शहडोल में 735 किलो गांजा जब्त, ₹1.13 करोड़ की संपत्ति बरामद; ट्रक चालक समेत दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश पुलिस ने 13 अक्टूबर 2026 को शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाने की सीमा में रात्रि गश्त के दौरान एक संदिग्ध ट्रक से 735 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद कर ट्रक चालक और खलासी को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई कुल संपत्ति — जिसमें ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी शामिल हैं — का अनुमानित मूल्य लगभग ₹1 करोड़ 13 लाख रुपए बताया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, जयसिंहनगर थाने की पुलिस ने नियमित रात्रि गश्त के दौरान एक ट्रक को संदिग्ध पाते हुए रोका और चालक एवं खलासी से पूछताछ की। संदेह की पुष्टि होने पर विधिवत तलाशी ली गई, जिसमें ट्रक में रखी 18 बोरियों और 81 पैकेटों से कुल 735 किलो 440 ग्राम गांजा मिला।
गांजे के अलावा ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। दोनों गिरफ्तार आरोपी क्रमशः उत्तर प्रदेश और झारखंड के निवासी बताए गए हैं। थाना जयसिंहनगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
पुलिस की व्यापक कार्रवाई
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश पुलिस की मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की निरंतर चल रही मुहिम का हिस्सा है। गौरतलब है कि राज्य में अंतरराज्यीय नशे की तस्करी के मामलों में हाल के महीनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
साइबर अपराध के विरुद्ध सफलता
इसी अवधि में मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के मोर्चे पर भी बड़ी कामयाबी हासिल की है। बैतूल जिले के बैतूल बाजार थाने की पुलिस ने ऑनलाइन रोबोट्रेड एप्लीकेशन के माध्यम से हुई ₹1 करोड़ 93 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को नागपुर से गिरफ्तार किया।
इसी तरह अनूपपुर के थाना जैतहरी पुलिस ने ₹91 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी को कानपुर, उत्तर प्रदेश से पकड़ा। आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी बाजार में निवेश पर अच्छे रिटर्न का झाँसा देकर पीड़ित से राशि ट्रांसफर कराई थी।
पीड़ितों को राशि वापसी
पुलिस ने अनूपपुर साइबर प्रकरण में ₹34 लाख की राशि होल्ड कराई है, जबकि ₹14 लाख से अधिक की राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस कराई जा चुकी है। इस मामले में पूर्व में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है और शेष राशि वापस कराने की प्रक्रिया जारी है।
क्या होगा आगे
शहडोल गांजा तस्करी मामले में पुलिस अब तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में काम कर रही है। विवेचना के दौरान मोबाइल फोन की फोरेंसिक जाँच से तस्करी के रूट और आपूर्तिकर्ताओं का खुलासा होने की संभावना है।