29 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खरगोन में ₹3 करोड़ का 60 क्विंटल अवैध गांजा जब्त, ऑपरेशन 'प्रहार' में ड्रोन से पकड़ी खेती

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खरगोन में ₹3 करोड़ का 60 क्विंटल अवैध गांजा जब्त, ऑपरेशन 'प्रहार' में ड्रोन से पकड़ी खेती

सारांश

खरगोन के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में ड्रोन की आँखों ने वो देख लिया जो ज़मीन पर पाँव रखकर देखना मुश्किल था — ₹3 करोड़ का 60 क्विंटल अवैध गांजा। ऑपरेशन 'प्रहार' की यह कार्रवाई तकनीक और पुलिस बल के नए तालमेल की मिसाल है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश पुलिस ने 29 सितंबर 2026 को खरगोन जिले में ₹3 करोड़ मूल्य का 5,974 किलोग्राम (लगभग 60 क्विंटल) अवैध गांजा जब्त किया।
ऑपरेशन 'प्रहार' के तहत जमली और फलिया गाँव में दो स्थानों से कुल 15,191 पौधे बरामद किए गए।
दुर्गम व मोबाइल-नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में खेतों की पहचान के लिए पहली बार ड्रोन निगरानी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया।
राज्यव्यापी पाँच दिवसीय अभियान में इंदौर, नरसिंहपुर, ग्वालियर, पन्ना, दमोह और शिवपुरी में भी कार्रवाई हुई; कुल जब्ती ₹3.91 करोड़ से अधिक ।
NDPS Act के तहत मामले दर्ज; जाँच जारी।

मध्य प्रदेश पुलिस ने 29 सितंबर 2026 को खरगोन जिले के दुर्गम क्षेत्रों में ऑपरेशन 'प्रहार' के तहत 5,974 किलोग्राम (लगभग 60 क्विंटल) अवैध गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹3 करोड़ बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह जिले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है, जिसमें पहली बार ड्रोन निगरानी का व्यापक उपयोग किया गया।

ऑपरेशन 'प्रहार': कैसे हुई कार्रवाई

पुलिस टीमों ने जमली और फलिया गाँव (गुवाड़ा थाटा) — दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इन इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की कोई कनेक्टिविटी नहीं है, इसलिए टीमों ने ड्रोन की सहायता से अवैध फसल की पहचान की। इसके बाद जवान नदियों, पहाड़ी रास्तों और दुर्गम इलाकों को पार करते हुए खेतों तक पहुँचे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ड्रोन निगरानी के बिना इन छिपे हुए खेतों तक पहुँचना लगभग असंभव था। यह ऑपरेशन मादक पदार्थों की अवैध खेती, परिवहन और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे पाँच दिवसीय राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा था।

जब्ती का विवरण: दोनों स्थानों से क्या मिला

जमली स्थल से 9,391 पौधे बरामद किए गए, जिनका कुल वजन 3,765 किलोग्राम था और अनुमानित कीमत ₹1.88 करोड़ आँकी गई है। गुवाड़ा थाटा फलिया से 5,800 पौधे मिले, जिनका वजन 2,209 किलोग्राम और अनुमानित मूल्य ₹1.10 करोड़ है। दोनों स्थानों को मिलाकर कुल 15,191 पौधे और 5,974 किलोग्राम गांजा जब्त हुआ।

पुलिस ने बताया कि मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामले दर्ज कर लिए गए हैं और जाँच आगे जारी है।

राज्यव्यापी अभियान: अन्य जिलों में भी कार्रवाई

खरगोन की यह कार्रवाई एकाकी नहीं थी। पाँच दिवसीय अभियान के दौरान मध्य प्रदेश के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें कुल ₹3.91 करोड़ से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ और सम्पत्ति जब्त की गई।

इंदौर में 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग अभियानों में 65 ग्राम मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिसमें ब्राउन शुगर भी शामिल है। नरसिंहपुर में पुलिस ने 60.04 ग्राम स्मैक जब्त की और दो कथित तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ तस्करी में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल भी बरामद की। ग्वालियर में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और 13.128 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसे कथित तौर पर ओडिशा से डबरा में बेचने के लिए लाया जा रहा था। पन्ना, दमोह और शिवपुरी पुलिस ने भी अलग-अलग अभियानों में गांजा जब्त करने और गिरफ्तारियाँ करने की सूचना दी है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

गौरतलब है कि खरगोन और आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अवैध गांजे की खेती पहले भी पुलिस के लिए चुनौती रही है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियाँ तस्करों को सुरक्षा का एहसास देती हैं। इस बार ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को सुरक्षा विशेषज्ञ एक महत्त्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव मान रहे हैं, जो ऐसे इलाकों में भविष्य की कार्रवाइयों के लिए एक नई मिसाल कायम कर सकता है।

आगे क्या होगा

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि NDPS Act के तहत दर्ज मामलों में जाँच जारी है और आरोपी तस्करों तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया कि राज्यव्यापी अभियान के तहत आगे भी ऐसी छापेमारी की जाती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इस बात का संकेत है कि मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल और दुर्गम इलाके अवैध नशे की खेती के लिए व्यवस्थित रूप से इस्तेमाल हो रहे हैं। ड्रोन तकनीक का उपयोग रणनीतिक रूप से सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि खेत किसके हैं और आपूर्ति श्रृंखला कहाँ तक जाती है — केवल पौधे जलाने से नेटवर्क नहीं टूटता। राज्यव्यापी अभियान में ₹3.91 करोड़ की जब्ती प्रभावशाली दिखती है, लेकिन गिरफ्तारियों की संख्या और बड़े तस्करों तक पहुँच के बारे में पुलिस ने अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी है — जो इस अभियान की दीर्घकालिक सफलता की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खरगोन में ऑपरेशन 'प्रहार' क्या है?
ऑपरेशन 'प्रहार' मध्य प्रदेश पुलिस का पाँच दिवसीय राज्यव्यापी अभियान है, जो अवैध नशीले पदार्थों की खेती, परिवहन और तस्करी के खिलाफ चलाया गया। खरगोन में इसी अभियान के तहत 29 सितंबर 2026 को ₹3 करोड़ मूल्य का 60 क्विंटल गांजा जब्त किया गया।
खरगोन में कितना गांजा जब्त हुआ और इसकी कीमत क्या है?
खरगोन जिले के जमली और फलिया गाँव से कुल 15,191 गांजे के पौधे बरामद किए गए, जिनका वजन 5,974 किलोग्राम (लगभग 60 क्विंटल) था। इनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹3 करोड़ बताई गई है।
पुलिस ने दुर्गम इलाकों में गांजे की खेती कैसे पकड़ी?
मोबाइल नेटवर्क से वंचित और पहाड़ी इलाकों में अवैध खेतों की पहचान के लिए पुलिस ने ड्रोन निगरानी का इस्तेमाल किया। इसके बाद टीमें नदियों और दुर्गम रास्तों को पार करते हुए खेतों तक पहुँचीं।
इस अभियान में कौन-से कानूनी प्रावधान लागू किए गए?
पुलिस ने मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामले दर्ज किए हैं और जाँच जारी है।
राज्यव्यापी अभियान में मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में क्या हुआ?
इंदौर, नरसिंहपुर, ग्वालियर, पन्ना, दमोह और शिवपुरी में भी छापेमारी हुई। कुल मिलाकर ₹3.91 करोड़ से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ और सम्पत्ति जब्त की गई; नरसिंहपुर में दो कथित तस्कर और ग्वालियर में दो व्यक्ति गिरफ्तार किए गए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले