खरगोन में ₹3 करोड़ का 60 क्विंटल अवैध गांजा जब्त, ऑपरेशन 'प्रहार' में ड्रोन से पकड़ी खेती
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश पुलिस ने 29 सितंबर 2026 को खरगोन जिले के दुर्गम क्षेत्रों में ऑपरेशन 'प्रहार' के तहत 5,974 किलोग्राम (लगभग 60 क्विंटल) अवैध गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹3 करोड़ बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है, जिसमें पहली बार ड्रोन निगरानी का व्यापक उपयोग किया गया।
ऑपरेशन 'प्रहार': कैसे हुई कार्रवाई
पुलिस टीमों ने जमली और फलिया गाँव (गुवाड़ा थाटा) — दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इन इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की कोई कनेक्टिविटी नहीं है, इसलिए टीमों ने ड्रोन की सहायता से अवैध फसल की पहचान की। इसके बाद जवान नदियों, पहाड़ी रास्तों और दुर्गम इलाकों को पार करते हुए खेतों तक पहुँचे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ड्रोन निगरानी के बिना इन छिपे हुए खेतों तक पहुँचना लगभग असंभव था। यह ऑपरेशन मादक पदार्थों की अवैध खेती, परिवहन और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे पाँच दिवसीय राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा था।
जब्ती का विवरण: दोनों स्थानों से क्या मिला
जमली स्थल से 9,391 पौधे बरामद किए गए, जिनका कुल वजन 3,765 किलोग्राम था और अनुमानित कीमत ₹1.88 करोड़ आँकी गई है। गुवाड़ा थाटा फलिया से 5,800 पौधे मिले, जिनका वजन 2,209 किलोग्राम और अनुमानित मूल्य ₹1.10 करोड़ है। दोनों स्थानों को मिलाकर कुल 15,191 पौधे और 5,974 किलोग्राम गांजा जब्त हुआ।
पुलिस ने बताया कि मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामले दर्ज कर लिए गए हैं और जाँच आगे जारी है।
राज्यव्यापी अभियान: अन्य जिलों में भी कार्रवाई
खरगोन की यह कार्रवाई एकाकी नहीं थी। पाँच दिवसीय अभियान के दौरान मध्य प्रदेश के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें कुल ₹3.91 करोड़ से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ और सम्पत्ति जब्त की गई।
इंदौर में 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग अभियानों में 65 ग्राम मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिसमें ब्राउन शुगर भी शामिल है। नरसिंहपुर में पुलिस ने 60.04 ग्राम स्मैक जब्त की और दो कथित तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ तस्करी में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल भी बरामद की। ग्वालियर में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और 13.128 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसे कथित तौर पर ओडिशा से डबरा में बेचने के लिए लाया जा रहा था। पन्ना, दमोह और शिवपुरी पुलिस ने भी अलग-अलग अभियानों में गांजा जब्त करने और गिरफ्तारियाँ करने की सूचना दी है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
गौरतलब है कि खरगोन और आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अवैध गांजे की खेती पहले भी पुलिस के लिए चुनौती रही है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियाँ तस्करों को सुरक्षा का एहसास देती हैं। इस बार ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को सुरक्षा विशेषज्ञ एक महत्त्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव मान रहे हैं, जो ऐसे इलाकों में भविष्य की कार्रवाइयों के लिए एक नई मिसाल कायम कर सकता है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि NDPS Act के तहत दर्ज मामलों में जाँच जारी है और आरोपी तस्करों तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया कि राज्यव्यापी अभियान के तहत आगे भी ऐसी छापेमारी की जाती रहेगी।