बाड़मेर रिफाइनरी में 5 साल की देरी: गहलोत ने BJP पर साधा निशाना, लागत ₹37,000 करोड़ से बढ़कर ₹80,000 करोड़ पार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार, 26 जून को बाड़मेर रिफाइनरी परियोजना में हुई देरी को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछली BJP सरकार के कार्यकाल में यह परियोजना कथित तौर पर पाँच साल तक ठप रही, जिससे इसकी अनुमानित लागत ₹37,000 करोड़ से बढ़कर ₹80,000 करोड़ से अधिक हो गई।
मुख्य आरोप और सवाल
पत्रकारों से बातचीत में गहलोत ने सीधे पूछा कि पिछली BJP सरकार के दौरान रिफाइनरी का काम पाँच साल तक क्यों रुका रहा। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री और NDA सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। राजस्थान के लोगों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि इस लागत वृद्धि और परियोजना में देरी के कारण हुए वित्तीय नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है।'
गहलोत ने यह भी कहा कि उन्होंने अखबारों में पढ़ा कि प्रधानमंत्री बड़ी जनसभा को संबोधित करने की बजाय रिफाइनरी परिसर के भीतर एक बैठक करेंगे। उनके अनुसार, यह परियोजना राजस्थान के लिए इतनी महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि इसका भव्य सार्वजनिक उद्घाटन होना चाहिए।
परियोजना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गहलोत ने परियोजना की उत्पत्ति का श्रेय कांग्रेस सरकार को देते हुए कहा कि बाड़मेर में तेल की खोज के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार के निरंतर प्रयासों से ही रिफाइनरी निर्माण संभव हो पाया।
उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार के बीच समन्वय बनाकर रिफाइनरी कंपनी के गठन में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
राहुल गांधी के दो साल पर टिप्पणी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर गहलोत ने इस कार्यकाल को 'ऐतिहासिक' बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी किसानों, मजदूरों, युवाओं और गरीबों से जुड़े मुद्दों पर एक सशक्त आवाज बनकर उभरे हैं और संसद के अंदर तथा बाहर दोनों जगह केंद्र की नीतियों पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। गहलोत ने नीट परीक्षा विवाद पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन का नेतृत्व करने का श्रेय भी राहुल गांधी को दिया।
डोटासरा पर आरोपों को बताया बेबुनियाद
BJP नेता और राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीना द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर लगाए गए आरोपों पर गहलोत ने कहा कि ये आरोप बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोप को तथ्यों और साक्ष्यों से समर्थित होना चाहिए, और बिना प्रमाण के आरोप लगाना अस्वीकार्य है।
आगे क्या होगा
प्रधानमंत्री मोदी के बाड़मेर दौरे और रिफाइनरी से जुड़े कार्यक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हैं। गहलोत के इन सवालों ने राजस्थान की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है — लागत वृद्धि की जवाबदेही और परियोजना के उद्घाटन के स्वरूप को लेकर विपक्ष आने वाले दिनों में और मुखर होने की संभावना है।