मणिपुर के मुख्यमंत्री ने शासन में सुधार हेतु चार डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्घाटन किया
सारांश
Key Takeaways
- चार डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया है।
- पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।
- नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी।
- टेक्नोलॉजी के माध्यम से सेवा वितरण में सुधार होगा।
- स्मार्ट पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
इंफाल, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार को राज्य में शासन और सेवा वितरण में सुधार के लिए चार डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी के अनुसार, ये चार प्लेटफॉर्म केंद्रीकृत आरटीआई राज्य पोर्टल, ई-सेबा मणिपुर, एक्सप्लोर मणिपुर और एआई-आधारित स्कीम फाइंडर हैं, जिन्हें सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विकसित किया गया है।
इन पहलों के माध्यम से सरकार पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल तकनीकों का उपयोग करने के अपने संकल्प को मजबूत कर रही है।
अधिकारी ने बताया कि केंद्रीकृत आरटीआई राज्य पोर्टल के जरिए नागरिक अब ऑनलाइन आरटीआई आवेदन दायर कर सकेंगे और उसकी स्थिति को ट्रैक कर पाएंगे। यह प्लेटफॉर्म 20 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तैयार किया गया है, जिसमें ऑनलाइन आरटीआई सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया गया था। इससे सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रणाली में अब तक 287 विभागों और प्रशासनिक इकाइयों को जोड़ा गया है और 266 जन सूचना अधिकारियों को शामिल किया गया है।
ई-सेबा मणिपुर एक उन्नत सेवा वितरण प्लेटफॉर्म है, जिसे सरकारी सेवाओं तक आसान और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पिछले ई-सेवा प्लेटफॉर्म का उन्नत संस्करण है, जिसके माध्यम से 35 सेवाएं प्रदान की गई थीं और 34 लाख से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए थे।
इस नए प्लेटफॉर्म में राजस्व विभाग और रोजगार कार्यालय की प्रमुख सेवाएं जैसे निवास, आय, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाण पत्र और रोजगार से संबंधित सेवाएं शामिल की गई हैं। यह प्रणाली ऑनलाइन और सहायता-आधारित दोनों प्रकार की पहुंच उपलब्ध कराएगी, जिससे दूरदराज और वंचित क्षेत्रों के लोगों को विशेष लाभ मिलेगा।
एक्सप्लोर मणिपुर एक समग्र डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो राज्य को बेहतर तरीके से जानने और अनुभव करने में मदद करेगा। इसमें स्मार्ट सर्च, इंटरैक्टिव मानचित्र और पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थानों, बाजारों, परिवहन और सरकारी सेवाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी। इससे स्मार्ट पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
वहीं, एआई-आधारित स्कीम फाइंडर नागरिकों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सरकारी योजनाएं खोजने में सहायता करेगा। यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता की जानकारी के आधार पर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की सिफारिश करेगा, जिससे योग्य लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंच सकेगा।
इन सभी पहलों से राज्य सरकार के तकनीक के माध्यम से शासन को मजबूत करने, सेवा वितरण में सुधार लाने और नागरिकों को सशक्त बनाने के प्रयास को बल मिलेगा।
इस अवसर पर गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास सिंह, मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग बाजपेयी, मुख्य सूचना आयुक्त के. राधाश्याम सिंह, मुख्यमंत्री के आयुक्त एन. अशोक कुमार, आईटी सचिव सोमोर्जीत सलाम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।