अशोक गहलोत ने दिल्ली प्रदर्शन को सराहा, कांग्रेस में एकता की अपील — 'लोकतंत्र खतरे में'
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को बीकानेर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में दिल्ली में हुए विपक्षी प्रदर्शन की जमकर सराहना की और कहा कि इस प्रदर्शन ने देशभर में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति आम जनता की प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से राज्य-स्तर पर एकजुट रहने की अपील की।
दिल्ली प्रदर्शन पर गहलोत का रुख
गहलोत ने कहा कि दिल्ली का प्रदर्शन 'शानदार' रहा और इसने यह साबित कर दिया कि देश की नई पीढ़ी — जिसमें जेन-ज़ी भी शामिल है — लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए एकजुट खड़ी है। उन्होंने कहा, 'हम किसी भी कीमत पर इन तानाशाही ताकतों की योजनाओं को सफल नहीं होने देंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनों की श्रृंखला शुरू की है।
कांग्रेस एकता की अपील
जयपुर में दिए गए अपने हालिया बयान 'हम सब एक हैं' के बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने कहा कि उन्होंने यह बात 'सोच-समझकर' कही थी और जल्द ही कांग्रेस की एकता सबको दिखेगी। उन्होंने तर्क दिया, 'यदि हम राज्यों के भीतर एकजुट नहीं रहेंगे, तो देशभर में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई कैसे लड़ पाएंगे?' गहलोत के इस बयान को राजस्थान कांग्रेस के भीतर चल रहे आंतरिक मतभेदों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व का उल्लेख
गहलोत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में उन ताकतों के खिलाफ संघर्ष कर रही है जिन्हें वे 'तानाशाही प्रवृत्ति वाली ताकतें' बताते हैं। उनके अनुसार लोकतंत्र की रक्षा करना पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भजनलाल सरकार पर निशाना
राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के अत्यधिक प्रभाव संबंधी सवाल पर गहलोत ने कहा, 'वहाँ सरकार जैसी कोई चीज़ नहीं है। अधिकारी खुद कह रहे हैं कि इस सरकार की प्रशासन पर न तो पकड़ है और न ही प्रभाव।' गहलोत के इस दावे पर भाजपा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
पंचायती राज चुनाव की तैयारी
आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर गहलोत ने विश्वास जताया कि कांग्रेस 'भारी बहुमत' से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में जिला, ब्लॉक और राज्य स्तर पर चुनाव समितियाँ गठित की गई हैं। गहलोत के अनुसार इस संगठनात्मक तैयारी ने पूरे राजस्थान का राजनीतिक माहौल बदल दिया है। कांग्रेस एकजुट होकर यह चुनाव लड़ेगी — यह उनका दावा है।