मंगलुरु: यूथ कांग्रेस महासचिव समेत दो गिरफ्तार, व्यापारी से ₹2.77 करोड़ की ब्लैकमेलिंग का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मंगलुरु पुलिस ने 9 जून 2026 को यूथ कांग्रेस के मंगलुरु महासचिव निजाम और उसके साथी जितेश को एक स्थानीय व्यापारी से ₹2.77 करोड़ की जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, यह वसूली 2024 से 2026 के बीच लगभग दो वर्षों में ब्लैकमेल और फर्जी आत्महत्या की साजिश के ज़रिए की गई।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के बयान के अनुसार, जितेश ने पहले पीड़ित व्यापारी को अपने जाल में फँसाया और फिर उसकी अश्लील तस्वीरों व वीडियो का उपयोग कर ब्लैकमेल करना शुरू किया। शुरुआत में ₹35 लाख की माँग की गई और वीडियो व्यापारी की पत्नी को दिखाने की धमकी दी गई। बदनामी के भय से व्यापारी ने चेक के माध्यम से यह राशि चुका दी।
जब माँगें थमी नहीं, तो पीड़ित ने मदद के लिए निजाम से संपर्क किया। पुलिस का आरोप है कि निजाम ने सहायता करने के बजाय जितेश का साथ दिया और इस जबरन वसूली के रैकेट में सक्रिय भागीदार बन गया।
फर्जी आत्महत्या की साजिश
मई 2024 में आरोपियों ने एक और षड्यंत्र रचा — निजाम ने व्यापारी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में पीड़ित का नाम दर्ज है। इस झूठ को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर जितेश की 'मृत्यु' और 'अंतिम संस्कार' की फर्जी तस्वीरें भी दिखाईं। इसके बाद व्यापारी को आपराधिक मामले में फँसाने की धमकी देकर पैसे वसूले जाते रहे।
धोखाधड़ी का भंडाफोड़
यह पूरा षड्यंत्र जून 2026 में उस समय उजागर हुआ जब पीड़ित व्यापारी ने मंगलुरु में जितेश को जीवित देखा — वही व्यक्ति जिसे वह मृत समझ रहा था। हैरान व्यापारी ने तत्काल उरवा पुलिस स्टेशन पहुँचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया
गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर निजाम की मंगलुरु और कर्नाटक के कई राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल हो गई हैं, जिससे राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से जुड़े आपराधिक मामले पहले से ही चर्चा में हैं।
आगे की जाँच
पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, वसूली की कुल राशि ₹2.77 करोड़ आँकी गई है, जो दो वर्षों में विभिन्न किस्तों में ली गई। आगे की जाँच में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।