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क्या नेहा सिंह राठौर ने हजरतगंज थाने में जांच में सहयोग दिया?

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क्या नेहा सिंह राठौर ने हजरतगंज थाने में जांच में सहयोग दिया?

सारांश

लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में जांच अधिकारी के सामने पेश होकर सहयोग देने का आश्वासन दिया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उन्होंने यह कदम उठाया। जानिए इस विवाद के पीछे की कहानी और नेहा के गाने के कारण खड़ी हुई मुश्किलें।

मुख्य बातें

नेहा सिंह राठौर ने हजरतगंज थाने में जांच में सहयोग देने का आश्वासन दिया।
उनके गाने ने विवाद को जन्म दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है।

मुंबई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोक गायिका नेहा सिंह राठौर सोमवार को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस थाने में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में पुलिस के समक्ष उपस्थित हुईं। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई है और उन्हें निर्देश दिया था कि वे निर्धारित समय पर जांच अधिकारी के सामने हाजिर हों तथा जांच में सहयोग करें।

नेहा सिंह राठौर ने सुबह 11 बजे थाने आकर कहा, "मुझे सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को सुबह 11 बजे हजरतगंज पुलिस थाने में जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होने का आदेश दिया था। मैं उसी आदेश का पालन करने यहां आई हूं। मैं न्यायिक प्रक्रिया में अपना पूरा सहयोग दूंगी।"

यह मामला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले से संबंधित है, जिसमें पर्यटकों की धर्म पूछकर हत्या की गई थी। इस घटना के बाद नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर कई पोस्ट और गाने साझा किए। इनमें से सबसे विवादित गाना, 'चौकीदारवा कायर बा…,' था, जिसे उन्होंने मई 2025 में प्रस्तुत किया। इस गाने में भाजपा सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं, जिसके बाद वाराणसी और लखनऊ में कई एफआईआर दर्ज की गईं।

अकेले लखनऊ के लंका थाने में 318 शिकायतें दर्ज की गईं और कुल मिलाकर 500 से अधिक शिकायतें विभिन्न थानों में पहुंचीं।

नेहा के खिलाफ आरोप था कि उनके गानों और पोस्ट ने देश की अखंडता को नुकसान पहुंचाने और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की। शिकायतकर्ता ने बताया कि नेहा की पोस्ट और गाने पाकिस्तान में भी व्यापक रूप से साझा किए गए और वहां के मीडिया द्वारा भारत की आलोचना के लिए इस्तेमाल किए गए। इस मामले में हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई थी।

इससे पहले, नेहा सिंह राठौर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने और अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन लखनऊ बेंच ने 5 दिसंबर 2025 को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजकर हजरतगंज थाने में पेश होने के लिए कहा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी और स्पष्ट किया कि वह जांच में सहयोग करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेहा सिंह राठौर को कब और क्यों थाने बुलाया गया?
नेहा सिंह राठौर को 19 जनवरी को हजरतगंज थाने में पेश होने का आदेश दिया गया था, जो उनके द्वारा शेयर किए गए विवादित गाने और पोस्ट के कारण था।
सुप्रीम कोर्ट ने नेहा के मामले में क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने नेहा की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी और उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया।
क्या विवादित गाने ने साम्प्रदायिक सौहार्द को प्रभावित किया?
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नेहा के गाने ने साम्प्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाया है।
राष्ट्र प्रेस
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