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बिहार: मोतिहारी में पुलिस मुठभेड़ में एक जवान शहीद, दो वांछित अपराधी ढेर

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बिहार: मोतिहारी में पुलिस मुठभेड़ में एक जवान शहीद, दो वांछित अपराधी ढेर

सारांश

मोतिहारी में बिहार पुलिस ने एक मुठभेड़ में दो वांछित अपराधियों को ढेर कर दिया। इस कार्रवाई में एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया। जानिए इस पूरी घटना के बारे में।

मुख्य बातें

बिहार पुलिस ने मुठभेड़ में दो अपराधियों को मारा।
एक पुलिसकर्मी शहीद हुआ।
घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए।
कुंदन ठाकुर का आपराधिक इतिहास रहा है।
पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठते हैं।

मोतिहारी, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार पुलिस वर्तमान में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में, पूर्वी चंपारण जिले में एक मुठभेड़ में पुलिस ने दो वांछित अपराधियों को ढेर कर दिया। इस घटना में एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र के रामडीहा गाँव में घटित हुई, जहाँ पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। मारे गए अपराधियों की पहचान कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे के रूप में हुई है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि कुंदन ठाकुर अपने गिरोह के सदस्यों समेत हथियार लेकर अपने मित्र के घर पर छिपा हुआ है। इसी सूचना के आधार पर जब पुलिस वहाँ पहुँची, तो अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी।

इस गोलीबारी के दौरान एक कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कुंदन ठाकुर और उसका सहयोगी प्रियांशु कुमार को गोली लगी। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन दोनों की मौत हो गई।

घटनास्थल से उज्जवल कुमार और संत कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, वहाँ से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए हैं, जिनमें एक कार्बाइन, दो पिस्टल, दो कट्टे, पांच जिंदा कारतूस और 17 खोखा शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मारे गए कुंदन ठाकुर का आपराधिक इतिहास रहा है। इसके खिलाफ चकिया, राजेपुर और नगर थाना में कई मामले दर्ज हैं। एक दिन पहले ही, चकिया थाना के अपर थाना प्रभारी गौरव कुमार को नेपाल के नंबर से धमकी भरा फोन आया था, जिसमें फोन करने वाला युवक अपने आप को कुंदन ठाकुर बता रहा था।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन साथ ही शहीद पुलिसकर्मी की कुर्बानी को भी याद रखा जाना चाहिए। यह घटना समाज में अपराध के खिलाफ एक सख्त संदेश भेजती है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस मुठभेड़ में कौन-कौन से अपराधी मारे गए?
मुठभेड़ में कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे नाम के दो वांछित अपराधी मारे गए।
क्या इस मुठभेड़ में कोई पुलिसकर्मी घायल हुआ?
हाँ, इस मुठभेड़ में एक कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हुआ, जो बाद में शहीद हो गया।
पुलिस ने घटनास्थल से क्या-क्या बरामद किया?
घटनास्थल से एक कार्बाइन, दो पिस्टल, दो कट्टे, पांच जिंदा कारतूस और 17 खोखा बरामद किए गए।
कुंदन ठाकुर का आपराधिक इतिहास क्या है?
कुंदन ठाकुर के खिलाफ चकिया, राजेपुर और नगर थाना में कई मामले दर्ज हैं।
क्या इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस को धमकी मिली थी?
हाँ, एक दिन पहले चकिया थाना प्रभारी को नेपाल के नंबर से धमकी भरा फोन आया था।
राष्ट्र प्रेस
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