अमित शाह के जन्मदिन पर रिजिजू, रामदेव और मुख्यमंत्रियों ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के जन्मदिन पर 22 अक्टूबर 2026 को देशभर के नेताओं और著名 हस्तियों ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, योग गुरु बाबा रामदेव, और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी बधाई साझा की।
भाजपा का संदेश
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक्स पर एक संदेश में लिखा कि 'मजबूत इरादे, निर्णायक नेतृत्व और देश की सुरक्षा — यही अमित शाह की पहचान है।' पार्टी ने धारा 370 की समाप्ति, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के क्रियान्वयन, नए आपराधिक कानूनों में बदलाव और नक्सलवाद पर कार्रवाई को शाह की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया।
किरेन रिजिजू का संदेश
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट करते हुए शाह को 'भारत के सर्वाधिक लंबे समय तक गृह मंत्री के रूप में सेवाएँ देने वाले कुशल रणनीतिकार' बताया। रिजिजू ने लिखा कि शाह की राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता और कुशल नेतृत्व प्रेरणास्रोत है तथा ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
मुख्यमंत्रियों की शुभकामनाएँ
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में शाह की राष्ट्र की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने बाबा महाकाल से शाह के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना की।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर शाह को 'नक्सलमुक्त भारत का शिल्पकार' और 'अनुशासन एवं कर्मठता का प्रतीक' बताते हुए शुभकामनाएँ दीं। साय ने लिखा कि शाह के नेतृत्व में राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के कार्य निरंतर नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करें।
बाबा रामदेव का आशीर्वाद संदेश
योग गुरु बाबा रामदेव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए शाह को 'लोकतंत्र, संविधान और सनातन धर्म के विग्रहवान स्वरूप' बताया। रामदेव ने इच्छा व्यक्त की कि शाह के नेतृत्व में भारत विश्व का नेतृत्व करने में समर्थ बने और सनातन धर्म की प्रतिष्ठा जन-जन तक फैले। उन्होंने शाह की दीर्घायु के लिए भी प्रार्थना की।
अमित शाह की प्रमुख उपलब्धियाँ
शाह को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत गृह मंत्रियों में गिना जाता है। उनके कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, CAA का क्रियान्वयन, नई आपराधिक संहिताओं का लागू होना और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में नक्सल-विरोधी अभियानों में तेज़ी प्रमुख कदम रहे हैं। आगे आने वाले महीनों में उनकी नीतियों की दिशा पर सभी की नज़र बनी रहेगी।