राजस्थान कांग्रेस पूरी तरह एकजुट, अगला विधानसभा चुनाव जीतेंगे: अशोक गहलोत
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने 7 अक्टूबर 2026 को जयपुर में स्पष्ट किया कि प्रदेश कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (RPCC) मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पार्टी की आंतरिक एकता को देश के लिए मिसाल बताया।
एकजुटता का दावा
गहलोत ने कहा, 'मैं सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं। आप लोग हमेशा पूछते हैं कि कांग्रेस में एकता की कमी है या नहीं। आज आपने देख लिया कि सभी एक हैं और एकजुट हैं। अगली बार कांग्रेस की सरकार बनेगी और इसे कोई नहीं रोक सकता।' उन्होंने जोड़ा कि प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी का सवाल अब नहीं उठेगा, क्योंकि पार्टी ने अपनी एकता साबित कर दी है।
इससे पहले गहलोत ने पंचायती राज चुनावों की तैयारियों को लेकर आयोजित जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और सह-प्रभारियों की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान कांग्रेस की यह एकता राज्य स्तर से लेकर जिला, ब्लॉक और गाँव स्तर तक पहुँचनी चाहिए।
नगरीय निकाय चुनाव और 'बाड़ाबंदी' विवाद
हाल ही में संपन्न नगरीय निकाय चुनावों पर टिप्पणी करते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान जिस स्तर की 'गुंडागर्दी' हुई, वैसी आज़ादी के बाद राजस्थान में कभी नहीं देखी गई। उनका दावा था कि जीते हुए कांग्रेस पार्षदों को कैंपों में ले जाया गया — एक प्रक्रिया जिसे 'बाड़ाबंदी' कहते हैं, अर्थात निर्वाचित प्रतिनिधियों को किसी निर्धारित स्थान पर रखकर विरोधी दलों के संपर्क से दूर रखना।
गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'अगर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ईमानदार हैं, तो उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में पूरी तरह बाड़ाबंदी पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे।' आलोचकों का कहना है कि बाड़ाबंदी की प्रथा लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की भावना के विपरीत है।
वोट प्रतिशत पर भाजपा के दावों को चुनौती
गहलोत ने भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के उस दावे को भी चुनौती दी जिसमें नगरीय निकाय चुनाव परिणामों को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बड़ी राजनीतिक जीत बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के कुल वोट प्रतिशत में केवल 0.94 प्रतिशत का अंतर रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जयपुर और जोधपुर में कांग्रेस को भाजपा की तुलना में लगभग 15-15 हजार वोट अधिक मिले। गहलोत के अनुसार, यदि महापौर का चुनाव सीधे जनता द्वारा होता, तो कांग्रेस दोनों शहरों में महापौर पद जीत सकती थी।
राहुल गांधी और संगठन सृजन अभियान
गहलोत ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी न केवल कांग्रेस की रक्षा के लिए, बल्कि देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए भी राजनीतिक संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 'संगठन सृजन अभियान' के तहत जिला अध्यक्षों का चयन किया गया है और राहुल गांधी ने उस चयन प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी दी है।
गहलोत ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि आगामी पंचायती राज चुनाव बड़ी चुनौती होंगे। उन्होंने कहा, 'सभी को मिलकर काम करना होगा। प्रदेश इकाई में कोई अंदरूनी संघर्ष नहीं है — यह संदेश जनता तक पहुँचाइए।' यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा सरकार राजस्थान में अपनी शासन-उपलब्धियों का प्रचार कर रही है और कांग्रेस विपक्षी एकजुटता को चुनावी हथियार बनाने की कोशिश में है।