यूपी में मतदाता सूची पुनरीक्षण 2027: युवाओं-महिलाओं को जोड़ने के लिए राशन दुकानों-स्कूलों से चलेगा विशेष अभियान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने 4 नवंबर 2026 को बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के तहत प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को पात्र नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं और उन महिलाओं को मतदाता सूची में शामिल करना है, जिनके नाम अभी तक दर्ज नहीं हो पाए हैं। अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के आधार पर यह पुनरीक्षण प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
अभियान की रूपरेखा और पंजीकरण प्रक्रिया
निर्वाचन विभाग विधानसभा की मतदाता सूची का पंचायत और नगरीय निकाय की मतदाता सूचियों से गहन मिलान कराएगा। इस प्रक्रिया में ऐसे पात्र नागरिकों को चिह्नित किया जाएगा जो देश की किसी भी विधानसभा की मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं हैं। ऐसे लोगों से फॉर्म-6 भरवाकर उनका नाम दर्ज कराने की जिम्मेदारी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को दी गई है।
राशन दुकानों और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका
नए मतदाताओं की पहचान के लिए निर्वाचन विभाग ने खाद्य एवं रसद विभाग का सहयोग लेने का निर्णय किया है। प्रदेश की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर पंजीकृत राशन कार्डों में दर्ज 18 वर्ष और इससे अधिक आयु के उन नागरिकों का सत्यापन होगा, जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं हैं। युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए कक्षा 9 और उससे ऊपर के विद्यार्थियों में पात्र छात्र-छात्राओं की पहचान हेतु मतदाता साक्षरता क्लबों (ईएलसी) को सक्रिय किया जाएगा। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) संबंधित संस्थानों के ईएलसी को-ऑर्डिनेटर के साथ मिलकर मिशन मोड में यह काम संचालित करेंगे।
महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने पर विशेष ज़ोर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, वर्तमान मतदाता सूची में पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या असामान्य रूप से कम है। इसे दूर करने के लिए महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का सहयोग लिया जाएगा। आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर भ्रमण के दौरान पात्र महिलाओं की पहचान करने और उनसे फॉर्म-6 भरवाने की ज़िम्मेदारी दी जाएगी।
युवा संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी
इस अभियान में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स जैसे संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों की समूह सखियाँ पात्र महिलाओं तक पहुँचने में अहम भूमिका निभाएंगी। गौरतलब है कि यह बहु-विभागीय समन्वय पहली बार इतने व्यापक पैमाने पर उत्तर प्रदेश में आज़माया जा रहा है।
आगे क्या होगा
निर्वाचन विभाग का स्पष्ट लक्ष्य है कि पंचायत, निकाय, राशन कार्ड, शैक्षणिक संस्थानों और ज़मीनी स्तर के सरकारी तंत्र के बीच समन्वय स्थापित कर कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं और मतदाता पंजीकरण की समय-सीमा तेज़ी से घट रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अभियान प्रभावी रहा, तो पहली बार मत देने वाले युवाओं और महिला मतदाताओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।