अमित शाह ने लुधियाना विजयदशमी पर 'चिट्टे के रावण' का दहन किया, 2029 तक नशामुक्त पंजाब का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को लुधियाना में विजयदशमी उत्सव में भाग लिया और नशे के प्रतीक स्वरूप बनाए गए 'चिट्टे के रावण' का दहन किया। यह कार्यक्रम उस रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित किया गया जो पिछले 200 वर्षों से लुधियाना में रावण दहन का आयोजन करती आ रही है।
विजयदशमी संदेश और परंपरा का महत्त्व
अपने संबोधन में शाह ने कहा कि रावण दहन की परंपरा बुराई पर अच्छाई की जीत का सनातन प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'विजयदशमी का दिन हर व्यक्ति को अपने अंदर के अहंकार, मद, लोभ और अन्य बुराइयों को समाप्त करने का दिन है।' शाह ने यह भी कहा कि वे बचपन से सुनते आए थे कि रावण दहन देखना है तो लुधियाना आओ, और आज वह इच्छा पूरी हुई।
नशे से जान गँवाने वाले परिवारों से मुलाकात
गृह मंत्री ने बताया कि उन्होंने इस दौरे में पंजाब के तीन स्थानों पर नशे के कारण अपने बेटों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उन परिवारों की आँखों के आँसू, उनके सवाल और वेदना किसी भी व्यक्ति को झकझोर देने वाली है।
सीबीआई जाँच की माँग और सरकार का रुख
शाह ने कहा कि पंजाब सरकार ने एक हत्या की जाँच CBI को सौंपी है और उन्होंने राज्य सरकार से माँग की कि शेष दो हत्याओं की जाँच भी CBI को सौंपी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बार CBI जाँच शुरू होने के बाद, इन हत्याओं में कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति संलिप्त हो, मोदी सरकार उसे जेल भेजेगी।
2029 तक नशामुक्त पंजाब का संकल्प
विजयदशमी के अवसर पर शाह ने ऐलान किया कि 31 दिसंबर 2029 तक पूरे पंजाब को नशे के कारोबार से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे की लत में जान गँवाने वाले तीनों युवाओं को इससे बड़ी श्रद्धांजलि कोई नहीं हो सकती। शाह ने जनता से अपील की कि NCB की टोल-फ्री हेल्पलाइन पर नशे के कारोबार की सूचना दें, और सरकार उस पर कार्रवाई करेगी।
धारा 370 और नक्सलवाद का उल्लेख
शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि धारा 370 और अनुच्छेद 35A समाप्त हो चुके हैं, आतंकवाद समाप्ति की कगार पर है, और नक्सलवाद को खत्म कर दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे के विरुद्ध केंद्र-राज्य संबंधों पर राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि गृह मंत्री का यह बयान राज्य की आप सरकार पर अप्रत्यक्ष दबाव के रूप में भी देखा जा रहा है।