कर्रेगुट्टा FOB ताड़पाला पहुंचे मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जवानों का बढ़ाया मनोबल
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने 3 नवंबर 2026 को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बीजापुर प्रवास के दौरान कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थित फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOB) ताड़पाला का दौरा किया और वहाँ तैनात सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। यह दौरा उस क्षेत्र में किया गया जो लंबे समय तक नक्सल हिंसा का केंद्र रहा है और जहाँ अब सुरक्षा बलों की उपस्थिति ने स्थिति बदल दी है।
जवानों के साहस की सराहना
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच तैनात जवानों की कर्तव्यनिष्ठा, शौर्य और अदम्य साहस की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियाँ दशकों तक नक्सलवाद और हिंसा की चुनौतियों से जूझती रही हैं, लेकिन आज इन पहाड़ियों पर तिरंगे का गौरवपूर्ण लहराना सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
मंत्री ने कहा कि जवान अपने परिवारों से दूर, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अनेक चुनौतियों के बीच दिन-रात देश की सुरक्षा में जुटे हैं। उनके त्याग और बलिदान के कारण ही इन क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण बन रहा है।
बस्तर के विकास की नई नींव
मंत्री ने कहा कि कर्रेगुट्टा में स्थापित शांति और सुरक्षा का वातावरण केवल सुरक्षाबलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का माहौल था, वहाँ अब विकास की नई संभावनाएँ आकार ले रही हैं।
उन्होंने सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि शांति और सुरक्षा के साथ प्रत्येक गाँव तक सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोज़गार जैसी मूलभूत सुविधाएँ पहुँचाई जाएंगी। बस्तर की पहचान अब भय और हिंसा के बजाय अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और विकास के नए अवसरों से होगी।
नक्सलवाद विरोधी अभियान को मिली निर्णायक दिशा
गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक दिशा मिली है। नक्सलवाद ने दशकों तक बस्तर के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को प्रभावित किया, लेकिन अब सुरक्षा बलों के साहस, शासन की प्रतिबद्धता और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
श्रमिकों का सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
प्रवास के दौरान मंत्री ने कर्रेगुट्टा क्षेत्र में विकास कार्यों में योगदान दे रहे श्रमिकों का सम्मान किया और 'श्रमेव जयते' का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और प्रदेश के निर्माण में श्रमिकों का परिश्रम विकास की वास्तविक नींव है। इसके अलावा उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया, यह कहते हुए कि बस्तर की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता आने वाली पीढ़ियों की धरोहर है।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सुरक्षा बलों और श्रमिकों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर लहराता तिरंगा साहस, शांति और विकसित बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बन रहा है।