एआई से 100+ अश्लील तस्वीरें बनाकर महिला को किया ऑनलाइन प्रताड़ित, दिल्ली से आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने 28 मई 2026 को नई दिल्ली निवासी सुमित शर्मा (27 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने एक अहमदाबाद की महिला और उसकी माँ की तस्वीरों को एआई टूल्स के ज़रिए अश्लील मॉर्फ्ड तस्वीरों और वीडियो में बदला तथा उन्हें फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपलोड किया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की कई धाराओं के तहत अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।
मामले का पूरा घटनाक्रम
जाँच अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता इस्कॉन हरे कृष्णा संस्था से जुड़ी हुई हैं और उनकी पहली मुलाकात सुमित शर्मा से इंस्टाग्राम के ज़रिए हुई थी। आरोपी धार्मिक विषयों पर बातचीत शुरू करता था और सोशल मीडिया पर धार्मिक प्रवचन से जुड़े वीडियो भी अपलोड करता था।
पुलिस के अनुसार, जब महिला ने सुमित की दोस्ती की पेशकश ठुकरा दी, तो उसने दिसंबर 2025 से 6 अप्रैल 2026 के बीच महिला को ऑनलाइन परेशान करना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने महिला के नाम से तीन फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाए और महिला की तस्वीर लगाकर एक यूट्यूब चैनल भी तैयार किया।
एआई से बनाई गई अश्लील सामग्री
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने महिला और उसकी माँ की तस्वीरें इंस्टाग्राम से डाउनलोड कीं और विभिन्न एआई टूल्स व वेबसाइटों की मदद से 100 से अधिक मॉर्फ्ड अश्लील तस्वीरें तैयार कीं। इन्हें अश्लील टेक्स्ट के साथ फर्जी अकाउंट्स पर अपलोड कर महिला को बदनाम करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की गई।
जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब समेत कई प्लेटफॉर्म पर पीड़िता के नाम से 8 से 10 फर्जी अकाउंट बना रखे थे।
गिरफ्तारी कैसे हुई
साइबर क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर एम.एच. भेतारिया और उनकी टीम ने तकनीकी जाँच और खुफिया जानकारी की मदद से आरोपी का पता लगाया। इसके बाद पुलिस टीम नई दिल्ली पहुँची और सुमित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता ने ऑनलाइन पीछा करने, फर्जी पहचान बनाने और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी।
मिशन साइबर रक्षिका अभियान
यह कार्रवाई अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच के 'मिशन साइबर रक्षिका: #सिक्योरहरस्पेस' अभियान के तहत की गई। यह अभियान महिलाओं को साइबर अपराधों — जिनमें डीपफेक प्रोफाइल, एआई से बनी मॉर्फ्ड तस्वीरें, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, ब्लैकमेल और डिजिटल शोषण शामिल हैं — से बचाने और उनके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए शुरू किया गया है।
पुलिस की सलाह
गिरफ्तारी के बाद अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल को प्राइवेट या लॉक रखें और अनजान लोगों से ऑनलाइन दोस्ती करने से बचें। यह मामला एआई-सक्षम साइबर उत्पीड़न के बढ़ते खतरे की ओर ध्यान दिलाता है, जिसमें आम लोगों की सोशल मीडिया तस्वीरों का दुरुपयोग किया जा रहा है।