राजस्थान निकाय चुनाव: 27 नगर निकायों में BJP की जीत जनता का भरोसा — कानून मंत्री जोगाराम पटेल
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने 19 सितंबर 2026 को कहा कि राजस्थान निकाय चुनावों में 27 नगर निकायों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत राज्य सरकार के कामकाज में जनता के अटूट भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कांग्रेस के 'रिसॉर्ट पॉलिटिक्स' के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की हताशा और पूर्वनियोजित षड्यंत्र करार दिया।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा, 'अगर इतिहास उठाकर देखा जाए तो आज़ादी से पहले और बाद कितनी बार कांग्रेस टूटी है। कई प्रदेशों और केंद्र में कांग्रेस टूटी है और आगे भी टूटेगी। हमारे यहाँ BJP न तो कभी टूटी है और न टूटेगी। कार्यकर्ता सच्ची निष्ठा से काम करते हैं और संकल्प है। हम राष्ट्र सर्वोपरि के सिद्धांत से आगे चलते हैं। हमारे यहाँ व्यक्ति बड़ा नहीं है, संगठन और देश बड़ा है।'
कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार
पटेल ने कांग्रेस के 'बाड़ाबंदी' के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा, 'यह कांग्रेस की हताशा, निराशा और अंदरूनी खींचतान का परिणाम है। संभावित ऐतिहासिक हार को किस तरह से बताया जाए, इसके लिए यह कांग्रेस का पूर्वनियोजित षड्यंत्र है। हमारे यहाँ 'बाड़ाबंदी' नहीं है — यह शब्द कांग्रेस से आया है। जो राजनीतिक दल अपने विधायकों को दो महीनों तक होटलों में बंद रखे, वो दूसरों पर आरोप लगाए, यह ठीक नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP में प्रशिक्षण एक निरंतर प्रक्रिया है, न कि 'बाड़ाबंदी'।
जोधपुर और जयपुर में BJP की स्थिति
पटेल ने विस्तृत आँकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि जोधपुर में BJP के पास 45 निर्वाचित सदस्य हैं और 7-8 समर्थक पार्षद अतिरिक्त हैं। जयपुर में यह आँकड़ा 80 के आसपास पहुँचता है। उन्होंने दावा किया कि अन्य सभी स्थानों पर भी पार्टी अपना मत-प्रतिशत लगातार बढ़ा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरल कार्यशैली और जनसंपर्क को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
निर्विरोध जीत का उल्लेख
पटेल ने यह भी रेखांकित किया कि दो नगर निगम, छह परिषदों और कुल 30 नगर निकायों में BJP के पार्षद प्रतिनिधि निर्विरोध चुने गए। उन्होंने इसे प्रदेश BJP अध्यक्ष के संगठनात्मक अनुभव और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विकास-केंद्रित संकल्प का प्रतिफल बताया। गौरतलब है कि निर्विरोध निर्वाचन की यह संख्या राज्य में BJP के संगठनात्मक वर्चस्व को रेखांकित करती है।
आगे की राह
कानून मंत्री ने भरोसा जताया कि निकाय चुनावों में मिली यह जीत आने वाले चुनावों में भी BJP की राह प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी नकारात्मकता से परे विकास के एजेंडे पर केंद्रित रहेगी। राजस्थान की राजनीति में यह परिणाम भजनलाल सरकार के लिए शुरुआती राजनीतिक वैधता की एक महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही थी।