सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव को सांप के जहर मामले में दी बड़ी राहत
सारांश
Key Takeaways
- सुप्रीम कोर्ट ने एल्विश यादव को राहत दी।
- शिकायत में प्रक्रियात्मक खामियां पाई गई।
- नए सिरे से शिकायत दर्ज करने की अनुमति दी गई।
- कोर्ट ने ठोस सबूतों की कमी बताई।
- नोएडा पुलिस ने रेव पार्टी में मामला दर्ज किया था।
मुंबई, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी के विजेता एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। कोर्ट ने यूट्यूबर के खिलाफ सांप के जहर की तस्करी और इसके सेवन से संबंधित मामलों में चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। जजों ने यह कहा कि शिकायत में प्रक्रियात्मक खामियां मौजूद थीं। हालाँकि, न्यायालय ने अधिकारियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत नई शिकायत दर्ज करने और जांच जारी रखने की अनुमति दी है।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान बताया कि जिस प्रकार से शिकायत दर्ज की गई थी, उसमें प्रक्रियात्मक खामियां थीं और यह कानून के अनुसार मान्य नहीं हो सकती। कोर्ट ने कहा कि इसमें अन्य मुद्दों पर विचार नहीं किया जाएगा, लेकिन अधिकारियों को नए सिरे से शिकायत दर्ज करने का मार्ग खुला रखा है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि एल्विश यादव पर लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है। इसके बाद, कोर्ट ने आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने का निर्णय लिया।
नोएडा पुलिस ने नवंबर 2023 में एक रेव पार्टी में कथित तौर पर सांपों के जहर का उपयोग करने के आरोप में एल्विश यादव और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 17 मार्च 2024 को उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। यूट्यूबर पर गंभीर आरोप थे कि वे मनोरंजन के लिए वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाते हैं, जो कानूनी रूप से गलत है।
मामले में दायर चार्जशीट में कहा गया था कि एल्विश यादव और सपेरे के बीच संपर्क था और वे पार्टियों के दौरान सपेरे को बुलाते थे। मामले के सामने आने के बाद यूट्यूबर की संपत्ति को लेकर भी सवाल उठे। लोगों का कहना था कि ऐसा करके ही एल्विश ने मोटा पैसा कमाया है, लेकिन उनके पिता ने स्पष्ट किया था कि जिन गाड़ियों का यूट्यूबर अपनी रील में उपयोग करते हैं, वे किराए की होती हैं।