17 जुलाई 2026
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहलगाम हमले के बाद 'पाकिस्तान जिंदाबाद' पोस्ट करने वाले व्यक्ति को दी जमानत

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहलगाम हमले के बाद 'पाकिस्तान जिंदाबाद' पोस्ट करने वाले व्यक्ति को दी जमानत

सारांश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहलगाम हमले के बाद 'पाकिस्तान जिंदाबाद' पोस्ट करने के आरोपी को जमानत दी है। कोर्ट ने आरोपी को कुछ शर्तों के साथ रिहा किया है और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने से रोका है। जानिए इस मामले में कोर्ट का क्या फैसला है।

मुख्य बातें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दी।
आरोपी का नाम फैजान है।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट पर रोक।
जमानत शर्तों का उल्लंघन होने पर रद्द हो सकती है।
पुलिस ने जमानत का विरोध किया था।

प्रयागराज, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पहलगाम हमले के तुरंत बाद इंस्टाग्राम पर 'पाकिस्तान जिंदाबाद' पोस्ट करने के आरोपी को जमानत दी। इस आतंकी हमले में 26 लोग जान गंवा चुके थे।

पुलिस ने इस मामले में आरोपी फैजान को एटा जिले के जलेसर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। अपराध की प्रकृति और रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री को ध्यान में रखते हुए, न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल न्यायाधीश पीठ ने आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया।

कोर्ट की सुनवाई के दौरान, आरोपी फैजान के वकील एनआई जाफरी ने तर्क रखा और बीएनएस के सेक्शन 152 का हवाला देते हुए कहा, "आरोपी ने भारत के लिए कोई अपमानजनक या बेइज्जती वाली बात पोस्ट नहीं की थी।"

उन्होंने यह भी तर्क किया कि किसी दुश्मन देश का समर्थन करना अकेले में सेक्शन 152 बीएनएस के दायरे में नहीं आता है। यह मामला सेक्शन 196 बीएनएस के तहत आ सकता है, जिसकी सुनवाई मजिस्ट्रेट कर सकता है और जिसमें अधिकतम तीन से पांच वर्ष की सजा हो सकती है।

हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान, उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी फैजान की जमानत याचिका का विरोध किया। पुलिस की दलीलों को खारिज करते हुए, हाईकोर्ट ने आरोपी को कुछ शर्तों के साथ जमानत प्रदान की।

जस्टिस देशवाल ने निर्देश दिया कि आरोपी फैजान सोशल मीडिया पर कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड नहीं करेगा, जो देश की प्रतिष्ठा या किसी समुदाय के खिलाफ हो।

हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आरोपी मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई प्रलोभन, धमकी या वादा नहीं करेगा। इसके अलावा, हाईकोर्ट ने यह भी शर्त रखी कि वह मुकदमे की प्रक्रिया में सहयोग करेगा, और रिहाई के बाद किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होगा।

आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि शर्तों का कोई उल्लंघन होता है, तो जमानत रद्द की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी आवश्यक है कि आरोपी समाज में शांति बनाए रखे।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या फैजान को जमानत मिल गई है?
हां, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैजान को जमानत दे दी है।
फैजान पर क्या आरोप थे?
फैजान पर पहलगाम हमले के बाद 'पाकिस्तान जिंदाबाद' पोस्ट करने का आरोप था।
कोर्ट ने फैजान को किन शर्तों पर जमानत दी?
कोर्ट ने फैजान को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट ना डालने और मामले के तथ्यों से परिचित किसी को प्रलोभित नहीं करने की शर्त पर जमानत दी।
क्या यह मामला गंभीर है?
हां, यह मामला आतंकवाद से जुड़े एक हमले के बाद की स्थिति से संबंधित है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
क्या जमानत उल्लंघन पर रद्द हो सकती है?
हां, यदि फैजान ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया, तो जमानत रद्द हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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