सुप्रीम कोर्ट ने नेहा सिंह राठौर को दी अग्रिम जमानत, जांच प्रक्रिया जारी

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सुप्रीम कोर्ट ने नेहा सिंह राठौर को दी अग्रिम जमानत, जांच प्रक्रिया जारी

सारांश

भोजपुरी गायिका नेहा सिंह राठौर को सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है। अदालत ने उन्हें जांच में सहयोग देने का आदेश दिया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली।
जांच प्रक्रिया में सहयोग देना अनिवार्य है।
यह मामला सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट से संबंधित है।
एफआईआर लखनऊ में दर्ज की गई थी।
पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को संदर्भित किया गया।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सोशल मीडिया पर एक विवादास्पद पोस्ट से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भोजपुरी गायिका नेहा सिंह राठौर को अग्रिम जमानत प्रदान की है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया जारी रहेगी और उन्हें जांच एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग करना होगा। इस विवादास्पद पोस्ट के चलते उन्हें लखनऊ में एक एफआईआर का सामना करना पड़ा था।

सुनवाई के दौरान जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदूरकर की बेंच ने नेहा को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को सूचित किया कि नेहा जांच अधिकारियों के सामने पेश हो चुकी हैं और उनका बयान दर्ज हो चुका है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें राहत देते हुए कहा कि फिलहाल उनकी गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं है, लेकिन उन्हें आगे भी जांच में सहयोग करना होगा।

इस वर्ष जनवरी में, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की थी। उस समय अदालत ने निर्देश दिया था कि नेहा को जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होना होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि पहली बार 9 जनवरी को उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष पेश होना था, और यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।

यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई एक पोस्ट से संबंधित है। आरोप है कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद नेहा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ ऐसे बयान दिए थे, जिन्हें आपत्तिजनक और भड़काऊ माना गया। इसी आधार पर उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।

एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 पर्यटकों की जान गई थी। इस संवेदनशील घटना के बाद राठौर द्वारा की गई कथित पोस्ट पर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि ऐसी पोस्ट से दो समुदायों के बीच नफरत फैल सकती है और इससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। इसी आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय यह दर्शाता है कि न्यायालय जांच प्रक्रिया का सम्मान करता है, जबकि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा भी करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेहा सिंह राठौर को अग्रिम जमानत क्यों मिली?
सुप्रीम कोर्ट ने जांच में सहयोग करने के आधार पर उन्हें अग्रिम जमानत दी।
क्या नेहा को जांच में शामिल होना था?
हाँ, अदालत ने उन्हें जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का आदेश दिया था।
इस मामले में एफआईआर कब दर्ज की गई थी?
एफआईआर लखनऊ में विवादित पोस्ट के बाद दर्ज की गई थी।
पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का संबंध क्या है?
नेहा की विवादास्पद पोस्ट उस हमले के बाद आई थी, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे।
इस मामले का सामाजिक प्रभाव क्या है?
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नेहा की पोस्ट से समुदायों के बीच नफरत फैल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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