क्या दिल्ली में साइबर स्टॉकर गिरफ्तार हुआ, जिसने पूर्व कर्मचारी को बदनाम करने के लिए फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया?
सारांश
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नई दिल्ली, 8 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की साइबर टीम ने ऑनलाइन छेड़छाड़, साइबर उत्पीड़न और मानहानि के एक गंभीर मामले में बिहार के मधुबनी निवासी मोहम्मद साहिद (37 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पूर्व महिला कर्मचारी की तस्वीर का दुरुपयोग कर फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाई और उसमें अश्लील, अपमानजनक सामग्री पोस्ट कर पीड़िता की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की।
घटना की शुरुआत 23 सितंबर 2025 को हुई जब पीड़िता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी पुरानी तस्वीर को प्रोफाइल फोटो बनाकर फर्जी अकाउंट चला रहा है, जो उसके दोस्तों और फॉलोअर्स को फॉलो रिक्वेस्ट भेज रहा है और अपमानजनक पोस्ट कर रहा है। पुलिस ने 27 अक्टूबर को हरियाणा के आईएमटी मानेसर से उसे दबोचा और अपराध में इस्तेमाल स्मार्टफोन बरामद किया। शिकायत पर बीएनएस की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में इंस्टाग्राम/मेटा से प्राप्त डेटा और डिजिटल फुटप्रिंट एनालिसिस से पता चला कि अकाउंट मानेसर क्षेत्र से ऑपरेट हो रहा है।
एसीपी ऑपरेशंस विजय पाल सिंह तोमर के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक (एसएचओ साइबर) की देखरेख में एसआई प्रियंका, एचसी रीना कुमारी और एचसी जयप्रकाश की टीम ने मानेसर में लगातार छापेमारी की। तकनीकी निगरानी और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर 27 अक्टूबर को आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ में साहिद ने कबूल किया कि पीड़िता उसके छोटे फैक्ट्री यूनिट में काम करती थी। बकाया वेतन मांगने पर विवाद हुआ, जिससे नाराज होकर उसने बदला लेने के लिए यह कृत्य किया। फोन की जांच में फर्जी अकाउंट सक्रिय मिला, जिसमें आपत्तिजनक कंटेंट भरा था।
आरोपी मोहम्मद साहिद इंटर पास है और मानेसर में प्राइवेट जॉब करता है। उसके अन्य डिवाइस की फोरेंसिक जांच जारी है ताकि पता लगाया जा सके कि वह इसी तरह की और घटनाओं में शामिल तो नहीं।
डीसीपी दक्षिण-पश्चिम अमित गोयल ने कहा, "यह गिरफ्तारी साइबरस्पेस में महिलाओं की सुरक्षा और ऑनलाइन उत्पीड़न के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।"