श्रीनगर पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत ₹13.43 करोड़ की संपत्तियाँ अटैच कीं, 6 थानों की संयुक्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
श्रीनगर पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी वित्तीय कार्रवाई करते हुए नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 की धारा 68-ई और 68-एफ के तहत ₹13.43 करोड़ से अधिक मूल्य की आवासीय संपत्तियाँ और एक वाहन अटैच किए। पुलिस के अनुसार, इन संपत्तियों के अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से बनाए जाने का संदेह है।
संयुक्त अभियान का दायरा
यह कार्रवाई श्रीनगर के छह पुलिस थानों — खानयार, पंथा चौक, शालटेंग, सफाकदल, सौरा और अहमद नगर — की संयुक्त भागीदारी से अंजाम दी गई। वित्तीय जाँच के दौरान संदिग्ध संपत्तियों की पहचान की गई और कार्यकारी मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में संपत्तियों को फ्रीज कर आदेश की विधिवत तामील कराई गई। यह अभियान केवल नशे की बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि अवैध कारोबार के वित्तीय आधार को नष्ट करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
मुख्य संपत्तियाँ और संदिग्ध
पुलिस थाना खानयार ने लगभग ₹8 करोड़ मूल्य की चार आवासीय संपत्तियाँ और एक वाहन अटैच किए। इनमें बुडूबाग, खानयार निवासी एजाज अहमद भट का सात मरला भूमि पर बना तीन मंजिला मकान शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.60 करोड़ है। इस मामले में एफआईआर दर्ज है।
डलगेट निवासी आकिब हैदर खान की ₹6.50 लाख मूल्य की वोक्सवैगन पोलो कार भी कार्रवाई के दायरे में आई। खानयार के शीशगरी मोहल्ला निवासी माजिद अशरफ वानी का 12 मरला भूमि पर बना तीन मंजिला मकान, जिसकी कीमत ₹2.50 करोड़ बताई गई है, अटैच किया गया।
सफाकदल के बांगरू मोहल्ला निवासी शब्बीर अहमद बांगरू की दो संपत्तियाँ — ₹2.80 करोड़ मूल्य का तीन मंजिला मकान और ₹1.10 करोड़ मूल्य का एक मंजिला मकान — अटैच की गई हैं।
पुलिस थाना पंथा चौक ने खानमोह निवासी साकिब बशीर भट उर्फ सकपाल का ₹1.24 करोड़ मूल्य का पक्का आवासीय मकान अटैच किया। यह संदिग्ध पम्पोर, बनिहाल और ख्रेव थानों की एफआईआर में नामज़द है।
पश्चिमी उपमंडल के शालटेंग थाने ने पंजिनारा निवासी दानिश अहमद भट का एक कनाल भूमि पर बना दो मंजिला मकान अटैच किया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.21 करोड़ है।
पुलिस की रणनीति और जीरो टॉलरेंस नीति
श्रीनगर पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ अभियान केवल गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है। अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें अटैच करना इस रणनीति का अहम हिस्सा है। पुलिस ने दोहराया कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाइयाँ लगातार तेज़ होती जा रही हैं। NDPS एक्ट की वित्तीय धाराओं का उपयोग तस्करों की आर्थिक नींव हिलाने के लिए किया जा रहा है, जो परंपरागत कानून प्रवर्तन से परे एक महत्वपूर्ण कदम है।
आगे क्या होगा
अटैच की गई संपत्तियाँ अब कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में जाएंगी, जहाँ न्यायालय इनकी जब्ती या वापसी का अंतिम निर्णय करेगा। पुलिस के अनुसार, वित्तीय जाँच अभी भी जारी है और आने वाले समय में और संपत्तियाँ भी अटैच की जा सकती हैं।