चीन में एआई तकनीक का विस्तार: ओपन-सोर्स मॉडल के 1,000 करोड़ से अधिक डाउनलोड, विनिर्माण में 30% प्रयोग दर
सारांश
मुख्य बातें
चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मुख्य इंजीनियर वांग वेईमिंग ने 20 जुलाई को बीजिंग में आयोजित एक सरकारी न्यूज ब्रीफिंग में कहा कि चीन की एआई नवाचार क्षमता में इस वर्ष उल्लेखनीय तेज़ी आई है और सिलसिलेवार तकनीकी उपलब्धियाँ सामने आ रही हैं। चीनी राज्य परिषद के न्यूज कार्यालय द्वारा आयोजित इस ब्रीफिंग में एआई क्षेत्र में देश की प्रगति के व्यापक आँकड़े साझा किए गए।
एआई+ का औद्योगिक विस्तार
वांग वेईमिंग के अनुसार, चीन ने 'एआई+' रणनीति का गहन रूप से विस्तार किया है। सालाना आय दो करोड़ युआन से अधिक वाले राजकीय विनिर्माण उद्यमों में एआई तकनीक के प्रयोग की दर 30 प्रतिशत से अधिक हो गई है। यह आँकड़ा इस बात का संकेत है कि एआई अब केवल तकनीकी प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं, बल्कि औद्योगिक उत्पादन की मुख्यधारा में प्रवेश कर चुका है।
इसके साथ ही, चीन के ओपन-सोर्स एआई लार्ज मॉडल के कुल वैश्विक डाउनलोड की संख्या 10 अरब (1,000 करोड़) से अधिक हो चुकी है — जो वैश्विक एआई समुदाय में चीनी मॉडलों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है। राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रमुख परियोजनाओं की नेतृत्वकारी भूमिका के तहत अहम तकनीकों के विकास में भी प्रगति दर्ज की गई है।
औद्योगिक मानकों में व्यापक सुधार
मंत्रालय के अनुसार, औद्योगिक ढाँचे को मज़बूत करने के लिए चीन ने 114 नए अनिवार्य राष्ट्रीय मानक और 1,403 उद्योग मानक निर्धारित किए हैं। ये मानक विनिर्माण उद्योग की प्रमुख आपूर्ति श्रृंखलाओं के उच्च-गुणवत्ता विकास को दिशा देने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर एआई मानकीकरण को लेकर अमेरिका और यूरोपीय संघ भी सक्रिय हैं। चीन का यह कदम अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मानक-निर्धारण में अपनी भूमिका को सुदृढ़ करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पुरानी से नई गतिज ऊर्जा की ओर बदलाव
मुख्य तकनीकों के नवीनीकरण, उपकरणों के बड़े पैमाने पर अपग्रेड और विनिर्माण श्रृंखलाओं के पुनर्गठन के ज़रिए चीन में पारंपरिक उद्योगों से नई तकनीक-आधारित गतिज ऊर्जा की ओर सुचारू बदलाव हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इससे औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखला का लचीलापन और सुरक्षा स्तर भी उन्नत हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संरचनात्मक बदलाव चीन की दीर्घकालिक तकनीकी प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए निर्णायक साबित हो सकता है, विशेषकर तब जब पश्चिमी देश चीनी तकनीक पर निर्यात प्रतिबंध लगा रहे हैं।
आगे की राह
चीन की यह एआई-केंद्रित औद्योगिक रणनीति आने वाले वर्षों में और गहरी होने की संभावना है। 'एआई+' के विस्तार के साथ-साथ नए राष्ट्रीय मानकों का क्रियान्वयन चीन के विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रखने का प्रयास है। विश्लेषकों के अनुसार, ओपन-सोर्स मॉडलों की वैश्विक स्वीकार्यता चीन को एआई कूटनीति में भी एक नया उपकरण देती है।