मैसूर में प्राइवेट फोटो-वीडियो लीक के बाद दुल्हन और माता-पिता ने की आत्महत्या, आरोपी उल्लास गौड़ा फरार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मैसूर जिले में एक दर्दनाक घटना में रक्षिता नामक युवती और उसके माता-पिता शिवन्ना एवं नागरत्ना ने 22 जून 2026 को आत्महत्या कर ली। शादी से मात्र दो दिन पहले हुई इस त्रासदी की वजह रक्षिता की निजी तस्वीरें और वीडियो लीक होना बताई जा रही है, जिन्हें कथित तौर पर आरोपी उल्लास गौड़ा ने उसके होने वाले पति को भेज दिया था। यह घटना टी. नरसीपुरा तालुक के केम्पैयानहुंडी गांव में हुई, जो वरुण पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है।
घटना का क्रम
रक्षिता की शादी 24 जून 2026 को तय थी। परिवार के अनुसार, आरोपी उल्लास गौड़ा परिवार का जान-पहचान वाला था और कभी-कभी उनके घर आता-जाता था। पुलिस के अनुसार, उसने कथित तौर पर रक्षिता की प्राइवेट फोटो और वीडियो जानबूझकर उसके होने वाले पति को भेजे, जिससे परिवार पर सामाजिक दबाव असहनीय हो गया।
परिजनों का आरोप है कि उल्लास गौड़ा का इरादा शादी तुड़वाना था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी को ये निजी सामग्री कैसे प्राप्त हुई और क्या रक्षिता को पहले से परेशान किया जा रहा था।
ग्रामीणों का विरोध और पुलिस की कार्रवाई
घटना की खबर फैलते ही केम्पैयानहुंडी और आसपास के गांवों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया और मांग की कि पहले आरोपी उल्लास गौड़ा को गिरफ्तार किया जाए। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
वरुण पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान उल्लास गौड़ा के रूप में हुई है और उसकी तलाश जारी है। आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
कर्नाटक में ऐसी घटनाओं का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में पारिवारिक त्रासदियों की घटनाएं सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि 10 जून 2026 को मांड्या जिले में 65 वर्षीय कपड़ा व्यापारी प्रभाकर ने कथित तौर पर पत्नी ज्योति (55) और बेटे संतोष (28) की हत्या के बाद आत्महत्या कर ली थी। उस मामले में सुसाइड नोट में बढ़ते कर्ज और व्यापार में नुकसान का उल्लेख था।
इससे पहले मार्च 2026 में 27 वर्षीय आरोपी मोहन गौड़ा पर अपनी मां आशा (55) और बहन वर्षिता (34) की हत्या करने तथा वर्षिता के 11 वर्षीय बेटे मयंक को गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद उसने स्वयं भी जान देने की कोशिश की थी।
आम जनता और महिला सुरक्षा पर असर
यह मामला डिजिटल प्राइवेसी और महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराधों की गंभीरता को एक बार फिर उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि निजी सामग्री का लीक होना और उसे हथियार की तरह इस्तेमाल करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता दोनों के तहत दंडनीय अपराध है। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक दबाव और पीड़ितों की मदद के लिए उपलब्ध तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपी उल्लास गौड़ा को गिरफ्तार करना है। जांच के नतीजे और अदालती कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।