मैसूरु में निजी तस्वीरें वायरल करने के आरोपी उल्लास गौड़ा गिरफ्तार, पीड़ित रक्षिता व माता-पिता ने की थी आत्महत्या
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक पुलिस ने उल्लास गौड़ा को 23 जून 2026 को मैसूरु में गिरफ्तार किया, जो टी. नरसीपुरा तालुक के हालेकेम्पय्यानाहुंडी गाँव में हुई तीन लोगों की आत्महत्या का मुख्य आरोपी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर रक्षिता की निजी तस्वीरें और वीडियो वायरल किए, जिसके बाद रक्षिता और उसके माता-पिता शिवन्ना व नागरत्ना ने जहर खाकर जान दे दी।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह त्रासदी
यह दर्दनाक घटना सोमवार को सामने आई। रक्षिता की 24 जून 2026 को शादी होने वाली थी। परिवार का आरोप है कि उल्लास गौड़ा — जो परिवार का परिचित था और कभी-कभी उनके घर आता-जाता था — ने रक्षिता की निजी तस्वीरें और वीडियो कथित तौर पर उसके मंगेतर को भेज दिए, ताकि शादी तोड़ी जा सके। परिवार का यह भी कहना है कि रक्षिता को इस वजह से लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था।
इस उत्पीड़न से टूटकर रक्षिता, उनके पिता शिवन्ना और माँ नागरत्ना ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। यह मामला वरुण पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में दर्ज किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के बाद उल्लास गौड़ा फरार हो गया। मैसूरु के पुलिस अधीक्षक मल्लिकार्जुन बालादंडी ने आरोपी को पकड़ने के लिए तत्काल एक विशेष टीम गठित की। इंस्पेक्टर धनंजय और इंस्पेक्टर शिवानंद शेट्टी की अगुवाई में इस टीम ने आरोपी का पता लगाकर उसे मैसूरु में दबोच लिया। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
जाँचकर्ता अब यह पता लगा रहे हैं कि आरोपी को रक्षिता की निजी तस्वीरें और वीडियो कैसे प्राप्त हुए। पुलिस के अनुसार इस दिशा में जाँच जारी है।
गाँव में आक्रोश और विरोध प्रदर्शन
इन तीन मौतों की खबर फैलते ही हालेकेम्पय्यानाहुंडी गाँव में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की। प्रदर्शनकारियों ने उल्लास गौड़ा के खिलाफ कार्रवाई होने तक पुलिस को शवों का पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करने से रोक दिया।
आम जनता पर असर और साइबर अपराध का बढ़ता खतरा
यह मामला डिजिटल युग में निजता के उल्लंघन और साइबर उत्पीड़न के गंभीर परिणामों को एक बार फिर रेखांकित करता है। गौरतलब है कि इस तरह की घटनाएँ — जहाँ निजी तस्वीरें या वीडियो किसी की सहमति के बिना प्रसारित किए जाते हैं — महिलाओं और उनके परिवारों को मानसिक रूप से तोड़ देती हैं। पुलिस ने पुष्टि की है कि आगे की जाँच में आरोपी की सटीक भूमिका और तस्वीरें प्राप्त करने के तरीके का पता लगाया जाएगा।
आने वाले दिनों में अदालत में आरोपी के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल होने की संभावना है, जबकि परिवार और गाँव के लोग न्याय की प्रतीक्षा में हैं।