घुसपैठियों को बचा रहे हैं राहुल और ममता, ECI मतदाता सूची साफ करने में लगा है: सीएम सुवेंदु अधिकारी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को आरोप लगाया कि जहाँ भारत निर्वाचन आयोग (ECI) मतदाता सूची से घुसपैठियों को हटाने का काम कर रहा है, वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी उन्हें बचाने की कोशिश में लगे हैं। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री का सीधा आरोप
अधिकारी ने कहा, 'आजकल उन्हें किसी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाता, यहाँ तक कि किसी दुर्गा पूजा पंडाल के उद्घाटन में भी नहीं। अब उन्होंने रामलीला मैदान में भाषण दिया और चुनाव आयोग पर वोट चोरी करने का आरोप लगाया।' उन्होंने आगे कहा, 'जहाँ एक तरफ केंद्र सरकार और चुनाव आयोग देश को घुसपैठियों से मुक्त करने और मतदाता सूची को साफ करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, वहीं ममता बनर्जी और राहुल गांधी उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।'
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ममता बनर्जी द्वारा दिए गए भाषण पर निशाना साधा, जिसमें बनर्जी ने ECI पर आरोप लगाए थे। उन्होंने विपक्ष पर केंद्र सरकार के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को बाधित करने का भी आरोप लगाया।
स्मृति ईरानी का तृणमूल पर हमला
इसी दिन कोलकाता में मौजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महासचिव स्मृति ईरानी ने भी पश्चिम बंगाल में TMC की पूर्व सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली तृणमूल सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल में बसाने में मदद की, ताकि वे 'पक्का वोट बैंक' बन सकें।
ईरानी ने कहा, 'अब, पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद, ममता बनर्जी नई दिल्ली जा रही हैं ताकि वहाँ चुनाव आयोग विरोधी आंदोलन का हिस्सा बन सकें। जहाँ तक कांग्रेस की बात है, तो हर चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग को दोष देना उनकी आदत रही है।' गौरतलब है कि यह बयान 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद उभरे राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में आया है।
पश्चिम बंगाल BJP प्रमुख की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि अगर कांग्रेस, सीपीआई (एम) और तृणमूल कांग्रेस को 2026 के विधानसभा चुनाव नतीजों से शिकायत है, तो उन्हें राज्य के भीतर ही आंदोलन करना चाहिए था, न कि नई दिल्ली में।
भट्टाचार्य ने कहा, 'ममता बनर्जी, अधीर रंजन चौधरी और मो. सलीम को पश्चिम बंगाल में विरोध रैली का नेतृत्व करना चाहिए था। ऐसा करने के बजाय, ये तीनों गुट नई दिल्ली में हाथ मिला रहे हैं।' यह बयान तब आया है जब विभिन्न विपक्षी दल राजधानी में ECI के खिलाफ साझा मोर्चा बनाते नजर आ रहे हैं।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद राज्य की राजनीति में व्यापक उथल-पुथल है। घुसपैठ का मुद्दा BJP के लिए एक प्रमुख चुनावी एजेंडा रहा है, जबकि विपक्ष इसे अल्पसंख्यक और प्रवासी समुदायों को निशाना बनाने की राजनीति करार देता है। आलोचकों का कहना है कि मतदाता सूची सफाई अभियान की आड़ में वैध नागरिकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
आने वाले दिनों में ECI, केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच यह टकराव और गहरा होने की संभावना है, खासकर जब दिल्ली में विपक्षी एकता की कवायद जारी है।