इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो का भारत दौरा: राजनाथ सिंह संग द्विपक्षीय वार्ता, रक्षा सहयोग को नई दिशा

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इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो का भारत दौरा: राजनाथ सिंह संग द्विपक्षीय वार्ता, रक्षा सहयोग को नई दिशा

सारांश

इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो की भारत यात्रा महज शिष्टाचार भेंट नहीं — यह उस रणनीतिक धुरी का हिस्सा है जो भारत यूरोप के साथ बना रहा है। 2023 की रोम वार्ता, जनवरी 2026 का EU-भारत रक्षा समझौता और अब यह दौरा — तीनों मिलकर संकेत देते हैं कि भारत-इटली रक्षा संबंध औपचारिकता से आगे बढ़ रहे हैं।

Key Takeaways

इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो 30 अप्रैल 2026 को आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुँचे। उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर भारतीय शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मानेकशॉ केंद्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों मंत्रियों के बीच सैन्य सहयोग, संयुक्त रक्षा उत्पादन और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता हुई। यह दौरा अक्टूबर 2023 की रोम वार्ता और जनवरी 2026 के भारत-EU रक्षा समझौते की अगली कड़ी है। इसी सप्ताह राजनाथ सिंह ने रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव और चीनी रक्षा मंत्री से भी मुलाकात की।

इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो 30 अप्रैल 2026 को भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुँचे। अपनी यात्रा की शुरुआत उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर भारतीय शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने से की। इसके बाद दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ केंद्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

क्रोसेट्टो का यह दौरा इटली के किसी रक्षा मंत्री की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा बताई जा रही है। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर उनके द्वारा पुष्पचक्र अर्पण को दोनों देशों के बीच गहराते सैन्य सम्मान और कूटनीतिक नजदीकी का प्रतीक माना जा रहा है। मानेकशॉ केंद्र में आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह में दोनों देशों की सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

राजनाथ सिंह से द्विपक्षीय वार्ता

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके इतालवी समकक्ष गुइडो क्रोसेट्टो के बीच नई दिल्ली में अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। इस वार्ता में सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग में साझेदारी, आधुनिक तकनीकों के आदान-प्रदान और संयुक्त रक्षा उत्पादन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार दोनों देश औद्योगिक साझेदारी और अनुसंधान सहयोग को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं।

पिछली वार्ताओं से जुड़ाव

यह बैठक अक्टूबर 2023 में रोम में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों की अगली कड़ी है। उस यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने इटली में रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी। गौरतलब है कि जनवरी 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए रक्षा एवं रणनीतिक साझेदारी समझौते ने भी इस द्विपक्षीय संबंध को नई मजबूती प्रदान की है।

व्यापक रणनीतिक संदर्भ

यह द्विपक्षीय वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है और विभिन्न देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की अहमियत बढ़ गई है। गौरतलब है कि इसी सप्ताह राजनाथ सिंह ने रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव और चीन के रक्षा मंत्री से भी मुलाकात की। रूसी रक्षा मंत्री के साथ बातचीत के बाद राजनाथ सिंह ने इस वार्ता को

Point of View

चीन और पश्चिमी यूरोप — तीनों के साथ रक्षा संवाद साध रहा है। यह रणनीतिक स्वायत्तता की नीति का व्यावहारिक प्रदर्शन है, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये वार्ताएँ ठोस संयुक्त उत्पादन समझौतों में तब्दील होंगी। भारत-इटली रक्षा संबंधों में 2012 के मरीन विवाद की छाया लंबे समय तक रही; 2023 के बाद की यह नई गति उस कड़वाहट को पीछे छोड़ने की कोशिश है। असली कसौटी होगी — क्या दोनों देश 'मेक इन इंडिया' के तहत किसी ठोस संयुक्त परियोजना की घोषणा कर पाते हैं।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो भारत क्यों आए हैं?
गुइडो क्रोसेट्टो 30 अप्रैल 2026 को आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-इटली रक्षा सहयोग को सैन्य तकनीक, संयुक्त उत्पादन और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर आगे बढ़ाना है।
भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग की वर्तमान स्थिति क्या है?
अक्टूबर 2023 में राजनाथ सिंह की रोम यात्रा के बाद दोनों देशों के रक्षा संबंधों को नई गति मिली थी। जनवरी 2026 में भारत-EU रक्षा एवं रणनीतिक साझेदारी समझौते ने इस रिश्ते को और मजबूत किया है, और दोनों देश औद्योगिक साझेदारी व अनुसंधान सहयोग पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
राजनाथ सिंह और गुइडो क्रोसेट्टो की बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
दोनों नेताओं के बीच सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग में साझेदारी, आधुनिक रक्षा तकनीकों के आदान-प्रदान, संयुक्त रक्षा उत्पादन और क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार औद्योगिक साझेदारी को विशेष प्राथमिकता दी गई।
क्या इसी सप्ताह राजनाथ सिंह ने अन्य देशों के रक्षा मंत्रियों से भी मुलाकात की?
हाँ, राजनाथ सिंह ने इसी सप्ताह रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव और चीन के रक्षा मंत्री से भी मुलाकात की। रूसी रक्षा मंत्री के साथ बातचीत के बाद राजनाथ सिंह ने इस वार्ता को बेहतरीन और सार्थक बताया।
भारत-EU रक्षा साझेदारी समझौते का इस दौरे से क्या संबंध है?
जनवरी 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए रक्षा एवं रणनीतिक साझेदारी समझौते ने भारत-इटली रक्षा संबंधों को नई मजबूती दी है। इटली EU का एक प्रमुख सदस्य होने के नाते इस व्यापक ढाँचे के अंतर्गत द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को विस्तार देने में सक्षम है।
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