मिजोरम राज्यपाल वीके सिंह ने जो इंस्पिरेशन फाउंडेशन की सराहना की, 3,000 से अधिक लोगों को ₹3 करोड़ की सहायता
सारांश
मुख्य बातें
मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह ने 4 नवंबर 2026 को आइजोल में आयोजित जो इंस्पिरेशन फाउंडेशन के क्षमता निर्माण एवं द्वितीय लाभार्थी सम्मेलन को संबोधित करते हुए संगठन के सामाजिक कल्याण कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। फाउंडेशन ने अपनी स्थापना के बाद से 3,000 से अधिक गंभीर रोगियों को ₹3 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की है।
राज्यपाल का संबोधन और मुख्य बातें
राज्यपाल वीके सिंह ने कहा कि फाउंडेशन की पहल मिजो समाज में गहराई से जड़ें जमाए उदारता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का प्रतिबिंब है। उन्होंने फाउंडेशन के कार्यों को ईसाई मूल्यों की व्यावहारिक अभिव्यक्ति बताया और संगठन से जरूरतमंदों की मदद के लिए अपनी गतिविधियों का विस्तार करने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित करने के अवसर तलाशने पर भी जोर दिया।
फाउंडेशन की उपलब्धियाँ
फाउंडेशन के संस्थापक इमैनुअल थांग्रोसांगा ने बताया कि 7 जून 2020 को स्थापित इस गैर-लाभकारी संगठन ने अब तक स्वास्थ्य सेवा, मोबाइल क्लिनिक, दान और चिकित्सा सहायता के माध्यम से 100 से अधिक अभियान चलाए हैं। वर्ष 2020 से 2026 के बीच संगठन ने 25 बेघर परिवारों के लिए घरों का निर्माण कराया और 2,197 लाभार्थियों को सीधी सहायता प्रदान की। फाउंडेशन स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आवास सहायता और पुनर्वास कार्यक्रमों के ज़रिये वंचित समुदायों के लिए निरंतर कार्यरत है।
दानदाताओं और सहयोगी संगठनों को सम्मान
राज्यपाल ने उन दानदाताओं और शुभचिंतकों की सराहना की जिनके योगदान से संगठन अपनी गतिविधियाँ जारी रख पाया है। उन्होंने पात्र लाभार्थियों की पहचान में सहयोग देने के लिए यंग मिजो एसोसिएशन (YMA) का विशेष उल्लेख किया। राज्यपाल ने डर्टलांग स्थित समैरिटन एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड को जो इंस्पिरेशन फाउंडेशन पुरस्कार भी प्रदान किया।
सम्मेलन का स्वरूप और भागीदारी
फाउंडेशन के अध्यक्ष जोरमथांगा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि सीवाईएमए के अध्यक्ष आर. लालंगहेता और कई लाभार्थियों ने भी सभा को संबोधित किया। आइजोल के बाहर से 212 लाभार्थी, शहर से बड़ी संख्या में प्रतिभागी और दानदाता इस आयोजन में शामिल हुए। सम्मेलन ने चल रही परियोजनाओं और भावी योजनाओं पर विचार-विमर्श के लिए एक सार्थक मंच का काम किया।
आगे की राह
क्षमता निर्माण के महत्व पर बल देते हुए राज्यपाल ने आशा जताई कि लाभार्थियों के साथ इस तरह के संवाद से उन्हें उपलब्ध अवसरों का बेहतर उपयोग करने और अपना जीवन स्तर सुधारने में मदद मिलेगी। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब सामाजिक संगठनों की भूमिका पूर्वोत्तर के वंचित समुदायों तक सरकारी योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने में और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है।