चीन का एआई विकास विश्व में अग्रणी: 10,000+ स्मार्ट कारखाने, 15वीं पंचवर्षीय योजना में 'एआई+' विस्तार
सारांश
मुख्य बातें
चीन के राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को बीजिंग में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विकास और अनुप्रयोग के पैमाने पर चीन विश्व में अग्रणी स्थान पर है। आयोग के अनुसार, 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के दौरान देश 'एआई+' कार्यक्रम का विस्तार करेगा और इसे अधिक क्षेत्रों में लागू करना सुनिश्चित करेगा।
औद्योगिक क्षेत्र में एआई की उपलब्धियाँ
आयोग के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र में चीन अब तक 10,000 से अधिक उन्नत स्तर के स्मार्ट कारखाने स्थापित कर चुका है। ये कारखाने उत्पादन दक्षता, गुणवत्ता नियंत्रण और ऊर्जा प्रबंधन में एआई का व्यापक उपयोग कर रहे हैं। यह संख्या चीन की विनिर्माण क्षमता में एआई के गहरे एकीकरण को दर्शाती है।
कृषि और सेवा क्षेत्र में बदलाव
कृषि क्षेत्र में एआई-संचालित तकनीकों के उपयोग से कीटनाशकों और उर्वरकों की खपत में उल्लेखनीय कमी आई है तथा खेत प्रबंधन अधिक सटीक हुआ है। सेवा क्षेत्र में वित्त, रसद और विदेश व्यापार जैसे क्षेत्रों में एआई का व्यापक प्रवेश हो चुका है।
आयोग के अनुसार, एआई एजेंट अब स्वायत्त रूप से अनुबंध समीक्षा, सीमा शुल्क घोषणा, कर भुगतान और बीमा दावों के मूल्यांकन जैसे जटिल कार्य संपन्न कर सकते हैं। इससे नए व्यावसायिक मॉडल और नवाचार के रास्ते खुल रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवा में एआई की भूमिका
स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई ने रोग जांच की बाधाओं को काफी हद तक कम किया है। आयोग के मुताबिक, चीन में 8,000 से अधिक प्राथमिक चिकित्सा संस्थान अब क्लाउड-आधारित एआई इमेजिंग सेवा से जुड़ चुके हैं, जिससे निदान की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज़ के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
15वीं पंचवर्षीय योजना में 'एआई+' की रणनीति
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर एआई तकनीक में प्रभुत्व के लिए अमेरिका, यूरोप और एशियाई देशों के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा जारी है। 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) की अवधि में चीन का ध्यान व्यावहारिक अनुप्रयोगों के माध्यम से तकनीकी नवाचार को गति देने पर रहेगा। आयोग ने संकेत दिया कि 'एआई+' कार्यक्रम को और अधिक क्षेत्रों — जैसे शिक्षा, ऊर्जा और शहरी प्रशासन — में विस्तारित किया जाएगा।
आगे क्या
गौरतलब है कि चीन ने एआई में वैश्विक नेतृत्व का दावा ऐसे समय किया है जब अमेरिका द्वारा सेमीकंडक्टर निर्यात प्रतिबंधों के बावजूद चीनी कंपनियाँ अपने देशज एआई मॉडल विकसित करने में सफल रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अगले पाँच वर्षों में 'एआई+' कार्यक्रम की सफलता यह तय करेगी कि चीन तकनीकी स्वायत्तता के अपने लक्ष्य को किस हद तक हासिल कर पाता है।