विजयादशमी 2026: अमित शाह और ओम बिड़ला ने देशवासियों को दीं हार्दिक शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने 20 अक्टूबर 2026 को देशभर में धूमधाम से मनाए जा रहे विजयादशमी पर्व के अवसर पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी महानवमी के अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए शांति और समृद्धि की कामना की।
गृह मंत्री अमित शाह का संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'यह त्योहार हमें कर्तव्य, धर्म और सम्मान के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।' शाह ने यह भी कामना की कि प्रभु श्री राम की कृपा से सभी के जीवन में आनंद और नई ऊर्जा का संचार हो।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए विजयादशमी को 'केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और सदाचार में अटूट विश्वास का प्रतीक' बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि अन्याय और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।
बिड़ला ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि इस विजयादशमी पर अहंकार, अन्याय और नकारात्मकता का त्याग कर सत्य, मर्यादा और नैतिकता के मार्ग पर चलने का संकल्प लें।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की शुभकामनाएं
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से महानवमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि यह पवित्र अवसर हर घर में शांति, समृद्धि, खुशहाली और सौभाग्य लेकर आए तथा सभी के लिए नई उम्मीदें और कल्याण का मार्ग प्रशस्त करे।
देशभर में विजयादशमी का उत्सव
20 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में विजयादशमी (दशहरा) बड़े धूमधाम से मनाई जा रही है। यह त्योहार असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक के रूप में सदियों से भारतीय संस्कृति में मनाया जाता रहा है। देश के प्रमुख नेताओं और संवैधानिक पदाधिकारियों की ओर से इस अवसर पर जन-जन तक शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है, जो भारत की सांस्कृतिक एकता और विविधता में एकता के संदेश को और प्रगाढ़ करता है।