26 जुलाई 2026
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मंगलुरु: ₹2.77 करोड़ उगाही मामले में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस नेता निजाम पार्टी से निष्कासित

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मंगलुरु: ₹2.77 करोड़ उगाही मामले में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस नेता निजाम पार्टी से निष्कासित

सारांश

मंगलुरु में एक व्यवसायी को दो साल तक ब्लैकमेल कर ₹2.77 करोड़ वसूलने के आरोप में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस जिला महासचिव निजाम को पार्टी ने तत्काल निष्कासित किया। फर्जी सुसाइड नोट और आपत्तिजनक सामग्री से रची गई यह साजिश तब उजागर हुई जब पीड़ित ने 'मृत' आरोपी को जीवित देखा।

मुख्य बातें

यूथ कांग्रेस के मंगलुरु जिला महासचिव निजाम को 9 जून 2026 को पार्टी पद और प्राथमिक सदस्यता दोनों से निष्कासित किया गया।
निजाम और सहयोगी जितेश पर 2024 से 2026 के बीच एक व्यवसायी से ₹2.77 करोड़ की उगाही का आरोप है।
आरोपियों ने व्यवसायी की निजी आपत्तिजनक सामग्री और फर्जी सुसाइड नोट के ज़रिये ब्लैकमेल किया।
मामला जून 2026 में उजागर हुआ जब पीड़ित ने 'मृत' बताए गए जितेश को जीवित देखा और उर्वा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
निजाम की राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने से कर्नाटक के राजनीतिक हलकों में हलचल मची है।

मंगलुरु में ₹2.77 करोड़ की कथित जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस के जिला महासचिव निजाम को 9 जून 2026 को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया। मंगलुरु जिला यूथ कांग्रेस कमेटी ने निजाम को उनके पद और प्राथमिक सदस्यता — दोनों से एक साथ हटाया, जो संगठन की ओर से दुर्लभ और तीखी कार्रवाई मानी जा रही है।

निष्कासन का आदेश और पार्टी का रुख

जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष इब्राहिम नवाज द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि निजाम पर लगे आरोपों से संगठन की अनुशासन व्यवस्था और सार्वजनिक छवि को गंभीर नुकसान पहुँचा है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि विचारधारा, मूल्यों और संगठनात्मक हितों के विरुद्ध किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनुशासनहीनता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे हुई उगाही

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में निजाम के सहयोगी जितेश की एक प्रतिष्ठित व्यवसायी से पहचान हुई। इसके बाद जितेश ने व्यवसायी की निजी आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल कर शुरुआत में ₹35 लाख की मांग की। बदनामी के डर से पीड़ित ने चेक के ज़रिये यह रकम चुका दी।

जब मांगें बढ़ने लगीं, तो व्यवसायी ने मदद के लिए निजाम से संपर्क किया। पुलिस का आरोप है कि निजाम ने मदद करने के बजाय जितेश का साथ दिया और कथित उगाही गिरोह का हिस्सा बन गया। इस प्रकार 2024 से 2026 के बीच व्यवसायी से कुल ₹2.77 करोड़ की वसूली की गई।

फर्जी आत्महत्या की साजिश

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दबाव बनाने के लिए एक फर्जी आत्महत्या की कहानी भी गढ़ी। मई 2024 में निजाम ने व्यवसायी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें व्यवसायी का नाम है। इस कहानी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर जितेश की मौत और अंतिम संस्कार से जुड़ी तस्वीरें साझा कीं तथा व्यवसायी को कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकी दी।

मामले का खुलासा और गिरफ्तारी

मामला जून 2026 में तब उजागर हुआ, जब व्यवसायी ने मंगलुरु में जितेश को जीवित देखा। इसके बाद उसने उर्वा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मंगलुरु पुलिस ने मंगलवार को निजाम और जितेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया और विस्तृत जाँच शुरू कर दी।

राजनीतिक हलकों में हलचल

गिरफ्तारी के बाद निजाम की कर्नाटक और मंगलुरु के कई राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पहले से ही कई विवादों से घिरी है। जाँच के नतीजे और अदालती कार्यवाही आने वाले दिनों में इस मामले की राजनीतिक परतें और उधेड़ सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि गिरफ्तारी से पहले पार्टी को कितने समय से इन आरोपों की भनक थी। फर्जी सुसाइड नोट और दो साल तक चली व्यवस्थित उगाही यह दर्शाती है कि यह कोई आवेग में की गई हरकत नहीं, बल्कि सुनियोजित आपराधिक गिरोह था। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें पार्टी के लिए उतनी ही बड़ी चुनौती हैं जितनी खुद गिरफ्तारी — क्योंकि ये सवाल उठाती हैं कि ऐसे व्यक्ति को संगठन में महासचिव पद तक कैसे पहुँचने दिया गया। कर्नाटक कांग्रेस के लिए यह महज एक स्थानीय अनुशासनात्मक मामला नहीं, बल्कि आंतरिक जवाबदेही की व्यापक परीक्षा है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगलुरु उगाही मामले में यूथ कांग्रेस नेता निजाम पर क्या आरोप हैं?
पुलिस के अनुसार निजाम और उसके सहयोगी जितेश ने एक व्यवसायी की निजी आपत्तिजनक सामग्री और फर्जी सुसाइड नोट के ज़रिये ब्लैकमेल कर 2024 से 2026 के बीच ₹2.77 करोड़ की उगाही की। निजाम पर आरोप है कि उसने मदद करने के बजाय उगाही गिरोह का हिस्सा बनना चुना।
यूथ कांग्रेस ने निजाम को क्यों निष्कासित किया?
मंगलुरु जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष इब्राहिम नवाज ने 9 जून 2026 को आदेश जारी कर कहा कि निजाम पर लगे आरोपों से संगठन की अनुशासन व्यवस्था और छवि को नुकसान पहुँचा है। पार्टी ने उसे जिला महासचिव पद और प्राथमिक सदस्यता दोनों से तत्काल हटाया।
इस मामले का खुलासा कैसे हुआ?
जून 2026 में पीड़ित व्यवसायी ने मंगलुरु में जितेश को जीवित देखा, जबकि आरोपियों ने उसे मई 2024 में ही मृत बता दिया था। इसके बाद व्यवसायी ने उर्वा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी सुसाइड नोट की साजिश क्या थी?
पुलिस के मुताबिक मई 2024 में निजाम ने व्यवसायी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में व्यवसायी का नाम है। आरोपियों ने कथित तौर पर मौत और अंतिम संस्कार की फर्जी तस्वीरें भी साझा कीं ताकि व्यवसायी को कानूनी डर से पैसे देने पर मजबूर किया जा सके।
इस मामले का कर्नाटक की राजनीति पर क्या असर पड़ रहा है?
गिरफ्तारी के बाद निजाम की कर्नाटक और मंगलुरु के कई राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिससे सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ा है। जाँच के नतीजे आने वाले दिनों में इस मामले की राजनीतिक परतें और उजागर कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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