एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट शेयर IPO कीमत से 24% नीचे, Q2 नतीजों के बाद रिकॉर्ड लो पर
सारांश
मुख्य बातें
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों में 26 अक्टूबर 2026 को भारी बिकवाली देखी गई, जब वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (सितंबर 2026) के अपेक्षा से कमज़ोर नतीजे सामने आए। कारोबार के दौरान शेयर 7 प्रतिशत गिरकर ₹433.55 प्रति शेयर के अपने लिस्टिंग-पश्चात सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया और अंत में 2.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹452.45 पर बंद हुआ — जो इसके IPO मूल्य ₹574 से लगभग 24.46 प्रतिशत नीचे है।
मुख्य घटनाक्रम
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट 21 जुलाई 2026 को शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध हुई थी। तीन महीने से भी कम समय में कंपनी का शेयर अपने IPO भाव से एक चौथाई नीचे आ चुका है। इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का कर-पश्चात लाभ (PAT) दूसरी तिमाही में ₹701 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6 प्रतिशत कम है।
मुनाफे पर सबसे बड़ा दबाव परिचालन खर्चों में आई उछाल से रहा, जो सालाना आधार पर 24.3 प्रतिशत बढ़कर ₹301 करोड़ पर पहुँच गए। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग में प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और वितरण लागत बढ़ रही है।
बाज़ार हिस्सेदारी पर दबाव
कंपनी की रेवेन्यू यील्ड तिमाही आधार पर 0.6 बेसिस प्वाइंट घटकर 36.1 बेसिस प्वाइंट रह गई। इक्विटी क्वार्टरली औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, लेकिन यह उद्योग की 6.6 प्रतिशत वृद्धि दर से पीछे रही। इसके परिणामस्वरूप कंपनी की बाज़ार हिस्सेदारी 12 बेसिस प्वाइंट घटकर 12.53 प्रतिशत पर आ गई।
गौरतलब है कि SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के मोर्चे पर भी कंपनी की हिस्सेदारी में सिकुड़न आई है। सितंबर 2026 में मासिक SIP प्रवाह में कंपनी की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत रही, जो जून 2026 में 12.65 प्रतिशत थी। SIP एसेट्स अंडर मैनेजमेंट लगभग स्थिर ₹2.07 ट्रिलियन रहे, जबकि इस श्रेणी में बाज़ार हिस्सेदारी मामूली घटकर 11.59 प्रतिशत हो गई। तिमाही में नए SIP पंजीकरण 19 लाख रहे, किंतु इस वर्ग में बाज़ार हिस्सेदारी 10.6 प्रतिशत से घटकर 9.94 प्रतिशत पर आ गई।
विश्लेषकों की राय
निकट अवधि की चुनौतियों के बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का मूल म्यूचुअल फंड कारोबार अभी भी मज़बूत स्थिति में है। सितंबर 2026 तक की तीन वर्षीय अवधि में कंपनी की इक्विटी और हाइब्रिड परिसंपत्तियों का आधे से अधिक हिस्सा प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन देने में सफल रहा है।
इक्विरस सिक्योरिटीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी के म्यूचुअल फंड औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट में 13 प्रतिशत CAGR और EBITDA में 10 प्रतिशत CAGR दर्ज की जा सकती है। ब्रोकरेज ने शेयर पर अपनी 'लॉन्ग' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹540 का लक्ष्य मूल्य दिया है।
दीर्घकालिक दृष्टिकोण
रिपोर्ट में कंपनी के मज़बूत ब्रांड, व्यापक वितरण नेटवर्क और वैकल्पिक निवेश कारोबार के विस्तार को दीर्घकालिक मज़बूती का आधार बताया गया है। इक्विटी श्रेणी में शुद्ध निवेश प्रवाह भी मज़बूत बना हुआ है, जो दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
आने वाली तिमाहियों में परिचालन खर्चों पर नियंत्रण और बाज़ार हिस्सेदारी की पुनर्प्राप्ति इस शेयर के प्रदर्शन की दिशा तय करेगी।