मध्य प्रदेश पुलिस ने चार जिलों में ₹30 करोड़ के 11,669 किलो गांजे के पौधे जब्त किए
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश पुलिस ने 4 नवंबर 2026 तक पिछले चार दिनों में धार, खरगोन, बड़वानी और खंडवा जिलों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर 11,669 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए, जिनकी कुल बाज़ार कीमत ₹30.10 करोड़ से अधिक आँकी गई है। यह कार्रवाई राज्य सरकार के 'नशा-मुक्त मध्य प्रदेश' अभियान के तहत की गई और इसमें ड्रोन निगरानी, मुखबिर नेटवर्क तथा सघन तलाशी का इस्तेमाल किया गया।
ऑपरेशन 'प्रहार': धार में सबसे बड़ी बरामदगी
धार जिले में एसपी सचिन शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए ऑपरेशन 'प्रहार' के तहत 8,577.01 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त या चिह्नित किए गए, जिनकी कीमत ₹27.47 करोड़ से अधिक है। सबसे बड़ी एकल बरामदगी मनावर थाना क्षेत्र से हुई, जहाँ लगभग 6,700 किलोग्राम गांजा — जिसकी कीमत ₹25 करोड़ आँकी गई — पकड़ा गया और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, बाग, धर्मपुरी, गंधवानी, मांडव, बदनावर, दही और कुक्षी थाना क्षेत्रों से भी गांजा बरामद किया गया।
खरगोन, बड़वानी और खंडवा की कार्रवाई
खरगोन में एसपी रवींद्र वर्मा की अगुवाई में पाँच थाना क्षेत्रों — हेलापाडावा, महेश्वर, गोगावां, बालकवाड़ा और बिस्तान — से 2,367.85 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए गए। बड़वानी में ऑपरेशन 'ग्रीन स्ट्राइक' के तहत बोरपाडवा और काजलमाता गाँवों से 428.84 किलोग्राम (कुल 1,753 पौधे) बरामद किए गए, जिनकी कीमत लगभग ₹42 लाख है।
खंडवा में जावर थाना क्षेत्र के दो स्थानों से 295.70 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए गए, जिनकी कीमत ₹29.57 लाख बताई गई है, और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी जिलों में कई संदिग्धों पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
छुपाने की चालाक तरकीब और तकनीकी खुफिया
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर गांजे के पौधे कपास और अरहर की फसलों के बीच छिपाकर उगाए गए थे, जिससे आसानी से पहचान न हो सके। दूर-दराज के नदी किनारों, पहाड़ियों और जंगलों तक पहुँचने के लिए ड्रोन निगरानी और मुखबिर नेटवर्क का सहारा लिया गया — उन क्षेत्रों सहित जहाँ मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं है। यह तथ्य बताता है कि अवैध खेती में पेशेवर तरीके से योजना बनाई जा रही थी।
आम जनता पर असर और अपील
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल नशीले पदार्थों को जब्त करना नहीं है, बल्कि अवैध खेती, उत्पादन और तस्करी में सक्रिय नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना है। मध्य प्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने इलाके में नशीले पदार्थों की खेती या व्यापार की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
क्या होगा आगे
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह अभियान जारी रहेगा और आने वाले हफ्तों में अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश का यह पश्चिमी-मध्य क्षेत्र — धार, खरगोन, बड़वानी — नर्मदा घाटी से लगा हुआ है और कथित तौर पर अंतर-राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क के लिए एक संवेदनशील गलियारा माना जाता है।