25 जुलाई 2026
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राजस्थान कांग्रेस में टूट की आहट: सीपी जोशी का दावा — गहलोत-पायलट विवाद अभी जारी है

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राजस्थान कांग्रेस में टूट की आहट: सीपी जोशी का दावा — गहलोत-पायलट विवाद अभी जारी है

सारांश

BJP सांसद सीपी जोशी ने दावा किया है कि राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान अभी खत्म नहीं हुई — और जल्द बड़ी टूट हो सकती है। गहलोत के हालिया बयान के बाद यह दावा राजस्थान की सियासत में नई हलचल पैदा कर रहा है।

मुख्य बातें

BJP सांसद सीपी जोशी ने 9 जून 2026 को दावा किया कि राजस्थान कांग्रेस में जल्द बड़ी टूट हो सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा कांग्रेस के माहौल पर चिंता जताने के बाद जोशी का यह बयान आया।
जोशी ने कहा कि गहलोत और सचिन पायलट के बीच नेतृत्व विवाद अभी समाप्त नहीं हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर भी अंदरूनी हलचल होने का दावा किया गया।
जोशी ने राम मंदिर, अनुच्छेद 370 , तीन तलाक और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के रुख को जनाधार क्षरण का कारण बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और चित्तौड़गढ़ से सांसद सीपी जोशी ने 9 जून 2026 को दावा किया कि राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रहा अंदरूनी संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में पार्टी में बड़ी टूट देखी जा सकती है। उनका यह बयान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा कांग्रेस के मौजूदा माहौल पर चिंता जताए जाने के तुरंत बाद आया है।

मुख्य बयान और दावे

चित्तौड़गढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सांसद जोशी ने कहा, 'कांग्रेस अब एकजुट पार्टी नहीं रह गई है और विभिन्न गुटों में बंट चुकी है। पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर लंबे समय से असंतोष और खींचतान जारी है, जिसका असर अब खुलकर दिखाई देने लगा है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर बड़े स्तर पर राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।

जोशी ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी अब यह महसूस होने लगा है कि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी लगातार कमज़ोर होती जा रही है। उनके अनुसार, बढ़ती आंतरिक असहमति और नेतृत्व संघर्ष इसके प्रमुख कारण हैं।

गहलोत के बयान का संदर्भ

BJP सांसद ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान को इसी राजनीतिक खींचतान का हिस्सा बताया। जोशी ने कहा कि गहलोत की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएँ तेज़ हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर भी अंदरूनी हलचल जारी है।

यह ऐसे समय में आया है जब गहलोत और सचिन पायलट के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक मतभेद राजस्थान की सियासत में एक स्थायी चर्चा का विषय बने हुए हैं। जोशी के अनुसार, यह विवाद अभी समाप्त नहीं हुआ है और इसका असर पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे पर पड़ सकता है।

कांग्रेस पर राजनीतिक हमला

BJP सांसद ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी के पास न स्पष्ट नीति है, न मज़बूत नेतृत्व और न ही भविष्य की कोई ठोस दिशा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर जनता की भावनाओं के विपरीत रुख अपनाया।

जोशी ने विशेष रूप से राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 हटाने, तीन तलाक कानून और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के विरोध का उल्लेख किया। उनका दावा है कि इन्हीं कारणों से देशभर में कांग्रेस का जनाधार लगातार कमज़ोर हो रहा है।

आगे क्या होगा

राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र अब इस पर है कि क्या राजस्थान कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर कोई औपचारिक बदलाव होता है और गहलोत-पायलट खेमे के बीच तनाव किस दिशा में जाता है। जोशी के बयान को — जो विपक्षी दल की ओर से आए हैं — राजनीतिक रूप से प्रेरित भी माना जा सकता है, लेकिन कांग्रेस के आंतरिक हलकों में भी इस असंतोष की पुष्टि समय-समय पर होती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए इसे राजनीतिक प्रेरणा से पूरी तरह अलग नहीं किया जा सकता — लेकिन यह तथ्य भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता कि गहलोत-पायलट तनाव राजस्थान कांग्रेस की एक स्थायी कमज़ोरी बन चुका है, जो 2018 से 2023 के बीच सरकार को बार-बार संकट में डालता रहा। मुख्यधारा की कवरेज इसे केवल BJP का हमला बताकर छोड़ देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस आलाकमान राजस्थान में नेतृत्व की यह अनिश्चितता 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले सुलझा पाएगा। बिना स्पष्ट संगठनात्मक निर्णय के, जोशी के दावे महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं रहेंगे — वे एक चेतावनी बन सकते हैं जिसे कांग्रेस को गंभीरता से लेना होगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीपी जोशी ने राजस्थान कांग्रेस में टूट का दावा क्यों किया?
BJP सांसद सीपी जोशी ने 9 जून 2026 को चित्तौड़गढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस विभिन्न गुटों में बंट चुकी है और नेतृत्व को लेकर लंबे समय से जारी असंतोष अब खुलकर सामने आ रहा है। उनका यह बयान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की हालिया चिंता के बाद आया।
गहलोत-पायलट विवाद अभी भी क्यों जारी है?
जोशी के अनुसार, अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच नेतृत्व को लेकर चला आ रहा मतभेद अभी समाप्त नहीं हुआ है। यह विवाद राजस्थान कांग्रेस के संगठनात्मक ढाँचे को प्रभावित कर सकता है और प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर भी अंदरूनी हलचल जारी बताई जा रही है।
BJP ने कांग्रेस के जनाधार क्षरण के लिए किन मुद्दों को ज़िम्मेदार बताया?
सीपी जोशी ने राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 हटाने, तीन तलाक कानून और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के विरोध को देशभर में पार्टी के जनाधार में गिरावट का प्रमुख कारण बताया।
क्या राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन होने वाला है?
जोशी के दावे के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर अंदरूनी हलचल है, हालाँकि कांग्रेस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह बयान विपक्षी दल की ओर से आया है, इसलिए इसे राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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