वूचन शिखर सम्मेलन 2026: ली छ्यांग ने AI और इंटरनेट गवर्नेंस पर तीन सूत्री एजेंडा रखा
सारांश
मुख्य बातें
चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 3 नवंबर 2026 को चच्यांग प्रांत के वूचन में आयोजित विश्व इंटरनेट सम्मेलन वूचन शिखर सम्मेलन 2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्य भाषण दिया। इस वार्षिक सम्मेलन के 13वें संस्करण में लगभग 1,800 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें कई देशों के सरकारी अधिकारी, संयुक्त राष्ट्र सहित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख, वैश्विक इंटरनेट उद्यमों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल रहे।
ली छ्यांग के तीन प्रमुख विचार
अपने संबोधन में ली छ्यांग ने तीन केंद्रीय बिंदु प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि 13 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहे इस सम्मेलन की मूल चिंता कभी नहीं बदली — वह यह कि इंटरनेट मानवता के लिए बेहतर लाभ कैसे सुनिश्चित करे।
पहले बिंदु में उन्होंने कहा कि इंटरनेट विकास अब बुद्धिमान परिवर्तन और प्रणालीगत छलांग के दौर में है। उनके अनुसार इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का एकीकरण तेज हो रहा है — यह अब केवल बुनियादी ढाँचा नहीं, बल्कि एक नई जीवनशैली बन चुका है; केवल तकनीकी साधन नहीं, बल्कि औद्योगिक परिवर्तन की गतिशीलता है; और केवल सूचना का वाहक नहीं, बल्कि बुद्धिमान उत्पादन की शक्ति है।
मानव-केंद्रित मूल्य और साइबर स्पेस
दूसरे बिंदु में ली छ्यांग ने कहा कि इंटरनेट विकास का अंतिम लक्ष्य मनुष्य के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना होना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इंटरनेट से जुड़ी प्रौद्योगिकियों को मनुष्य की क्षमता बढ़ानी चाहिए, उसके विकल्पों का विस्तार करना चाहिए और उसके कल्याण को बढ़ाना चाहिए — न कि मनुष्य को प्रौद्योगिकी का पराधीन बनने देना चाहिए। उन्होंने यह भी चेताया कि प्रौद्योगिकी को मानव विकास में विभाजन बढ़ाने का माध्यम नहीं बनना चाहिए।
तीसरे और अंतिम बिंदु में उन्होंने साइबर स्पेस साझा भविष्य समुदाय के निर्माण का आह्वान किया। ली छ्यांग ने घोषणा की कि चीन खुले दरवाजे के साथ नवाचार जारी रखेगा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और ज्ञान साझाकरण को प्रोत्साहित करेगा, और सभी देशों के साथ मिलकर एक खुला, समावेशी और जीवंत डिजिटल नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करेगा।
अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी
उद्घाटन समारोह में स्पेन के उप प्रधानमंत्री डियाज़ सहित कई देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों ने भी संबोधन दिया। गौरतलब है कि यह शिखर सम्मेलन वैश्विक इंटरनेट प्रशासन और डिजिटल सहयोग पर चीन के सबसे प्रमुख वैश्विक मंचों में से एक है। यह ऐसे समय में आया है जब AI प्रशासन और डिजिटल संप्रभुता को लेकर अंतर्राष्ट्रीय बहस तेज हो रही है।
सम्मेलन का व्यापक संदर्भ
वूचन शिखर सम्मेलन का यह संस्करण ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भर में AI विनियमन, डेटा गोपनीयता और डिजिटल विभाजन जैसे मुद्दों पर विभिन्न देशों के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं। ली छ्यांग का साझा डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का प्रस्ताव चीन की उस व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह ग्लोबल साउथ के देशों के साथ तकनीकी साझेदारी को मजबूत करना चाहता है। आने वाले दिनों में सम्मेलन की घोषणाओं और प्रस्तावों पर वैश्विक प्रतिक्रिया पर नज़र रहेगी।