क्या सूरत में पानी की टंकी गिरने से पांच लोगों की गिरफ्तारी के पीछे बड़ा भ्रष्टाचार है?

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क्या सूरत में पानी की टंकी गिरने से पांच लोगों की गिरफ्तारी के पीछे बड़ा भ्रष्टाचार है?

सारांश

गुजरात में पानी की टंकी गिरने से पांच लोग गिरफ्तार हुए हैं। इस घटना ने 21 करोड़ रुपए की परियोजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को जन्म दिया है। क्या यह केवल एक दुर्घटना है या इसके पीछे और भी गहरा मामला है? जानिए पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • पानी टंकी का गिरना एक गंभीर घटना है।
  • गिरफ्तार किए गए लोग निर्माण में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार हैं।
  • राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है।
  • स्थानीय लोग इस घटना से नाराज हैं।
  • भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण लागू होगा।

सूरत, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात पुलिस ने सूरत जिले के मांडवी तालुका के तड़केश्वर गांव में परीक्षण के दौरान नए बने पानी के टैंक के गिरने की घटना में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना ने 21 करोड़ रुपए की सार्वजनिक परियोजना में भ्रष्टाचार, खराब निर्माण गुणवत्ता और लापरवाही के गंभीर आरोप खड़े कर दिए हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य ठेकेदार जयन्ती पटेल और अंबालाल पटेल, साइट सुपरवाइजर जैस्मिन पटेल, एक स्टाफ सुपरवाइजर और एक अन्य सहयोगी शामिल हैं।

जांचकर्ताओं ने बताया कि सभी आरोपी रिश्तेदार हैं और कथित तौर पर निर्माण कार्य में अनियमितताएं करने के लिए मिलकर काम कर रहे थे।

घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।

यह पानी का टैंक गुजरात जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के तहत 33 से अधिक गांवों को साफ पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया था।

11 लाख लीटर पानी की क्षमता वाला 15 मीटर ऊंचा यह टैंक मेहसाना स्थित जयन्ती सुपर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बनाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, सामान्य परीक्षण के दौरान लगभग 9 लाख लीटर पानी भरा गया था, तभी टैंक अचानक जोरदार धमाके के साथ ढह गया और पूरी संरचना मलबे में बदल गई। इस घटना में तीन मजदूर घायल हुए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

तुरंत प्रशासनिक कार्रवाई के तहत, राज्य सरकार ने तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया, जिनमें सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अंकित गरासिया, कार्यकारी इंजीनियर राजनिकांत चौधरी और डिप्टी इंजीनियर जय चौधरी हैं।

ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, सभी भुगतान रोक दिए गए हैं, और मंडवी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट में कम गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री का उपयोग, निर्माण मानकों का उल्लंघन और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई है।

घटना से स्थानीय ग्रामीणों में गहरी नाराजगी फैल गई है। उनका कहना है कि यह परियोजना उनकी पीने के पानी की समस्या को स्थायी रूप से हल करने के लिए बनाई गई थी। इसके बजाय, उनका आरोप है कि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ, जिससे समुदाय बिना पानी की बुनियादी सुविधा के रह गया और शासन में भरोसा कमजोर हुआ।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच जारी है और साक्ष्यों के मिलने पर और गिरफ्तारी हो सकती है। राज्य सरकार ने कहा है कि जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं में कड़े गुणवत्ता नियंत्रण लागू किए जाएंगे।

Point of View

बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

पानी की टंकी गिरने का कारण क्या था?
परीक्षण के दौरान टंकी में भरे गए पानी की मात्रा और निर्माण गुणवत्ता की कमी के चलते टंकी गिरी।
गिरफ्तार किए गए लोग कौन हैं?
गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य ठेकेदार, साइट सुपरवाइजर और अन्य सहयोगी शामिल हैं।
क्या इस घटना में घायल हुए लोग ठीक हैं?
घायल लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया था और उनकी स्थिति की जानकारी अभी भी मिल रही है।
राज्य सरकार ने क्या कार्रवाई की है?
राज्य सरकार ने तीन अधिकारियों को निलंबित किया है और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
क्या और गिरफ्तारियां हो सकती हैं?
पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और साक्ष्यों के मिलने पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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