क्या चंपारण डीआईजी ने जांच में लापरवाही के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया?

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क्या चंपारण डीआईजी ने जांच में लापरवाही के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया?

सारांश

चंपारण के डीआईजी हरकिशोर राय ने सुगौली पुलिस स्टेशन के दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है। यह कदम एक सड़क दुर्घटना की जांच में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोपों के चलते उठाया गया। जानिए पूरे मामले की गहराई और अधिकारियों की भूमिका।

Key Takeaways

  • डीआईजी ने दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया।
  • लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप हैं।
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पटना, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चंपारण रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरकिशोर राय ने बिहार के सुगौली पुलिस स्टेशन के दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई एक सड़क दुर्घटना की जांच में उनकी लापरवाही और अनियमितताओं के आरोपों के चलते की गई है।

यह कार्रवाई उस समय की गई जब सुगौली पुलिस स्टेशन में दर्ज एक केस की जांच में गंभीर खामियों का पता चला। यह मामला 15 अगस्त 2025 को हुई ट्रैक्टर दुर्घटना में मोहम्मद आलियास की मृत्यु से संबंधित है।

मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, निलंबित अधिकारियों ने आरोपियों को बचाने का प्रयास किया।

पीड़ित की पत्नी इम्तरी खातून ने एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। लेकिन जांच में यह सामने आया कि सर्किल इंस्पेक्टर अशोक कुमार पांडे ने मामले के एक सप्ताह के भीतर ट्रैक्टर मालिक ब्रजेश कुमार मिश्रा के साथ मिलीभगत की थी।

पांडे पर यह आरोप भी है कि उसने पीड़ित परिवार पर 60 हजार रुपए का मुआवजा स्वीकार करने के लिए दबाव डाला और ट्रैक्टर मालिक का नाम मामले से हटाने का प्रयास किया।

जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण खुलासा यह हुआ कि ट्रैक्टर मालिक का भाई बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में कार्यरत है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से यह भी स्पष्ट हुआ कि सर्किल इंस्पेक्टर पांडे उसके साथ लगातार संपर्क में थे।

इन निष्कर्षों के आधार पर, डीआईजी हरकिशोर राय ने सुगौली के सर्किल इंस्पेक्टर अशोक कुमार पांडे और जांच सब-इंस्पेक्टर निधि कुमारी को निलंबित करने का आदेश दिया।

विभागीय कार्यवाही के तहत, डीआईजी ने निधि कुमारी से विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा है।

यह मामला एसपी स्वर्ण प्रभात की जन शिकायत निवारण बैठक के दौरान सामने आया, जिसके बाद प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक ऋषभ कुमार को विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया गया। उनकी रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त या पुलिस बल की छवि धूमिल करने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चाहे उसका पद या प्रभाव कुछ भी हो।

-राष्ट्र प्रेस

Point of View

यह मामला पुलिस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है। भ्रष्टाचार और लापरवाही जैसे मुद्दे समाज में विश्वास को कमजोर करते हैं। हमें आशा है कि इस घटना से सीख लेकर भविष्य में बेहतर जांच प्रक्रियाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

चंपारण में पुलिसकर्मियों को क्यों सस्पेंड किया गया?
पुलिसकर्मियों को सड़क दुर्घटना की जांच में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोपों के चलते सस्पेंड किया गया।
क्या पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई होती है?
हाँ, पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई होती है यदि वे भ्रष्टाचार या अनियमितताओं में लिप्त पाए जाते हैं।
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