केंद्रीय मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा का 8-15 मई को कोस्टा रिका, होंडुरास, बेलीज और डोमिनिका दौरा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश एवं वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा 8 से 15 मई 2026 के बीच कोस्टा रिका, होंडुरास, बेलीज और डोमिनिका राष्ट्रमंडल का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
कोस्टा रिका: शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व
8 मई 2026 को मंत्री मार्गेरिटा सैन होजे में लॉरा फर्नांडीज डेलगाडो के राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस अवसर पर वे कोस्टा रिका सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से भी भेंट करेंगे। उम्मीद है कि इन बैठकों में दोनों देशों के बीच समग्र साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।
होंडुरास और बेलीज में द्विपक्षीय बैठकें
होंडुरास में मंत्री मार्गेरिटा वहाँ के विदेश मंत्री सहित सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग के संपूर्ण दायरे की समीक्षा की जाएगी। बेलीज में वे बेलीज सरकार के गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे।
डोमिनिका में भारतीय अनुदान परियोजनाओं का निरीक्षण
दौरे के अंतिम चरण में मंत्री मार्गेरिटा डोमिनिका राष्ट्रमंडल के नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे। वे उन परियोजना स्थलों का भी दौरा करेंगे जिन्हें भारत की ग्रांट असिस्टेंस के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। गौरतलब है कि अक्टूबर 2018 के बाद यह डोमिनिका में भारत की ओर से पहला मंत्री स्तरीय दौरा होगा।
भारतीय समुदाय से संवाद
इस पूरे दौरे के दौरान मंत्री मार्गेरिटा इन देशों में बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों और भारत के मित्रों से भी संवाद करेंगे। यह संपर्क प्रवासी भारतीयों के साथ सरकार के जुड़ाव को और मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे पहले का ओशिनिया दौरा
उल्लेखनीय है कि मंत्री मार्गेरिटा इससे पहले 22 से 25 मई 2026 तक वानुअतु गणराज्य और तुवालु की चार दिवसीय यात्रा पर रहे थे। विदेश मंत्रालय ने उस दौरे को प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम बताया था, जिसमें द्विपक्षीय संबंध, विकास, व्यापार और स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। यह दौरा भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा है।