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कच्छ पुलिस ने 3 दिन में लौटाए ₹35 लाख, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के आदेश पर हुई त्वरित कार्रवाई

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कच्छ पुलिस ने 3 दिन में लौटाए ₹35 लाख, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के आदेश पर हुई त्वरित कार्रवाई

सारांश

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के एक आदेश ने पूरी व्यवस्था को हिला दिया — पश्चिम कच्छ पुलिस ने सिर्फ 3 दिन में मुंद्रा की आशाबेन सिद्धपुरा को ₹35 लाख से अधिक की ठगी की रकम वापस दिला दी। 'तेरा तुझको अर्पण' अभियान की यह सफलता निवेश धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच एक राहत की खबर है।

मुख्य बातें

पश्चिम कच्छ पुलिस ने उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के आदेश पर मात्र 3 दिनों में धोखाधड़ी की ₹35 लाख से अधिक की राशि वापस दिलाई।
पीड़िता मुंद्रा निवासी आशाबेन सिद्धपुरा थीं, जो लगभग तीन साल पहले एक फर्जी कंपनी के 'डबल मनी' जाल में फँसी थीं।
पुलिस अधीक्षक विकास सुंडा ने एलसीबी टीम के साथ 'तेरा तुझको अर्पण' अभियान के तहत कार्रवाई की।
आशाबेन ने न्याय के लिए स्वयं गांधीनगर पहुँचकर उपमुख्यमंत्री से मुलाकात की थी।
आशाबेन ने नागरिकों से अपील की कि 'डबल मनी' जैसी संदिग्ध योजनाओं में निवेश से बचें।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के कड़े निर्देश के बाद पश्चिम कच्छ पुलिस ने महज तीन दिनों में एक धोखाधड़ी पीड़िता को ₹35 लाख से अधिक की राशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की। मुंद्रा निवासी आशाबेन सिद्धपुरा ने न्याय के लिए स्वयं गांधीनगर पहुँचकर उपमुख्यमंत्री के समक्ष अपनी आपबीती रखी थी, जिसके बाद यह त्वरित कार्रवाई संभव हुई।

कैसे हुई ठगी

लगभग तीन साल पहले आशाबेन रोजगार की तलाश में एक कंपनी से एजेंट के रूप में जुड़ी थीं। कंपनी ने पैसे दोगुने करने की आकर्षक योजनाएँ दिखाकर न केवल आशाबेन से, बल्कि उनके माध्यम से अन्य लोगों से भी बड़ी रकम जमा करा ली। जब निर्धारित अवधि पूरी होने पर पैसे वापसी का समय आया, तो कंपनी के संचालकों ने पहले बहाने बनाए और बाद में स्पष्ट रूप से भुगतान से इनकार कर दिया।

अपनी और अन्य लोगों की जीवनभर की कमाई फँस जाने से आशाबेन गंभीर आर्थिक संकट में पड़ गईं। स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने पर वे सीधे गांधीनगर पहुँचीं और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी से मिलकर अपनी पूरी व्यथा सुनाई।

उपमुख्यमंत्री का हस्तक्षेप

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल पश्चिम कच्छ पुलिस अधीक्षक को कड़े आदेश जारी किए कि पीड़िता को शीघ्रातिशीघ्र न्याय दिलाया जाए और उनकी राशि वापस कराने के लिए हर संभव कदम उठाया जाए। यह हस्तक्षेप उस व्यवस्था का उदाहरण है जहाँ नागरिक सीधे जनप्रतिनिधि तक पहुँचकर राहत पाते हैं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री के आदेश मिलते ही पश्चिम कच्छ पुलिस अधीक्षक विकास सुंडा ने अगले ही दिन आशाबेन से प्रत्यक्ष भेंट की और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। एलसीबी सहित पुलिस की विशेष टीम ने तत्काल गहन जाँच शुरू की। पुलिस अधीक्षक विकास सुंडा के अनुसार, यह कार्रवाई 'तेरा तुझको अर्पण' अभियान के अंतर्गत की गई, जिसके परिणामस्वरूप केवल तीन दिनों में ₹35 लाख से अधिक की राशि वापस दिलाने में सफलता मिली।

पीड़िता की प्रतिक्रिया और अपील

जीवनभर की कमाई सुरक्षित वापस मिलने पर आशाबेन ने गहरी राहत जताई और कहा कि उनका गांधीनगर तक का सफर वास्तव में सार्थक रहा। उन्होंने उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की त्वरित निर्णय क्षमता और पश्चिम कच्छ पुलिस की पूरी टीम का हार्दिक आभार व्यक्त किया। साथ ही आशाबेन ने नागरिकों से अपील की कि वे अधिक लाभ या पैसे दोगुने करने के लालच में किसी भी संदिग्ध कंपनी में निवेश न करें।

आगे क्या

इस मामले में पुलिस की जाँच अभी जारी है और कंपनी के संचालकों के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है। यह घटना निवेश धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच आई है, जहाँ 'डबल मनी' जैसी योजनाएँ आम नागरिकों को निशाना बनाती रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि कंपनी के संचालकों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा कितनी तेज़ी से आगे बढ़ता है और अन्य पीड़ितों को न्याय कब मिलेगा। राजनीतिक हस्तक्षेप से त्वरित कार्रवाई तो होती है, लेकिन यह व्यवस्था की उस खामी को भी उजागर करती है जहाँ बिना जनप्रतिनिधि के दरवाज़े खटखटाए आम नागरिक को न्याय नहीं मिल पाता।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कच्छ पुलिस ने आशाबेन को ₹35 लाख कैसे वापस दिलाए?
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के आदेश पर पश्चिम कच्छ पुलिस अधीक्षक विकास सुंडा ने एलसीबी टीम के साथ 'तेरा तुझको अर्पण' अभियान के तहत गहन जाँच शुरू की और केवल तीन दिनों में ₹35 लाख से अधिक की राशि वापस दिलाने में सफलता मिली।
आशाबेन सिद्धपुरा के साथ धोखाधड़ी कैसे हुई?
मुंद्रा निवासी आशाबेन लगभग तीन साल पहले एक कंपनी में एजेंट के रूप में जुड़ी थीं। कंपनी ने पैसे दोगुने करने की योजना दिखाकर उनसे और उनके माध्यम से अन्य लोगों से बड़ी रकम ली, लेकिन अवधि पूरी होने पर भुगतान से साफ इनकार कर दिया।
'तेरा तुझको अर्पण' अभियान क्या है?
यह गुजरात पुलिस का एक अभियान है जिसके तहत धोखाधड़ी पीड़ितों की रकम वापस दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाती है। इस अभियान के अंतर्गत पश्चिम कच्छ पुलिस ने आशाबेन के मामले में महज तीन दिन में ₹35 लाख की वसूली की।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की इस मामले में क्या भूमिका रही?
आशाबेन स्वयं गांधीनगर पहुँचकर उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी से मिलीं और अपनी आपबीती सुनाई। संघवी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पश्चिम कच्छ एसपी को कड़े आदेश दिए, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई हुई।
इस तरह की निवेश धोखाधड़ी से कैसे बचें?
पीड़िता आशाबेन ने स्वयं नागरिकों से अपील की है कि अधिक लाभ या 'डबल मनी' के लालच में किसी भी संदिग्ध कंपनी में निवेश न करें। किसी भी निवेश से पहले कंपनी की वैधता और सेबी (SEBI) पंजीकरण की जाँच अवश्य करें।
राष्ट्र प्रेस
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