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मध्य प्रदेश पुलिस ने चार जिलों में ₹30 करोड़ के 11,669 किलो गांजे के पौधे जब्त किए

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मध्य प्रदेश पुलिस ने चार जिलों में ₹30 करोड़ के 11,669 किलो गांजे के पौधे जब्त किए

सारांश

मध्य प्रदेश पुलिस ने चार जिलों में सिर्फ चार दिनों में ₹30 करोड़ से अधिक के 11,669 किलो गांजे के पौधे जब्त किए। ड्रोन, मुखबिर नेटवर्क और सघन तलाशी की मदद से चलाया गया यह अभियान नशा तस्करी के खिलाफ राज्य की अब तक की सबसे बड़ी एकसाथ कार्रवाइयों में से एक है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश पुलिस ने पिछले चार दिनों में धार, खरगोन, बड़वानी और खंडवा जिलों से 11,669 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए।
जब्त माल की कुल अनुमानित कीमत ₹30.10 करोड़ से अधिक है।
सबसे बड़ी बरामदगी धार के मनावर थाना क्षेत्र से — लगभग 6,700 किलोग्राम , कीमत ₹25 करोड़ ; चार लोग गिरफ्तार।
ऑपरेशन 'प्रहार' (धार) और ऑपरेशन 'ग्रीन स्ट्राइक' (बड़वानी) के तहत कार्रवाई; कई संदिग्धों पर NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज।
गांजे के पौधे कपास और अरहर की फसलों के बीच छिपाकर उगाए गए थे; पुलिस ने ड्रोन निगरानी और मुखबिर नेटवर्क का इस्तेमाल किया।

मध्य प्रदेश पुलिस ने 4 नवंबर 2026 तक पिछले चार दिनों में धार, खरगोन, बड़वानी और खंडवा जिलों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर 11,669 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए, जिनकी कुल बाज़ार कीमत ₹30.10 करोड़ से अधिक आँकी गई है। यह कार्रवाई राज्य सरकार के 'नशा-मुक्त मध्य प्रदेश' अभियान के तहत की गई और इसमें ड्रोन निगरानी, मुखबिर नेटवर्क तथा सघन तलाशी का इस्तेमाल किया गया।

ऑपरेशन 'प्रहार': धार में सबसे बड़ी बरामदगी

धार जिले में एसपी सचिन शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए ऑपरेशन 'प्रहार' के तहत 8,577.01 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त या चिह्नित किए गए, जिनकी कीमत ₹27.47 करोड़ से अधिक है। सबसे बड़ी एकल बरामदगी मनावर थाना क्षेत्र से हुई, जहाँ लगभग 6,700 किलोग्राम गांजा — जिसकी कीमत ₹25 करोड़ आँकी गई — पकड़ा गया और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, बाग, धर्मपुरी, गंधवानी, मांडव, बदनावर, दही और कुक्षी थाना क्षेत्रों से भी गांजा बरामद किया गया।

खरगोन, बड़वानी और खंडवा की कार्रवाई

खरगोन में एसपी रवींद्र वर्मा की अगुवाई में पाँच थाना क्षेत्रों — हेलापाडावा, महेश्वर, गोगावां, बालकवाड़ा और बिस्तान — से 2,367.85 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए गए। बड़वानी में ऑपरेशन 'ग्रीन स्ट्राइक' के तहत बोरपाडवा और काजलमाता गाँवों से 428.84 किलोग्राम (कुल 1,753 पौधे) बरामद किए गए, जिनकी कीमत लगभग ₹42 लाख है।

खंडवा में जावर थाना क्षेत्र के दो स्थानों से 295.70 किलोग्राम गांजे के पौधे जब्त किए गए, जिनकी कीमत ₹29.57 लाख बताई गई है, और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी जिलों में कई संदिग्धों पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

छुपाने की चालाक तरकीब और तकनीकी खुफिया

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर गांजे के पौधे कपास और अरहर की फसलों के बीच छिपाकर उगाए गए थे, जिससे आसानी से पहचान न हो सके। दूर-दराज के नदी किनारों, पहाड़ियों और जंगलों तक पहुँचने के लिए ड्रोन निगरानी और मुखबिर नेटवर्क का सहारा लिया गया — उन क्षेत्रों सहित जहाँ मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं है। यह तथ्य बताता है कि अवैध खेती में पेशेवर तरीके से योजना बनाई जा रही थी।

आम जनता पर असर और अपील

अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल नशीले पदार्थों को जब्त करना नहीं है, बल्कि अवैध खेती, उत्पादन और तस्करी में सक्रिय नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना है। मध्य प्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने इलाके में नशीले पदार्थों की खेती या व्यापार की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।

क्या होगा आगे

पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह अभियान जारी रहेगा और आने वाले हफ्तों में अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश का यह पश्चिमी-मध्य क्षेत्र — धार, खरगोन, बड़वानी — नर्मदा घाटी से लगा हुआ है और कथित तौर पर अंतर-राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क के लिए एक संवेदनशील गलियारा माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

669 किलोग्राम की यह बरामदगी मध्य प्रदेश के पश्चिमी जिलों में अवैध गांजा खेती की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह बताती है — फसलों के बीच छिपाकर उगाना महज अवसरवादी नहीं, बल्कि संगठित योजना की निशानी है। असली सवाल यह है कि क्या ये अभियान तस्करी नेटवर्क की आपूर्ति-श्रृंखला को तोड़ते हैं या सिर्फ सतही फसल नष्ट करते हैं। बरामदगी की घोषणाएँ प्रभावशाली होती हैं, लेकिन NDPS मामलों में दोषसिद्धि दर और नेटवर्क के ऊपरी सिरे तक पहुँचने के आँकड़े शायद ही कभी सामने आते हैं। नशा-मुक्त अभियान की साख इसी पर टिकी होगी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश पुलिस ने गांजे के पौधे कहाँ-कहाँ जब्त किए?
मध्य प्रदेश के धार, खरगोन, बड़वानी और खंडवा जिलों में यह बरामदगी हुई। सबसे बड़ी बरामदगी धार के मनावर थाना क्षेत्र से हुई, जहाँ लगभग 6,700 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया।
जब्त गांजे के पौधों की कुल कीमत कितनी है?
चारों जिलों में जब्त 11,669 किलोग्राम गांजे के पौधों की कुल अनुमानित बाज़ार कीमत ₹30.10 करोड़ से अधिक है। यह अनुमान पुलिस अधिकारियों द्वारा दिया गया है।
पुलिस ने इतने दूर-दराज के इलाकों में गांजे की खेती कैसे पकड़ी?
पुलिस ने ड्रोन निगरानी, मुखबिर नेटवर्क और सघन तलाशी अभियान का इस्तेमाल किया। ऐसे इलाकों तक भी पहुँचा गया जहाँ मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं है।
गांजे के पौधे छिपाने के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया था?
अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर गांजे के पौधे कपास और अरहर की फसलों के बीच छिपाकर उगाए गए थे ताकि आसानी से पहचान न हो सके।
'नशा-मुक्त मध्य प्रदेश' अभियान क्या है?
यह मध्य प्रदेश राज्य सरकार द्वारा नशीले पदार्थों की खेती, उत्पादन और तस्करी को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा निरंतर अभियान है। इसके तहत पुलिस नियमित रूप से जिलेवार ऑपरेशन चलाती है और NDPS एक्ट के तहत संदिग्धों को गिरफ्तार करती है।
राष्ट्र प्रेस
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