26 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी में भारी बारिश: 63 जिलों में अतिवृष्टि, फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना अधिक बारिश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी में भारी बारिश: 63 जिलों में अतिवृष्टि, फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना अधिक बारिश

सारांश

उत्तर प्रदेश में 48 घंटों की मूसलाधार बारिश ने 63 जिलों को चपेट में ले लिया — फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना अधिक वर्षा दर्ज हुई, 117 मकान क्षतिग्रस्त। नेपाल की बारिश से नदियों के उफान की आशंका के बीच योगी सरकार ने पूर्वी यूपी में हाई अलर्ट जारी किया है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश के 63 जनपदों में पिछले 24 घंटों में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा दर्ज।
फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना , कानपुर नगर में 160 गुना और हरदोई सहित दो अन्य जिलों में 130 गुना अधिक बारिश।
पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान से 117 मकान क्षतिग्रस्त।
नेपाल में भारी बारिश के मद्देनजर पूर्वी यूपी के सीमावर्ती जिलों में बाढ़ राहत दल अलर्ट मोड पर।
IMD के अनुसार आगामी 36 घंटों के बाद मौसम सामान्य होने की संभावना।
आपदा में सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन 1070 उपलब्ध।

उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने 63 जनपदों को प्रभावित किया है, जिसके मद्देनजर योगी आदित्यनाथ सरकार ने राहत एवं बचाव तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार, 26 सितंबर 2026 को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से मैदान में उतरकर राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आगामी 36 घंटों के बाद प्रदेश में मौसम के सामान्य होने की संभावना है।

बारिश का विस्तार और आँकड़े

राहत आयुक्त के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई। फर्रुखाबाद में यह आँकड़ा सबसे चौंकाने वाला रहा — वहाँ सामान्य से 200 गुना अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई। कानपुर नगर में 160 गुना, जबकि कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में 130 गुना अधिक वर्षा हुई।

वहीं भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य वर्षा दर्ज हुई और गाजीपुर में सबसे कम बारिश रही। बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में कोई वर्षा नहीं हुई। पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है।

नेपाल सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता

नेपाल में जारी भारी बारिश के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश की सीमावर्ती नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और नदियों के जलस्तर की निरंतर निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के अंतिम चरण में नेपाल की नदियाँ भारतीय मैदानी इलाकों में बाढ़ का प्रमुख कारण बनती हैं।

राहत एवं बचाव की व्यवस्था

राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवश्यकतानुसार फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों की सेवाएँ ली जाएँ। लेखपालों और ग्राम विकास अधिकारियों को कच्चे मकानों के आस-पास जलभराव की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने और जरूरत पड़ने पर परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब है कि योगी सरकार ने प्रशासन को स्पष्ट किया है कि प्रतिकूल मौसम के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। फसलों को हुए नुकसान का त्वरित आकलन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जा सके। क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को भी अनुमन्य राहत राशि तत्काल प्रदान करने को कहा गया है।

आम जनता के लिए अपील और हेल्पलाइन

राहत आयुक्त ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 36 घंटों के भीतर मौसम में सुधार की संभावना है, जिसके बाद राहत कार्यों को और तेज किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न ही बड़े नगर। नेपाल की बारिश से उफनती नदियाँ हर साल पूर्वी यूपी में तबाही मचाती हैं, फिर भी स्थायी बाढ़-प्रबंधन ढाँचे की कमी बनी हुई है। सरकारी हेल्पलाइन और अलर्ट मोड की घोषणाएँ त्वरित हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि फसल-नुकसान का आकलन और राहत राशि का वितरण कितनी तेज़ी से ज़मीन तक पहुँचता है — क्योंकि विगत वर्षों में इसी कड़ी में देरी सबसे बड़ी शिकायत रही है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से कितने जिले प्रभावित हुए हैं?
राहत आयुक्त के अनुसार, प्रदेश के 63 जनपदों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश हुई, जिसमें फर्रुखाबाद में सर्वाधिक 200 गुना अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई।
नेपाल सीमा से सटे जिलों में विशेष निगरानी क्यों की जा रही है?
नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश की सीमावर्ती नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है। इसी को देखते हुए राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को बाढ़ राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखने और नदियों के जलस्तर की निरंतर निगरानी के निर्देश दिए हैं।
बारिश से प्रभावित लोगों को राहत कैसे मिलेगी?
राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वेक्षण और फसल-नुकसान का आकलन भी तत्काल कराया जा रहा है ताकि नियमानुसार राहत शीघ्र वितरित हो सके।
उत्तर प्रदेश में मौसम कब सामान्य होगा?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 36 घंटों के बाद प्रदेश में मौसम सामान्य होने की संभावना है। तब तक प्रशासन और राहत दल पूरी तरह सक्रिय रहेंगे।
आपदा की स्थिति में कहाँ संपर्क करें?
किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। राहत आयुक्त ने आमजन से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 47 मिनट पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले