सीबीआई ने मनाली में सैन्य इंजीनियर केके सोनी को ₹93,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने हिमाचल प्रदेश के मनाली में तैनात सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (MES) के सहायक गैरीसन इंजीनियर केके सोनी को 4 जुलाई 2026 को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि सोनी ने एक ठेकेदार कंपनी के पर्यवेक्षक से उसके बिल पास करने के बदले ₹93,000 की रिश्वत मांगी और आंशिक भुगतान स्वीकार किया।
मामले का घटनाक्रम
सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता — जो एक ठेकेदार कंपनी में पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत है — ने सोनी के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। इसके आधार पर 3 जुलाई को मामला दर्ज किया गया। उसी दिन शिकायतकर्ता ने सोनी के कार्यालय में ₹40,000 का आंशिक भुगतान किया।
इसके बाद सोनी ने शिकायतकर्ता को शनिवार, 4 जुलाई को शेष ₹53,000 लेकर कार्यालय आने का निर्देश दिया। सीबीआई ने जाल बिछाया और जैसे ही सोनी ने ₹53,000 की रिश्वत स्वीकार की, उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
आवास पर तलाशी में बड़ी बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने मनाली के MES क्षेत्र स्थित सोनी के आवास पर तलाशी ली। वहाँ से 3 जुलाई को ली गई ₹40,000 की रिश्वत की राशि बरामद की गई। इसके अतिरिक्त, आवास पर जारी तलाशी में अब तक लगभग ₹10 लाख नकद बरामद किए गए हैं। सीबीआई के अनुसार तलाशी अभियान जारी है।
न्यायालय में पेशी
सीबीआई ने बताया कि आरोपी केके सोनी को हिरासत संबंधी कार्रवाई के लिए 5 जुलाई 2026 को शिमला स्थित विशेष सीबीआई न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पंजाब में अलग मामले में सजा
इसी दिन एक अलग मामले में, सीबीआई ने मोहाली स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पंजाब पुलिस के तत्कालीन हेड कांस्टेबल कश्मीर सिंह को 1991 में तरनतारन जिले में एक व्यक्ति के अपहरण के मामले में पाँच वर्ष के कठोर कारावास की सजा दिलाई। अदालत ने दोषी पर ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया।
गौरतलब है कि यह मामला तीन दशकों से अधिक समय से न्यायालय में विचाराधीन था, और इस सजा को सीबीआई की दीर्घकालिक अभियोजन प्रक्रिया की सफलता के रूप में देखा जा रहा है। सीबीआई की यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जाँच एजेंसियों की सक्रियता पर राष्ट्रीय ध्यान केंद्रित है।