सूरत में पानी की टंकी गिरने की घटना: गुजरात सरकार ने ठेकेदार से वसूले 1.04 करोड़ रुपए

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सूरत में पानी की टंकी गिरने की घटना: गुजरात सरकार ने ठेकेदार से वसूले 1.04 करोड़ रुपए

सारांश

गुजरात सरकार ने सूरत जिले में एक ओवरहेड पानी के टैंक के ढहने के बाद ठेकेदार से 1.04 करोड़ रुपए वसूलने का निर्णय लिया। मंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी। इस घटना में दोषी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने ठेकेदार से 1.04 करोड़ रुपए वसूले।
पानी की टंकी ताड़केश्वर गांव में ढही।
घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया गया।
पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नया टैंक बनाया जाएगा।
सूरत जिले में 34 गांवों को पानी की आपूर्ति की जा रही है।

गांधीनगर, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात सरकार ने सूरत जिले में एक नए ओवरहेड पानी के टैंक के गिरने के मामले में निर्माण एजेंसी से 1.04 करोड़ रुपए वसूलने का निर्णय लिया है। जल संसाधन और आपूर्ति मंत्री ईश्वरसिंह पटेल ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में यह जानकारी साझा की।

पटेल ने बताया कि यह टैंक ताड़केश्वर गांव में हरियाल सब-हेडवर्क्स पर स्थापित किया गया था और परीक्षण के दौरान यह ढह गया।

इस टैंक की नौ लाख लीटर की भंडारण क्षमता थी और इसके लिए 94.84 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 83.45 लाख रुपए निर्माण एजेंसी को दिए जा चुके थे।

इस घटना के बाद, सरकार ने ठेकेदार से 1.04 करोड़ रुपए वसूल किए और निर्माण के लिए जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

मंत्री ने सदन को बताया कि इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य लोगों को ड्यूटी से निलंबित कर दिया गया है और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।

पटेल ने कहा, "पानी का टैंक ढहने की घटना में जिम्मेदार सभी व्यक्तियों को ड्यूटी से निलंबित किया गया है। इस मामले में दोषी अधिकारी और आरोपी फिलहाल जेल में हैं।"

उन्होंने यह भी कहा कि उसी एजेंसी द्वारा किए गए अन्य कार्यों का सख्त निरीक्षण प्रोजेक्ट साइट्स पर किया जा रहा है।

पटेल ने आश्वासन दिया, "इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।" यह घटना जनवरी में एक ट्रायल रन के दौरान हुई थी, जब नए बनाए गए टैंक की मजबूती जांचने के लिए उसमें पानी भरा जा रहा था।

गायपगला ग्रुप जल आपूर्ति योजना के तहत निर्मित 15 मीटर ऊंचा यह ढांचा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के कई गांवों को पीने का पानी मुहैया कराना था, परीक्षण के दौरान अचानक गिर गया, जिससे पास में काम कर रहे तीन मजदूर घायल हो गए।

पटेल ने विधानसभा को यह जानकारी भी दी कि उसी स्थान पर एक नया पानी का टैंक बनाया जाएगा ताकि क्षेत्र के निवासियों को पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

राज्य में जल इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में और जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में पूरे गुजरात में 20,000 से अधिक पानी के टैंक बनाए गए हैं ताकि साफ पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके, खासकर दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए।

उन्होंने कहा, "सूरत जिले में 34 गांवों को पानी की आपूर्ति के लिए इस योजना के तहत 24 करोड़ रुपये से अधिक मंजूर किए गए हैं।" इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य जिले के ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की उपलब्धता को मजबूत करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इससे यह भी साबित होता है कि निर्माण मानकों की जांच में लापरवाही हो सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत में पानी की टंकी गिरने का कारण क्या था?
पानी की टंकी गिरने का कारण उसकी मजबूती की कमी थी, जो परीक्षण के दौरान जांची जा रही थी।
सरकार ने ठेकेदार से कितने पैसे वसूल किए?
सरकार ने ठेकेदार से 1.04 करोड़ रुपए वसूल किए।
इस घटना में कितने लोग घायल हुए?
परीक्षण के दौरान तीन मजदूर घायल हुए।
क्या अधिकारियों को सस्पेंड किया गया?
हाँ, जिम्मेदार अधिकारियों को ड्यूटी से निलंबित कर दिया गया है।
क्या नए पानी के टैंक का निर्माण होगा?
हाँ, उसी स्थान पर एक नया पानी का टैंक बनाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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