और 'हरियाणा एफपीओ मिशन-2026' को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। समारोह में मिट्टी की सेहत, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों और जन-भागीदारी से किसानों की आय बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया।
शिवराज सिंह चौहान के प्रमुख बयान
चौहान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेज़ी से विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है, लेकिन यह लक्ष्य उन्नत खेती और समृद्ध किसानों के बिना अधूरा है। उन्होंने किसानों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया और कहा कि केंद्र सरकार खेती को अधिक लाभदायक, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने हरियाणा की योजनाओं की विशेष सराहना करते हुए कहा कि राज्य 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। 'भावान्तर भरपाई योजना', 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' और 'मेरा पानी-मेरी विरासत' जैसी योजनाओं ने किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी योगदान दिया है। चौहान ने कहा, "एक समय था जब भारत को विदेशों से अनाज आयात करना पड़ता था, लेकिन आज हरियाणा जैसे राज्यों के किसानों की कड़ी मेहनत की बदौलत देश अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बन गया है।"
केंद्रीय मंत्री ने किसानों को सचेत किया कि यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को क्षति पहुँचा रहा है, पोषक तत्वों का संतुलन बिगाड़ रहा है और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि उर्वरकों का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार और संतुलित मात्रा में किया जाए।
मुख्यमंत्री सैनी का वक्तव्य
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर कहा कि भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का मात्र 1.3 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद हरियाणा ने कृषि क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि हरियाणा केंद्रीय अनाज भंडार में योगदान देने वाला दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जो यहाँ के किसानों की अदम्य मेहनत और समर्पण का प्रमाण है।
सैनी ने हरियाणा को देश की खाद्य सुरक्षा का एक मज़बूत आधार बताते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि भविष्य में भी हरियाणा देश के 'फूड बाउल' के रूप में अपनी केंद्रीय भूमिका निभाता रहे।
आम जनता और किसानों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में मिट्टी की घटती उर्वरता और रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग को लेकर चिंता बढ़ रही है। 'हरियाणा एफपीओ मिशन-2026' के ज़रिये किसान उत्पादक संगठनों को मज़बूत कर छोटे और सीमांत किसानों को सामूहिक सौदेबाज़ी की ताकत देने का प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब है कि हरियाणा पहले से ही 1.4 अरब भारतीयों की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है और इस मिशन से राज्य के किसानों की आय और बाज़ार पहुँच दोनों बेहतर होने की उम्मीद है।
आगे की राह
केंद्रीय मंत्री चौहान ने भरोसा जताया कि वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीकों और किसानों की सक्रिय भागीदारी से भारत एक सशक्त वैश्विक कृषि शक्ति के रूप में उभरेगा। हरियाणा की योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने की संभावना अब नीति-निर्माताओं के एजेंडे पर है।