दिल्ली में AI मॉर्फ्ड तस्वीरों से युवतियों को ब्लैकमेल करने वाला साइबर अपराधी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उत्तरी जिले के साइबर पुलिस थाने ने 4 जून 2026 को भलस्वा डेयरी निवासी सौरभ (उम्र 30 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जिस पर एआई-आधारित उपकरणों से युवतियों की तस्वीरें मॉर्फ करके उन्हें ब्लैकमेल करने और पैसे वसूलने का आरोप है। मलकागंज की एक 19 वर्षीय पीड़िता की शिकायत के बाद यह कार्रवाई हुई, जिसने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले का घटनाक्रम
पीड़िता के अनुसार, उसे व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से एक मॉर्फ्ड तस्वीर भेजी गई। इसके बाद भेजने वाले ने उसे 'लक्ष्य गर्ग' नाम से संचालित स्नैपचैट अकाउंट के ज़रिये संपर्क करने को कहा। आरोपी ने कथित तौर पर उस तस्वीर को हटाने के बदले ₹30,000 की माँग की। धमकियों से घबराकर पीड़िता के परिवार ने क्यूआर कोड के माध्यम से यह राशि भेज दी।
गौरतलब है कि कुछ महीनों बाद, फरवरी 2026 में, आरोपी ने फिर संपर्क कर अतिरिक्त धन की माँग की। पीड़िता ने एक साइबर कैफे के माध्यम से ₹10,000 और भेजे। इसके बाद आरोपी ने अन्य युवतियों के संपर्क विवरण देने के लिए भी दबाव डाला। जब पीड़िता ने मना किया, तो धमकियाँ जारी रहीं, जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया।
आरोपी का तरीकावार
पूछताछ में सौरभ ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वह एक निजी वित्तीय कंपनी में काम करता था और अवैध आर्थिक लाभ के लिए साइबर ब्लैकमेल का सहारा लेता था। वह सोशल मीडिया पर नौकरी देने वाले के रूप में युवतियों को निशाना बनाता था। उनका विश्वास जीतने के बाद वह उनके रिज्यूमे माँगता और वीडियो सत्यापन कॉल के लिए राज़ी करता। इन कॉलों के स्क्रीनशॉट को एआई टूल्स से अश्लील तस्वीरों में बदला जाता था, जिनका उपयोग ब्लैकमेलिंग के लिए होता था।
पुलिस टीम और कानूनी कार्रवाई
उत्तर जिले के साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 77, 79, 308(2) और 351(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। महिला सब-इंस्पेक्टर हंसुल गुप्ता के नेतृत्व में कांस्टेबल शहजाद, आकाश और अमन की टीम ने, एसएचओ इंस्पेक्टर रोहित गहलोत की देखरेख और एसीपी ऑपरेशंस विशेष दत्तारवाल के मार्गदर्शन में तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड और एक वाई-फाई राउटर बरामद किया है, जिनका कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल हुआ था।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
जाँच में यह भी सामने आया कि सौरभ को इससे पहले 2022 और 2023 में भारत नगर और साइबर शाहदरा पुलिस थानों में जबरन वसूली, यौन उत्पीड़न और पीछा करने के दो मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका था। यह उसकी तीसरी गिरफ्तारी है।
आगे की जाँच
पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जाँच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला एआई-सक्षम साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को उजागर करता है, जहाँ अपराधी तकनीक का दुरुपयोग कर कमज़ोर वर्गों को निशाना बना रहे हैं।