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MOS पबित्रा मार्गेरिटा 3 नवंबर को स्पेन रवाना, इबेरो-अमेरिकन शिखर सम्मेलन के 30वें संस्करण में लेंगे भाग

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MOS पबित्रा मार्गेरिटा 3 नवंबर को स्पेन रवाना, इबेरो-अमेरिकन शिखर सम्मेलन के 30वें संस्करण में लेंगे भाग

सारांश

विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा 3 नवंबर को स्पेन रवाना होंगे — इबेरो-अमेरिकन सम्मेलन के 30वें शिखर सम्मेलन में भारत की एसोसिएट ऑब्जर्वर भागीदारी के साथ-साथ यह यात्रा भारत-स्पेन राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष और 'संस्कृति, पर्यटन व AI के संयुक्त वर्ष' की पृष्ठभूमि में विशेष महत्व रखती है।

मुख्य बातें

विदेश और कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा 3 नवंबर 2026 को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर स्पेन जाएंगे।
वे 'इबेरो-अमेरिकन कॉन्फ्रेंस' के 30वें शिखर सम्मेलन में एसोसिएट ऑब्जर्वर के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
यात्रा भारत-स्पेन 'संस्कृति, पर्यटन और AI के संयुक्त वर्ष 2026' तथा दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में है।
मैड्रिड में समकक्षों से द्विपक्षीय बैठकें और 75,000 प्रवासी भारतीयों से मुलाकात का कार्यक्रम।
स्पेन यूरोप में भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार ; 2023 में द्विपक्षीय व्यापार 9.9 अरब डॉलर रहा।
भारत में 250 से अधिक स्पेनिश कंपनियाँ सक्रिय; रक्षा, एयरोस्पेस और नौसैनिक तकनीक में सहयोग जारी।

विदेश और कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा 3 नवंबर 2026 को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर स्पेन के लिए रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और स्पेन के बीच राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

इबेरो-अमेरिकन शिखर सम्मेलन में भारत की भूमिका

अपनी यात्रा के दौरान राज्य मंत्री स्पेन द्वारा आयोजित 'इबेरो-अमेरिकन कॉन्फ्रेंस' के 30वें शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। भारत इस बहुपक्षीय मंच पर 'एसोसिएट ऑब्जर्वर' (सहयोगी पर्यवेक्षक) की हैसियत से भागीदारी करता है। इस सम्मेलन में फिलहाल 22 सदस्य देश शामिल हैं — लैटिन अमेरिका से 19 और यूरोप से 3 (स्पेन, पुर्तगाल और अंडोरा) — इसके अलावा 12 एसोसिएट ऑब्जर्वर और 20 कंसल्टेटिव ऑब्जर्वर भी भाग लेते हैं।

भारत-स्पेन 'संयुक्त वर्ष' का महत्वपूर्ण पड़ाव

राज्य मंत्री की यह यात्रा 'भारत-स्पेन संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संयुक्त वर्ष 2026' के अंतर्गत आयोजित हो रही है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध 1956 में स्थापित हुए थे, और 2026 में इन संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दोनों देशों ने संयुक्त रूप से इस वर्ष को 'संस्कृति, पर्यटन और AI का वर्ष' घोषित किया था। इससे पहले स्पेनिश राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आए थे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय बैठक की थी, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई थी।

द्विपक्षीय बैठकें और प्रवासी भारतीयों से संवाद

शिखर सम्मेलन के दौरान मार्गेरिटा अपने समकक्ष मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इसके अलावा वे मैड्रिड में रह रहे प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात करेंगे। स्पेन में कथित तौर पर लगभग 75,000 भारतीय प्रवासी रहते हैं। राजनयिक पहुँच को मज़बूत करने की दिशा में अगस्त 2024 में बार्सिलोना में भारत का नया महावाणिज्य दूतावास भी खोला गया था।

व्यापार और रणनीतिक सहयोग की मजबूत बुनियाद

व्यापारिक संबंधों की दृष्टि से स्पेन यूरोप में भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2023 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 9.9 अरब डॉलर रहा था। भारत में 250 से अधिक स्पेनिश कंपनियाँ सक्रिय हैं। दोनों देश रक्षा आधुनिकीकरण, एयरोस्पेस, नौसैनिक तकनीक और आतंकवाद-रोधी सहयोग पर मिलकर काम कर रहे हैं।

सांस्कृतिक और शैक्षणिक सेतु

विदेश मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार स्पेन के वलाडोलिड विश्वविद्यालय में हिंदी और भारतीय अध्ययन पीठ स्थापित है। इसके अलावा स्पेन के कई शहरों में हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जाता है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को नई ऊँचाई देने का प्रयास है — और आने वाले महीनों में और भी उच्चस्तरीय संपर्क का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ नई दिल्ली उन मंचों पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है जहाँ उसकी सदस्यता नहीं है। भारत-स्पेन व्यापार 9.9 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है, लेकिन रक्षा और AI जैसे उभरते क्षेत्रों में साझेदारी की पूरी क्षमता अभी भी अनछुई है। गौरतलब है कि यूरोपीय संघ के साथ भारत का मुक्त व्यापार समझौता अधूरा है — ऐसे में स्पेन जैसे EU सदस्यों के साथ द्विपक्षीय संबंध मजबूत करना एक वैकल्पिक रणनीतिक मार्ग का काम करता है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MOS पबित्रा मार्गेरिटा की स्पेन यात्रा का उद्देश्य क्या है?
विदेश और कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा 3 नवंबर 2026 को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर स्पेन जा रहे हैं। इस दौरान वे 'इबेरो-अमेरिकन कॉन्फ्रेंस' के 30वें शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और मैड्रिड में प्रवासी भारतीयों से मिलेंगे।
इबेरो-अमेरिकन कॉन्फ्रेंस में भारत की क्या भूमिका है?
भारत इस सम्मेलन में 'एसोसिएट ऑब्जर्वर' (सहयोगी पर्यवेक्षक) के रूप में शामिल होता है। सम्मेलन में 22 सदस्य देश, 12 एसोसिएट ऑब्जर्वर और 20 कंसल्टेटिव ऑब्जर्वर हैं।
भारत-स्पेन 'संयुक्त वर्ष 2026' क्या है?
दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष (1956–2026) पूरे होने के उपलक्ष्य में भारत और स्पेन ने 2026 को 'संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संयुक्त वर्ष' के रूप में घोषित किया है। स्पेनिश राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज पहले ही AI इम्पैक्ट समिट के लिए नई दिल्ली आ चुके हैं और PM मोदी से मिल चुके हैं।
भारत और स्पेन के बीच व्यापारिक संबंध कैसे हैं?
स्पेन यूरोप में भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2023 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 9.9 अरब डॉलर रहा। भारत में 250 से अधिक स्पेनिश कंपनियाँ सक्रिय हैं और दोनों देश रक्षा, एयरोस्पेस व नौसैनिक तकनीक में सहयोग कर रहे हैं।
स्पेन में प्रवासी भारतीयों की स्थिति क्या है?
स्पेन में कथित तौर पर लगभग 75,000 भारतीय प्रवासी रहते हैं। राजनयिक पहुँच बढ़ाने के लिए अगस्त 2024 में बार्सिलोना में भारत का नया महावाणिज्य दूतावास खोला गया था। इसके अलावा वलाडोलिड विश्वविद्यालय में हिंदी और भारतीय अध्ययन पीठ भी स्थापित है।
राष्ट्र प्रेस
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