गुजरात: पुलिस मध्यस्थता से 11 परिवारों को मिले 'मीम सिटी' के संपत्ति दस्तावेज, डेवलपर-भूस्वामी विवाद सुलझा
सारांश
मुख्य बातें
वडोदरा जिले के डभोई तालुका के पलासवाड़ा गाँव में 'मीम सिटी' आवासीय परियोजना के तहत घर खरीद चुके 11 परिवारों को 4 नवंबर 2026 को आखिरकार उनके संपत्ति दस्तावेज और घरों की चाबियाँ मिल गईं। गुजरात पुलिस की मध्यस्थता से वर्षों से चले आ रहे मूल भूस्वामी और डेवलपर्स के बीच के विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला गया, जिसके बाद यह राहत संभव हो सकी।
मामले की पृष्ठभूमि
इन परिवारों ने लगभग ₹2.75 करोड़ की आवासीय इकाइयों के लिए पूरी राशि का भुगतान पहले ही कर दिया था। बावजूद इसके, मूल भूस्वामी और डेवलपर्स के बीच जारी कानूनी विवाद के कारण खरीदारों को संपत्ति के वैधानिक दस्तावेज नहीं मिल पा रहे थे।
यह ऐसे समय में सामने आया जब देशभर में रियल एस्टेट परियोजनाओं में खरीदारों के हितों की रक्षा को लेकर बहस तेज है। गौरतलब है कि डेवलपर और भूस्वामी के बीच विवाद में आम खरीदार अक्सर सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
पुलिस की 'तेरा तुझको अर्पण' पहल
आवेदकों ने हस्तक्षेप की माँग करते हुए वडोदरा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उनकी शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए एसपी ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद डभोई पुलिस ने डभोई डिवीजन के पुलिस उपाधीक्षक की देखरेख में जाँच शुरू की। पुलिस ने अपनी पहल 'तेरा तुझको अर्पण' के तहत दोनों पक्षों — मूल भूस्वामी और निर्माणकर्ताओं — से संपर्क स्थापित किया, उन्हें विश्वास में लिया और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए बैठकें आयोजित कीं।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप विवाद का निपटारा हुआ और सभी 11 घरों के लिए कानूनी संपत्ति दस्तावेज तैयार किए गए।
लाभार्थियों को मिली राहत
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बुधवार, 4 नवंबर को गांधीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में लाभार्थियों को संपत्ति दस्तावेज और घरों की चाबियाँ सौंपीं।
लाभार्थियों में मुमताजबानू रफीकभाई वोहरा, इमरानखान महोयुद्दीन अंसारी, निसार अहमद मोहिउद्दीन बरमारे, नाजनीन निसार अहमद बरमारे, समीरमेहदी दिलावरभाई बंदवाला, पहलवान हसना नादेअली, रुखसाना दिलावर शेख, वसीफखान अनीसुल हसन पठान, मुर्शीद इरफान सिद्दीकी, तंजीला अलियासगर भाईसाहेब सरसनवाला, बुरहान हुसैन और मोहम्मद हामिदुल्लाह मोहम्मद वलीउल्लाह शामिल हैं।
आम जनता पर असर
इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पुलिस ने एक निजी संपत्ति विवाद में सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका निभाई, ताकि खरीदारों को कानूनी लड़ाई की लंबी राह पर अकेले न छोड़ा जाए। लाभार्थियों ने गुजरात पुलिस, राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के प्रति आभार व्यक्त किया।
आलोचकों का कहना है कि ऐसे मामले दर्शाते हैं कि रियल एस्टेट नियामक ढाँचे को और सशक्त बनाने की आवश्यकता है, जिससे खरीदारों को पुलिस हस्तक्षेप तक पहुँचने की नौबत ही न आए।
आगे की राह
इस समाधान से यह उम्मीद जगी है कि अन्य राज्यों में भी ऐसी पुलिस-मध्यस्थता पहलें रियल एस्टेट विवादों में फँसे खरीदारों को राहत दिला सकती हैं। गुजरात पुलिस की 'तेरा तुझको अर्पण' पहल भविष्य में इसी तरह के मामलों के निपटारे के लिए एक नज़ीर बन सकती है।