मंगलुरु: ₹2.77 करोड़ उगाही मामले में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस नेता निजाम पार्टी से निष्कासित
सारांश
मुख्य बातें
मंगलुरु में ₹2.77 करोड़ की कथित जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस के जिला महासचिव निजाम को 9 जून 2026 को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया। मंगलुरु जिला यूथ कांग्रेस कमेटी ने निजाम को उनके पद और प्राथमिक सदस्यता — दोनों से एक साथ हटाया, जो संगठन की ओर से दुर्लभ और तीखी कार्रवाई मानी जा रही है।
निष्कासन का आदेश और पार्टी का रुख
जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष इब्राहिम नवाज द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि निजाम पर लगे आरोपों से संगठन की अनुशासन व्यवस्था और सार्वजनिक छवि को गंभीर नुकसान पहुँचा है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि विचारधारा, मूल्यों और संगठनात्मक हितों के विरुद्ध किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनुशासनहीनता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे हुई उगाही
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में निजाम के सहयोगी जितेश की एक प्रतिष्ठित व्यवसायी से पहचान हुई। इसके बाद जितेश ने व्यवसायी की निजी आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल कर शुरुआत में ₹35 लाख की मांग की। बदनामी के डर से पीड़ित ने चेक के ज़रिये यह रकम चुका दी।
जब मांगें बढ़ने लगीं, तो व्यवसायी ने मदद के लिए निजाम से संपर्क किया। पुलिस का आरोप है कि निजाम ने मदद करने के बजाय जितेश का साथ दिया और कथित उगाही गिरोह का हिस्सा बन गया। इस प्रकार 2024 से 2026 के बीच व्यवसायी से कुल ₹2.77 करोड़ की वसूली की गई।
फर्जी आत्महत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए एक फर्जी आत्महत्या की कहानी भी गढ़ी। मई 2024 में निजाम ने व्यवसायी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें व्यवसायी का नाम है। इस कहानी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर जितेश की मौत और अंतिम संस्कार से जुड़ी तस्वीरें साझा कीं तथा व्यवसायी को कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकी दी।
मामले का खुलासा और गिरफ्तारी
मामला जून 2026 में तब उजागर हुआ, जब व्यवसायी ने मंगलुरु में जितेश को जीवित देखा। इसके बाद उसने उर्वा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मंगलुरु पुलिस ने मंगलवार को निजाम और जितेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया और विस्तृत जाँच शुरू कर दी।
राजनीतिक हलकों में हलचल
गिरफ्तारी के बाद निजाम की कर्नाटक और मंगलुरु के कई राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पहले से ही कई विवादों से घिरी है। जाँच के नतीजे और अदालती कार्यवाही आने वाले दिनों में इस मामले की राजनीतिक परतें और उधेड़ सकती हैं।