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यूपी में अतिवृष्टि से 56 की मौत, 1,021 मकान क्षतिग्रस्त; सामान्य से 775% अधिक बारिश दर्ज

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यूपी में अतिवृष्टि से 56 की मौत, 1,021 मकान क्षतिग्रस्त; सामान्य से 775% अधिक बारिश दर्ज

सारांश

उत्तर प्रदेश में 48 घंटों में सामान्य से 775% अधिक बारिश ने 56 जिलों को तबाह कर दिया — 56 मौतें, 1,021 मकान क्षतिग्रस्त। फर्रूखाबाद में सामान्य से 7,385% अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। राहत आयुक्त ने लापरवाही पर कड़ी चेतावनी देते हुए तत्काल मुआवज़े के आदेश दिए।

मुख्य बातें

25 से 27 सितंबर 2026 के बीच उत्तर प्रदेश में 56 लोगों की मौत , 46 घायल और 107 पशुओं की हानि की सूचना।
प्रदेश में 66.5 मिमी बारिश दर्ज — सामान्य 7.6 मिमी से 775 फीसदी अधिक; 75 में से 56 जिले प्रभावित।
1,021 मकान क्षतिग्रस्त; हरदोई में सर्वाधिक 272 मकान तबाह।
सीतापुर में सर्वाधिक 7 मौतें; फर्रूखाबाद में सामान्य से 7,385% अधिक बारिश।
हृषिकेश भास्कर यशोद ने तत्काल मुआवज़ा, फसल सर्वेक्षण और वैकल्पिक आवास के निर्देश दिए।
आपातकालीन सहायता हेतु हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी।

उत्तर प्रदेश में 25 सितंबर से 27 सितंबर 2026 के बीच पड़ी भीषण अतिवृष्टि और आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 48 घंटों में 56 लोगों की मौत, 46 लोग घायल, 107 पशुओं की हानि और 1,021 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य तेज़ कर दिए गए हैं।

बारिश का भयावह आँकड़ा

राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के अनुसार, 25 से 27 सितंबर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा केवल 7.6 मिलीमीटर होती है। इस प्रकार बारिश सामान्य से 775 फीसदी अधिक रही। प्रदेश के 75 जिलों में से 56 जिलों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई।

जिलेवार आँकड़े और भी चौंकाने वाले हैं: फर्रूखाबाद में सामान्य से 7,385 फीसदी, कन्नौज में 5,664 फीसदी, शाहजहांपुर में 4,408 फीसदी, हमीरपुर में 4,240 फीसदी और महोबा में 4,100 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

सर्वाधिक प्रभावित जिले

जनहानि के मामले में सीतापुर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहाँ 7 लोगों की मौत की सूचना है। लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में 5-5, जबकि अयोध्या और गोरखपुर में 4-4 मौतें दर्ज हुई हैं।

घायलों में हरदोई में 7, मैनपुरी, श्रावस्ती और बाराबंकी में 5-5 तथा सीतापुर और लखीमपुर खीरी में 3-3 लोग घायल बताए गए हैं। मकान क्षति में हरदोई में 272, सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 और बहराइच में 44 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और निर्देश

राहत आयुक्त डॉ. यशोद ने रविवार, 27 सितंबर को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों से सीधा संवाद कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं का त्वरित और संवेदनशील तरीके से समाधान हो तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अधिकारियों को राहत सामग्री और अनुमन्य सहायता राशि का वितरण प्राथमिकता के आधार पर करने, जनहानि और मकान क्षति के पीड़ितों को नियमानुसार मुआवज़ा तत्काल उपलब्ध कराने तथा जनप्रतिनिधियों को राहत कार्यों की नियमित जानकारी देने के निर्देश जारी किए गए हैं।

किसानों और विस्थापितों के लिए राहत

बारिश से प्रभावित किसानों के लिए प्रशासन को तत्काल सर्वेक्षण और फसल क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था और पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिलाने की भी बात कही गई है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मानसून के इस अंतिम चरण में इतनी तीव्र वर्षा असाधारण है। जलभराव वाले क्षेत्रों में फँसे लोगों को निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। आपातकालीन सहायता के लिए राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।

आम जनता के लिए सावधानी

प्रशासन ने लोगों से जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। नदियों और नालों के तेज़ बहाव वाले स्थानों से दूर रहने तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी हिदायत दी गई है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग की चेतावनियों पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जलवायु परिवर्तन की उस बदलती लय का संकेत है जो अब चरम घटनाओं को 'सामान्य' बना रही है। सवाल यह है कि 56 जिलों के एक साथ प्रभावित होने पर क्या राज्य की आपदा प्रबंधन प्रणाली वाकई तैयार है, या हर बार राहत आयुक्त के निर्देशों के बाद ही तंत्र सक्रिय होता है। किसानों की फसल क्षति का आकलन और मुआवज़ा वितरण — जो हर बाढ़ के बाद वादा बनकर रह जाता है — इस बार कितनी तेज़ी से ज़मीन पर उतरता है, यही इस प्रशासन की असली परीक्षा है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि से कितने लोगों की मौत हुई?
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 25 से 27 सितंबर 2026 के बीच अतिवृष्टि और आंधी-तूफान से उत्तर प्रदेश में 56 लोगों की मौत हुई है और 46 लोग घायल हुए हैं। सीतापुर में सर्वाधिक 7 मौतें दर्ज की गई हैं।
यूपी में इस बार बारिश कितनी अधिक रही?
25 से 27 सितंबर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 7.6 मिलीमीटर होती है — यानी बारिश सामान्य से 775 फीसदी अधिक रही। फर्रूखाबाद में तो यह आँकड़ा सामान्य से 7,385 फीसदी तक पहुँच गया।
कौन-से जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं?
जनहानि में सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, अयोध्या और गोरखपुर सबसे अधिक प्रभावित रहे। मकान क्षति में हरदोई (272 मकान), सीतापुर (108) और चंदौली (75) शीर्ष पर हैं। बारिश की तीव्रता के मामले में फर्रूखाबाद, कन्नौज और शाहजहांपुर सबसे आगे रहे।
प्रभावित लोगों को मुआवज़ा कैसे मिलेगा?
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनहानि, घायलों और मकान क्षति के मामलों में नियमानुसार अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। किसानों के लिए फसल क्षति सर्वेक्षण भी तत्काल शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
आपातकालीन सहायता के लिए कहाँ संपर्क करें?
राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और नदी-नालों के तेज़ बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील भी की है।
राष्ट्र प्रेस
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