सूरत टेक्सटाइल धोखाधड़ी: हर्ष संघवी के आदेश पर 7 दिनों में डेढ़ साल से फरार आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हर्ष संघवी के कड़े निर्देश के बाद सूरत क्राइम ब्रांच ने मात्र 7 दिनों के भीतर डेढ़ साल से फरार चल रहे आरोपी मोहम्मद जकीरिया को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला सूरत के टेक्सटाइल कारोबारियों के साथ ₹23.50 लाख की धोखाधड़ी से जुड़ा है। गिरफ्तारी के बाद पीड़ित व्यापारियों ने उपमुख्यमंत्री संघवी और सूरत पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।
मामले का पूरा घटनाक्रम
आरोपी मोहम्मद जकीरिया ने 2017 में सूरत के बमरोली स्थित हरिओम इंडस्ट्रियल सोसायटी-2 में ग्रे यार्न का कारोबार शुरू किया था। उसने जय अंबिका टेक्सटाइल्स के मनीष पटेल, देव टेक्सटाइल्स के जय पटेल और जय साधिमा टेक्सटाइल्स के रोहित पटेल के साथ साझेदारी में व्यवसाय किया।
शुरुआती दौर में आरोपी ने समय पर भुगतान करके तीनों व्यापारियों का विश्वास अर्जित किया। इसके बाद उसने बड़ी मात्रा में ग्रे कपड़ा उधार पर लिया और ग्रे यार्न खरीद के नाम पर मनीष पटेल से ₹13 लाख, जय पटेल से ₹3.80 लाख तथा रोहित पटेल से ₹6.46 लाख — कुल ₹23.50 लाख — ले लिए।
आरोप है कि जब पीड़ित व्यापारियों ने बकाया राशि माँगी तो उन्हें धमकाया गया। इसके बाद पीड़ितों ने सलाबतपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और न्यायालय में कानूनी कार्रवाई भी की। हालाँकि, आरोपी ने अपनी दुकान का पता बदल-बदलकर और अदालती सुनवाई से गैरहाजिर रहकर कानून की पकड़ से बचने की कोशिश की।
उपमुख्यमंत्री का हस्तक्षेप
पुलिस की लंबी जाँच के बावजूद आरोपी के बार-बार ठिकाना बदलने से कार्रवाई अटकी रही। अंततः पीड़ित व्यापारी मनीष पटेल स्वयं गांधीनगर पहुँचे और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, संघवी ने शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लिया और सूरत डीसीपी क्राइम ब्रांच को तत्काल एवं कठोर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए।
7 दिनों में हुई गिरफ्तारी
उपमुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही सूरत क्राइम ब्रांच डीसीपी बी.पी. रोजिया और उनकी टीम ने जाँच की रफ्तार तेज कर दी। पुलिस ने 7 दिनों से भी कम समय में डेढ़ साल से फरार आरोपी मोहम्मद जकीरिया को पकड़ा और उसे न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया।
पीड़ित व्यापारियों की प्रतिक्रिया
इस त्वरित कार्रवाई पर पीड़ित व्यापारी मनीष पटेल ने संतोष जताते हुए कहा, 'हम कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन गांधीनगर जाकर उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के सामने मामला रखने के बाद, जिस तरह उन्होंने तुरंत सख्त आदेश दिए और क्राइम ब्रांच को सक्रिय किया, उससे गांधीनगर में हमारी कोशिश पूरी तरह रंग लाई है। उपमुख्यमंत्री और सूरत पुलिस की इस जल्दी कार्रवाई से हमें इंसाफ मिला है।' उन्होंने टेक्सटाइल सेक्टर के अन्य व्यापारियों से अपील की कि वे बिना घबराए पुलिस और सरकार से संपर्क करें।
आगे क्या होगा
आरोपी के न्यायिक हिरासत में जाने के बाद अब न्यायालय में मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह मामला सूरत के टेक्सटाइल कारोबार में क्रेडिट-आधारित लेनदेन के जोखिमों को भी उजागर करता है, जहाँ छोटे व्यापारी अक्सर ऐसे धोखाधड़ी के शिकार होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च-स्तरीय राजनीतिक हस्तक्षेप के बिना ऐसे मामलों में न्याय मिलने में वर्षों लग सकते हैं।