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सीबीआई ने जम्मू में पेंशन मामले में ₹4,500 की रिश्वत लेते जूनियर असिस्टेंट को रंगेहाथों दबोचा

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सीबीआई ने जम्मू में पेंशन मामले में ₹4,500 की रिश्वत लेते जूनियर असिस्टेंट को रंगेहाथों दबोचा

सारांश

जम्मू के नरवाल स्थित पीएचई कार्यालय में जूनियर असिस्टेंट मोहम्मद उस्मान ने पेंशन मंजूरी के बदले ₹4,500 की रिश्वत व्हाट्सएप क्यूआर कोड से माँगी — और सीबीआई के जाल में फँस गया। डिजिटल माध्यम से रिश्वत लेने की यह कोशिश अब जांच के घेरे में है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने जम्मू के नरवाल स्थित पीएचई मैकेनिकल अर्बन सर्कल के जूनियर असिस्टेंट मोहम्मद उस्मान को गिरफ्तार किया।
आरोपी ने शिकायतकर्ता के पेंशन मामले को मंजूरी दिलाने के बदले ₹4,500 की रिश्वत माँगी थी।
रिश्वत लेने के लिए व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजा गया — डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल।
सीबीआई ने जाल बिछाकर रविवार को रंगेहाथों पकड़ा, सोमवार को औपचारिक गिरफ्तारी हुई।
जांच में अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता की भी पड़ताल जारी है।
इससे पहले 20 मई को सीबीआई ने गिरिडीह, झारखंड में सीजीएसटी अधिकारियों को ₹90,000 रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जम्मू के नरवाल स्थित पीएचई मैकेनिकल अर्बन सर्कल के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर कार्यालय में कार्यरत जूनियर असिस्टेंट मोहम्मद उस्मान को ₹4,500 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उस्मान ने एक शिकायतकर्ता के पेंशन मामले को आगे बढ़ाने और मंजूरी दिलाने के एवज में यह राशि मांगी थी।

मुख्य घटनाक्रम

सीबीआई के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप के माध्यम से एक क्यूआर कोड भेजा था, ताकि डिजिटल माध्यम से रिश्वत की रकम प्राप्त की जा सके। शिकायत दर्ज होने के बाद एजेंसी ने रविवार को मामला दर्ज किया और जाल बिछाया। जाल में फँसते ही उस्मान को उस वक्त पकड़ा गया जब वह क्यूआर कोड के ज़रिए रकम स्वीकार कर रहा था। सोमवार को उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

डिजिटल रिश्वतखोरी का तरीका

यह मामला इस लिहाज़ से उल्लेखनीय है कि आरोपी ने नकद के बजाय डिजिटल भुगतान के ज़रिए रिश्वत लेने की कोशिश की। व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजना एक सुनियोजित तरीका था, ताकि लेन-देन में सीधे नकदी का आदान-प्रदान न हो। हालाँकि, सीबीआई की टीम ने इसी डिजिटल सबूत को आधार बनाकर जाल तैयार किया।

जांच का दायरा

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस रिश्वतखोरी के नेटवर्क में कोई अन्य कर्मचारी भी संलिप्त है। रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

पृष्ठभूमि: सीबीआई की हालिया कार्रवाइयाँ

गौरतलब है कि इससे पहले 20 मई को सीबीआई ने झारखंड के गिरिडीह में सीजीएसटी के एक अधीक्षक और निरीक्षक को भी रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता से उसकी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) विसंगति सुलझाने के बदले ₹90,000 की रिश्वत माँगी और रकम न देने पर जीएसटी नंबर ब्लॉक करने की धमकी दी थी। यह ऐसे समय में आया है जब सीबीआई सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई तेज़ कर रही है।

आगे क्या होगा

आरोपी मोहम्मद उस्मान को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया जारी है। सीबीआई की जांच टीम अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने और पेंशन मामलों में इस तरह की अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला का खुलासा करने में लगी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब रिश्वत की 'पेपर ट्रेल' छुपाने के साधन बनते जा रहे हैं। सीबीआई की यह कार्रवाई दर्शाती है कि एजेंसी डिजिटल सुराग को भी उतनी ही कुशलता से ट्रैक कर सकती है — लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे मामले शिकायत के बाद ही सामने आते हैं, न कि नियमित निगरानी से।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने जम्मू में किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने जम्मू के नरवाल स्थित पीएचई मैकेनिकल अर्बन सर्कल कार्यालय के जूनियर असिस्टेंट मोहम्मद उस्मान को गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि उसने एक शिकायतकर्ता के पेंशन मामले को मंजूरी दिलाने के बदले ₹4,500 की रिश्वत माँगी थी।
आरोपी ने रिश्वत लेने के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल क्यों किया?
आरोपी ने व्हाट्सएप के ज़रिए शिकायतकर्ता को एक क्यूआर कोड भेजा था ताकि डिजिटल भुगतान के माध्यम से रिश्वत की रकम ली जा सके और नकद लेन-देन से बचा जा सके। सीबीआई ने इसी डिजिटल माध्यम को आधार बनाकर जाल बिछाया और आरोपी को रंगेहाथों पकड़ा।
सीबीआई ने आरोपी को कब गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने रविवार को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जाल बिछाया और आरोपी को रंगेहाथों पकड़ा। सोमवार को उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में आगे की जांच कहाँ तक पहुँची है?
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार जांच जारी है और एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी में कोई अन्य कर्मचारी भी शामिल था। रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
क्या सीबीआई ने हाल ही में ऐसे अन्य मामलों में भी कार्रवाई की है?
हाँ, 20 मई को सीबीआई ने झारखंड के गिरिडीह में सीजीएसटी के एक अधीक्षक और निरीक्षक को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता की आईटीसी विसंगति सुलझाने के बदले ₹90,000 की रिश्वत माँगी और रकम न देने पर जीएसटी नंबर ब्लॉक करने की धमकी दी थी।
राष्ट्र प्रेस
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