4 नवंबर 2026
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'तेरा तुझको अर्पण': उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने आणंद पुलिस के ज़रिए पीड़ितों को लौटाई करोड़ों की संपत्ति

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'तेरा तुझको अर्पण': उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने आणंद पुलिस के ज़रिए पीड़ितों को लौटाई करोड़ों की संपत्ति

सारांश

'तेरा तुझको अर्पण' कार्यक्रम केवल संपत्ति-वापसी की रस्म नहीं — आणंद पुलिस ने धोखाधड़ी, सूदखोरी और अंधविश्वास के शिकार नागरिकों को ₹26 लाख का फ्लैट से लेकर आत्महत्या से बचाए व्यक्ति के ज़मीनी दस्तावेज तक, करोड़ों की संपत्ति लौटाई — और एक सूदखोर पर BNS के तहत मुकदमा भी दर्ज किया।

मुख्य बातें

उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 4 नवंबर 2026 को गांधीनगर में 'तेरा तुझको अर्पण' कार्यक्रम के तहत पीड़ितों को संपत्तियाँ लौटाईं।
लौटाई गई संपत्ति में ₹26 लाख का फ्लैट, ₹37 लाख से अधिक की नकदी व चेक, 7 बीघा कृषि भूमि, मकान-होटल के मूल दस्तावेज तथा 8 तोला सोना और 400 ग्राम चांदी शामिल।
सूदखोरी से पीड़ित धवलकुमार पटेल को आत्महत्या के प्रयास से बचाकर पुलिस ने 7 बीघा ज़मीन के दस्तावेज वापस दिलाए।
सूदखोर मोहम्मद सोहेल वोहरा के विरुद्ध BNS और गुजरात वित्तीय उधार अधिनियम के तहत मामला दर्ज।
अंधविश्वास के नाम पर 56 तोला आभूषण हड़पने के मामले में 8 तोला सोना व 400 ग्राम चांदी तत्काल वापस; शेष के लिए नोटरी के समक्ष लिखित आश्वासन।

गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 4 नवंबर 2026 को गांधीनगर में आयोजित 'तेरा तुझको अर्पण' कार्यक्रम के तहत धोखाधड़ी, सूदखोरी और अंधविश्वास के शिकार नागरिकों को उनकी जब्त संपत्तियाँ सम्मानपूर्वक वापस सौंपीं। लौटाई गई संपत्ति में ₹26 लाख मूल्य का एक फ्लैट, ₹37 लाख से अधिक की नकदी व चेक, 7 बीघा कृषि भूमि के दस्तावेज, आवासीय मकान और होटल के मूल कागज़ात तथा 8 तोला सोना और 400 ग्राम चांदी शामिल थी।

मुख्य घटनाक्रम

आणंद जिला पुलिस ने इस कार्यक्रम के अंतर्गत कई पेचीदे मामलों को सुलझाकर पीड़ितों को राहत दिलाई। मूल रूप से मोरबी निवासी और वर्तमान में बेडवा (आणंद) में रहने वाले विजयभाई भरडा के साथ इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट कारोबार का झाँसा देकर कल्पेशभाई चंद्रकांत जानी ने ₹26 लाख की धोखाधड़ी की थी। आरोपी ने वह रकम विद्यानगर में फ्लैट खरीदने में लगा दी और फरार हो गया। पैरोल-फर्लो स्क्वॉड के पीआई जे. एन. परमार और उनकी टीम ने आरोपी को खोज निकाला और फ्लैट शिकायतकर्ता को वापस दिलाया।

सूदखोरी और अंधविश्वास के मामले

विद्यानगर में रहने वाली स्वर्गीय पुलिस इंस्पेक्टर की विधवा पत्नी पारुलबेन पंड्या से गोपाल चौकडी के श्रवण अमराजी पटेल ने ₹8 लाख उधार लेकर वापस नहीं किए थे। पुलिस के त्वरित हस्तक्षेप से आरोपी से ₹4 लाख नकद और ₹3 लाख के दो बैंक चेक वापस दिलाए गए।

जीटोडिया की गीताबेन पांडव को नारायणबलि और पितृदोष के नाम पर अंधविश्वास में फँसाकर आरोपी आतिशभाई त्रिवेदी और उसके परिजनों ने लगभग 56 तोला सोने-चांदी के आभूषण हड़प लिए थे। पुलिस की प्रभावी काउंसलिंग के बाद 8 तोला सोने के आभूषण व 400 ग्राम चांदी तत्काल वापस कराई गई और शेष आभूषणों की वापसी के लिए नोटरी के समक्ष लिखित आश्वासन भी लिया गया।

आत्महत्या से बचाया, दस्तावेज़ वापस दिलाए

तारापुर के धवलकुमार पटेल सूदखोर संजयभाई भरवाड की जबरन वसूली और प्रताड़ना से तंग आकर तारापुर मोटी नहर के पास आत्महत्या करने जा रहे थे। पुलिस ने समय रहते सतर्कता दिखाई, काउंसलिंग की और आरोपी से 7 बीघा कृषि भूमि का मूल गिरवी दस्तावेज, ₹2 लाख का चेक तथा हस्ताक्षरित 7 ब्लैंक चेक वापस दिलाए। इस मामले में अवैध ऊँची ब्याज दर पर वसूली करने वाले सूदखोर मोहम्मद सोहेल वोहरा के विरुद्ध तारापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गुजरात वित्तीय उधार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी शुरू की।

इसके अलावा तारापुर के राकेशभाई पटेल की गृह विभाग में दर्ज शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नवीनभाई भरवाड से घर का मूल दस्तावेज, प्रकाशभाई पटेल से होटल का गिरवी दस्तावेज तथा अलग-अलग पक्षों से ₹28,50,000 मूल्य के 9 चेक वापस दिलाए।

आम जनता पर असर

तारापुर की शिवशक्ति सोसायटी में रहने वाली विधवा पारुलबेन पटेल के दिवंगत पति द्वारा हितेशभाई पटेल और मनीषभाई चौहाण को दिए गए उधार की रकम न मिलने पर परिवार ने गृह विभाग और जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत की थी। तारापुर पुलिस ने ₹1,50,000 नकद तत्काल वापस दिलाए और शेष रकम के लिए उचित समझौता करवाकर विधवा को बड़ी आर्थिक राहत दिलाई।

सरकार की प्रतिक्रिया

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने आणंद जिला पुलिस के जनहितकारी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि गुजरात पुलिस आम नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहती है। संपत्ति वापस मिलने पर पीड़ितों ने राज्य सरकार और आणंद पुलिस के प्रति हृदयपूर्वक आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम गुजरात पुलिस की उस पहल का हिस्सा है जो सामान्यतः लंबी कानूनी प्रक्रियाओं में उलझ जाने वाले मामलों को त्वरित संवेदनशील कार्रवाई से सुलझाने पर केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी खड़ा करते हैं कि नागरिकों को अपनी वैध संपत्ति वापस पाने के लिए उप मुख्यमंत्री स्तर के हस्तक्षेप की ज़रूरत क्यों पड़नी चाहिए। एक विधवा का उधार वसूली के लिए गृह विभाग का दरवाज़ा खटखटाना और एक पीड़ित का आत्महत्या की कगार तक पहुँचना यह दर्शाता है कि ज़िला-स्तरीय त्वरित न्याय तंत्र अभी भी कमज़ोर है। इस पहल की असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह संरचनात्मक बदलाव लाती है या सालाना फोटो-ऑप तक सीमित रहती है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'तेरा तुझको अर्पण' कार्यक्रम क्या है?
यह गुजरात पुलिस की एक पहल है जिसके तहत धोखाधड़ी, सूदखोरी और अंधविश्वास के मामलों में जब्त या हड़पी गई संपत्ति पीड़ितों को त्वरित कार्रवाई के ज़रिए वापस दिलाई जाती है। 4 नवंबर 2026 को गांधीनगर में इसी कार्यक्रम के तहत उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने आणंद जिले के कई पीड़ितों को उनकी संपत्ति लौटाई।
इस बार कार्यक्रम में कितनी और क्या संपत्ति वापस की गई?
लौटाई गई संपत्ति में ₹26 लाख मूल्य का एक फ्लैट, ₹37 लाख से अधिक की नकदी व चेक, 7 बीघा कृषि भूमि के दस्तावेज, आवासीय मकान और होटल के मूल कागज़ात, 8 तोला सोने के आभूषण और 400 ग्राम चांदी शामिल थी। इसके अलावा ₹28,50,000 मूल्य के 9 चेक भी एक शिकायतकर्ता को लौटाए गए।
सूदखोरी के मामलों में पुलिस ने क्या कानूनी कार्रवाई की?
तारापुर पुलिस ने सूदखोर मोहम्मद सोहेल वोहरा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गुजरात वित्तीय उधार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। साथ ही धवलकुमार पटेल को आत्महत्या के प्रयास से बचाकर उन्हें उनके 7 बीघा ज़मीन के गिरवी दस्तावेज वापस दिलाए गए।
अंधविश्वास के नाम पर हुई धोखाधड़ी के मामले में क्या हुआ?
जीटोडिया की गीताबेन पांडव से आरोपी आतिशभाई त्रिवेदी और उसके परिवार ने नारायणबलि व पितृदोष के बहाने करीब 56 तोला सोने-चांदी के आभूषण हड़प लिए थे। पुलिस की काउंसलिंग के बाद 8 तोला सोना और 400 ग्राम चांदी तत्काल लौटाई गई और शेष के लिए नोटरी के समक्ष लिखित आश्वासन लिया गया।
इस कार्यक्रम से किन लोगों को फायदा हुआ?
लाभार्थियों में विधवाएँ, किसान, व्यापारी और सूदखोरों-ठगों के शिकार आम नागरिक शामिल थे। विशेष रूप से स्वर्गीय पुलिस इंस्पेक्टर की विधवा पारुलबेन पंड्या और तारापुर की विधवा पारुलबेन पटेल को बकाया रकम वापस दिलाई गई।
राष्ट्र प्रेस
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