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गहलोत की 50% युवा टिकट मांग पर BJP का पलटवार: 'मोदी के नेतृत्व में पहले से मिल रहा मौका'

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गहलोत की 50% युवा टिकट मांग पर BJP का पलटवार: 'मोदी के नेतृत्व में पहले से मिल रहा मौका'

सारांश

राजस्थान निकाय चुनावों से पहले गहलोत की '50% टिकट युवाओं को' मांग ने राष्ट्रीय बहस छेड़ दी। BJP ने पलटवार किया, तो कांग्रेस और सपा ने समर्थन दिया। असली सवाल यह है कि क्या यह मांग CWC तक पहुँचेगी और टिकट वितरण में दिखेगी।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मांग की कि राजस्थान निकाय चुनावों में 50% से अधिक टिकट युवाओं और 'जेन-जी' उम्मीदवारों को दिए जाएं।
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में BJP पहले से ही युवाओं, महिलाओं और अन्य वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व दे रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने मांग का समर्थन किया और इसे CWC में प्रस्ताव के रूप में रखने की अपील की।
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने भी मांग को सही ठहराते हुए कहा कि अगले 25-30 साल की राजनीति की नींव अभी रखनी होगी।
यह बहस ऐसे समय में उठी है जब देशभर में 'जेन-जी' आंदोलन और युवा राजनीतिक भागीदारी की चर्चा तेज़ है।

राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को पार्टी नेतृत्व से मांग की कि निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत से अधिक टिकट 'जेन-जी' और युवा उम्मीदवारों को दिए जाएं। इस मांग पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तत्काल पलटवार किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को पहले से ही उचित अवसर मिल रहे हैं।

गहलोत की मांग: क्या है पूरा मामला

अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में युवा बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में राजनीति में भी उन्हें उचित अवसर मिलना चाहिए। उनका सुझाव था कि राजस्थान के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में आधे से ज़्यादा सीटें नई पीढ़ी के हाथों में सौंपी जाएं। यह मांग ऐसे समय में आई है जब देशभर में 'जेन-जी' आंदोलनों और युवा राजनीतिक भागीदारी की चर्चा तेज़ है।

BJP का पलटवार

नई दिल्ली में BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने गहलोत की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'हर पार्टी अपने तरीके से टिकट देती है। जहाँ तक BJP की बात है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने युवाओं, महिलाओं और पार्टी के अन्य वर्गों को उचित जगह दी है और जहाँ भी चुनाव होते हैं, वहाँ इसी आधार पर टिकट दिए जाते हैं।' खंडेलवाल के इस बयान को BJP की सधी हुई राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

कांग्रेस और सपा का समर्थन

लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने गहलोत की मांग का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'जिस तरीके से जेन-जी के आंदोलन हो रहे हैं, भारत में युवाओं की बात चल रही है, तो कांग्रेस पार्टी हमेशा ही युवाओं की बात करती है। अशोक गहलोत की बात को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) में रखना चाहिए और यह प्रस्ताव पास किया जाना चाहिए कि 50 प्रतिशत से अधिक टिकट युवाओं को मिलें।'

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने भी लखनऊ में इस मांग को उचित ठहराया। उन्होंने कहा, 'यह सही मांग है और आगे आने वाले भविष्य को तैयार करने की नींव रखने का समय यही है। हम आगे भी कोशिश करेंगे कि समाजवादी पार्टी भी ज़्यादा से ज़्यादा नए युवाओं को मौका दे और अगले 25-30 साल की राजनीति का आधार यहाँ से ही बनाया जाए।'

राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर

गौरतलब है कि यह बहस केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है — देशभर में युवा मतदाताओं की बढ़ती संख्या और उनकी राजनीतिक सक्रियता ने सभी प्रमुख दलों को युवा प्रतिनिधित्व पर पुनर्विचार करने पर मजबूर किया है। यह ऐसे समय में आया है जब 'जेन-जी' पीढ़ी को लेकर वैश्विक स्तर पर भी राजनीतिक विमर्श तेज़ हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि केवल मांग उठाने से काम नहीं चलेगा — असली परीक्षा तब होगी जब पार्टियाँ टिकट वितरण में इसे व्यवहार में लाएंगी।

आगे क्या

अब सभी की नज़रें इस पर हैं कि कांग्रेस नेतृत्व गहलोत की इस मांग को CWC में कितनी गंभीरता से लेता है। राजस्थान निकाय चुनावों की तैयारियाँ जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगी, युवा टिकट का मुद्दा पार्टी के भीतर और राजनीतिक मंच पर और अधिक केंद्रीय हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक विरोधाभास है — कांग्रेस स्वयं दशकों से वंशवाद और वरिष्ठ नेताओं की पकड़ के लिए आलोचना झेलती रही है। CWC में यह प्रस्ताव रखना और उसे वास्तव में लागू करना दो अलग बातें हैं। BJP का पलटवार भी रक्षात्मक है — 'पहले से मिल रहा मौका' कहना और उसके ठोस आँकड़े देना अलग-अलग है। असली कसौटी यह होगी कि राजस्थान निकाय चुनावों में टिकट वितरण के वक्त कितने युवा चेहरे मैदान में उतरते हैं।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोक गहलोत ने युवा टिकट को लेकर क्या मांग की है?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मांग की है कि राजस्थान के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को 50 प्रतिशत से अधिक टिकट 'जेन-जी' और युवा उम्मीदवारों को देने चाहिए। उनका तर्क है कि देश में युवा बदलाव की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए राजनीति में भी उन्हें उचित अवसर मिलना चाहिए।
BJP ने गहलोत की इस मांग पर क्या कहा?
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में BJP पहले से ही युवाओं, महिलाओं और पार्टी के अन्य वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व दे रही है। उन्होंने कहा कि जहाँ भी चुनाव होते हैं, इसी आधार पर टिकट दिए जाते हैं।
क्या अन्य दलों ने गहलोत की मांग का समर्थन किया?
हाँ, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इसे CWC में प्रस्ताव के रूप में रखने की अपील की। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने भी मांग को सही ठहराया और कहा कि सपा भी अधिक युवाओं को मौका देने की कोशिश करेगी।
यह मांग राजस्थान निकाय चुनावों के संदर्भ में क्यों महत्वपूर्ण है?
राजस्थान में जल्द होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं, और टिकट वितरण को लेकर पार्टियों के भीतर मंथन जारी है। युवा मतदाताओं की बढ़ती संख्या और 'जेन-जी' की राजनीतिक सक्रियता के बीच यह मांग प्रतिनिधित्व की बड़ी बहस को जन्म दे रही है।
CWC क्या है और गहलोत की मांग वहाँ कैसे पहुँचेगी?
कांग्रेस कार्य समिति (CWC) कांग्रेस की सर्वोच्च नीति-निर्माण संस्था है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने सुझाव दिया है कि गहलोत की युवा टिकट मांग को CWC की बैठक में औपचारिक प्रस्ताव के रूप में रखा जाए, ताकि यह पार्टी नीति का हिस्सा बन सके।
राष्ट्र प्रेस
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