डीआरआई ने नागपुर में ₹2.61 करोड़ का 522 किलोग्राम गांजा जब्त किया, दो तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की नागपुर रीजनल यूनिट और मुंबई जोनल यूनिट ने 7 जून 2025 को एक अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए ₹2.61 करोड़ से अधिक मूल्य का 522 किलोग्राम गांजा जब्त किया। नागपुर जिले के मौदा स्थित मथनी टोल प्लाजा पर की गई इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
कैसे हुई कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई की टीम ने नेशनल हाईवे 53 पर निगरानी रखी। ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा से महाराष्ट्र की ओर आ रहे एक लंबे-प्लेटफॉर्म वाले ट्रक को मथनी टोल प्लाजा पर रोककर उसकी गहन तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान अधिकारियों को ट्रक में विशेष रूप से तैयार किए गए एक गुप्त खाने में 522 किलोग्राम से अधिक गांजा छिपा हुआ मिला। कथित तौर पर यह खेप ओडिशा-मध्य भारत कॉरिडोर में सक्रिय एक तस्करी सिंडिकेट के ज़रिए महाराष्ट्र में आपूर्ति के लिए ले जाई जा रही थी।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
जांच के क्रम में तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर नशीले पदार्थों की अवैध ढुलाई में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उन्हें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए जांच जारी है।
डीआरआई के हालिया अभियानों की कड़ी
यह जब्ती डीआरआई के पिछले कुछ महीनों में चलाए गए व्यापक ड्रग-विरोधी अभियानों की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है। 31 मई को डीआरआई ने बिहार में 104.9 किलोग्राम गांजा जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले 13 अप्रैल को डीआरआई की नागपुर रीजनल यूनिट ने एक अन्य अंतर-राज्यीय तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए ₹4.26 करोड़ मूल्य की 853 ग्राम कोकीन जब्त की थी। उस ऑपरेशन में 12 अप्रैल को नागपुर रेलवे स्टेशन से गुज़र रही ट्रेन संख्या 22692 हजरत निजामुद्दीन-केएसआर बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक भारतीय महिला को रोका गया था।
अधिकारियों को संदेह हुआ कि महिला अपने सामान में नशीला पदार्थ छिपाए है, जिसके बाद उसे अजनी रेलवे स्टेशन पर उतारकर सामान की तलाशी ली गई। तलाशी में शैम्पू की दो बोतलें असामान्य रूप से भारी पाई गईं, जिनमें से तरल निकालने पर अंदर छिपे 50 सीलबंद पीले कैप्सूल बरामद हुए, जिनमें कोकीन होने की पुष्टि हुई।
आगे की जांच
डीआरआई के अनुसार, नागपुर में पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी सिंडिकेट के नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। यह ऑपरेशन दर्शाता है कि ओडिशा-महाराष्ट्र मार्ग नशीले पदार्थों की तस्करी का एक सक्रिय गलियारा बना हुआ है, और एजेंसी की नज़र इस पूरे कॉरिडोर पर है।